{"_id":"59b048fe4f1c1beb7f8b4733","slug":"151504725246-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामकथा का छठा दिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामकथा का छठा दिन
Updated Thu, 07 Sep 2017 12:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामायण से मिलते है संस्कार
बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। गांव लुहसाना में चल रही श्रीराम कथा के छठे दिन श्रीराम की लीलाओं का वर्णन किया गया। कथावाचक साध्वी हेमलता मुद्गल ने कहा कि भगवान का आगमन सदैव धर्म की रक्षा के लिए हुआ है। रामायण हमें समाज के संस्कार, अच्छे-बुरे की पहचान सिखाती है। सच्ची भक्ति से ही भगवान की प्राप्ति की जा सकती है। इस दौरान राकेश महाराज, महेंद्र सिंह, जोगेंद्र प्रधान, संजय सैनी, रामनरेश, घनश्याम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। गांव लुहसाना में चल रही श्रीराम कथा के छठे दिन श्रीराम की लीलाओं का वर्णन किया गया। कथावाचक साध्वी हेमलता मुद्गल ने कहा कि भगवान का आगमन सदैव धर्म की रक्षा के लिए हुआ है। रामायण हमें समाज के संस्कार, अच्छे-बुरे की पहचान सिखाती है। सच्ची भक्ति से ही भगवान की प्राप्ति की जा सकती है। इस दौरान राकेश महाराज, महेंद्र सिंह, जोगेंद्र प्रधान, संजय सैनी, रामनरेश, घनश्याम आदि मौजूद रहे।