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रामकथा का छठा दिन
Updated Thu, 07 Sep 2017 12:44 AM IST
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रामायण से मिलते है संस्कार
बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। गांव लुहसाना में चल रही श्रीराम कथा के छठे दिन श्रीराम की लीलाओं का वर्णन किया गया। कथावाचक साध्वी हेमलता मुद्गल ने कहा कि भगवान का आगमन सदैव धर्म की रक्षा के लिए हुआ है। रामायण हमें समाज के संस्कार, अच्छे-बुरे की पहचान सिखाती है। सच्ची भक्ति से ही भगवान की प्राप्ति की जा सकती है। इस दौरान राकेश महाराज, महेंद्र सिंह, जोगेंद्र प्रधान, संजय सैनी, रामनरेश, घनश्याम आदि मौजूद रहे।
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बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। गांव लुहसाना में चल रही श्रीराम कथा के छठे दिन श्रीराम की लीलाओं का वर्णन किया गया। कथावाचक साध्वी हेमलता मुद्गल ने कहा कि भगवान का आगमन सदैव धर्म की रक्षा के लिए हुआ है। रामायण हमें समाज के संस्कार, अच्छे-बुरे की पहचान सिखाती है। सच्ची भक्ति से ही भगवान की प्राप्ति की जा सकती है। इस दौरान राकेश महाराज, महेंद्र सिंह, जोगेंद्र प्रधान, संजय सैनी, रामनरेश, घनश्याम आदि मौजूद रहे।