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शिक्षामित्रों का स्कूलों में लौटने का एलान
Updated Wed, 02 Aug 2017 01:03 AM IST
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बच्चों के भविष्य की दुहाई देकर पढ़ाएंगे शिक्षामित्र
मुजफ्फरनगर। सहायक अध्यापक पद पर समायोजन रद्द होने से नाराज शिक्षामित्रों का आंदोलन सातवें दिन समाप्त हो गया। नाराज शिक्षामित्रों ने बच्चों के भविष्य की दुहाई देकर स्कूलों में लौटने का एलान किया है। वहीं, पूर्वमंत्री योगराज सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की गलत नीतियों के कारण ही शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द हुआ है। संघर्ष की इस घड़ी में रालोद शिक्षामित्रों के साथ खड़ा है।
कलक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के बाहर शिक्षामित्र मंगलवार को धरने पर बैठे। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षामित्रों की रोजी-रोटी छीनने वाले कभी चैन से नहीं रह सकेंगे। प्रदेश सरकार की हीलाहवाली के कारण कोर्ट ने उनका समायोजन रद्द किया है। अब प्रदेश सरकार को ही उनके लिए समाधान तलाशने होंगे। धरने पर पहुंचे रालोद नेता एवं पूर्व मंत्री योगराज सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षामित्र का उत्पीड़न कर रही है। शिक्षामित्रों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस घड़ी में रालोद शिक्षामित्रों के साथ है। उधर, दोपहर बाद संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि लखनऊ में मुख्यमंत्री की शिक्षामित्रों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता हुई है। जिसमें सरकार ने कई बिंदुओं पर सहमति जता दी है। इसके बाद कलक्ट्रेट में धरना स्थगित कर विद्यालयों में लौटने का एलान किया गया। 15 दिन के लिए धरना स्थगित कर दिया गया है। इस दौरान सतेंद्र बालियान, रविंद्र, अक्षय कुमार, अनिल ठाकुर, इकलेश, पंकज शर्मा, विचित्र बालियान, अनुजवीर, गीता, वीरपाल, जयवीर, राजवीर, सोनिया त्यागी, सुषमा, गोहर खातून, बबीता, उर्मिला संगीता आदि मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर। सहायक अध्यापक पद पर समायोजन रद्द होने से नाराज शिक्षामित्रों का आंदोलन सातवें दिन समाप्त हो गया। नाराज शिक्षामित्रों ने बच्चों के भविष्य की दुहाई देकर स्कूलों में लौटने का एलान किया है। वहीं, पूर्वमंत्री योगराज सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की गलत नीतियों के कारण ही शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द हुआ है। संघर्ष की इस घड़ी में रालोद शिक्षामित्रों के साथ खड़ा है।
कलक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के बाहर शिक्षामित्र मंगलवार को धरने पर बैठे। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षामित्रों की रोजी-रोटी छीनने वाले कभी चैन से नहीं रह सकेंगे। प्रदेश सरकार की हीलाहवाली के कारण कोर्ट ने उनका समायोजन रद्द किया है। अब प्रदेश सरकार को ही उनके लिए समाधान तलाशने होंगे। धरने पर पहुंचे रालोद नेता एवं पूर्व मंत्री योगराज सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षामित्र का उत्पीड़न कर रही है। शिक्षामित्रों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस घड़ी में रालोद शिक्षामित्रों के साथ है। उधर, दोपहर बाद संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि लखनऊ में मुख्यमंत्री की शिक्षामित्रों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता हुई है। जिसमें सरकार ने कई बिंदुओं पर सहमति जता दी है। इसके बाद कलक्ट्रेट में धरना स्थगित कर विद्यालयों में लौटने का एलान किया गया। 15 दिन के लिए धरना स्थगित कर दिया गया है। इस दौरान सतेंद्र बालियान, रविंद्र, अक्षय कुमार, अनिल ठाकुर, इकलेश, पंकज शर्मा, विचित्र बालियान, अनुजवीर, गीता, वीरपाल, जयवीर, राजवीर, सोनिया त्यागी, सुषमा, गोहर खातून, बबीता, उर्मिला संगीता आदि मौजूद रहे।
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