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पाकिस्तान में मुफ्ती तकी उस्मानी पर हुआ जानलेवा हमला निंदनीय: दारुल उलूम
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देवबंद (सहारनपुर)। न्यूजीलैंड की मस्जिदों में हमला कर 50 नमाजियों का कत्लेआम किए जाने और ब्रिटेन की मस्जिदों में हमला करने के बाद अब पाकिस्तान में इस्लामिक शरिया कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन मुफ्ती तकी उस्मानी पर हुए कातिलाना हमले की दारुल उलूम के मोहतमिम सहित देवबंदी उलमा ने कड़ी निंदा की है।
दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने मुफ्ती तकी उस्मानी पर हुए जानलेवा हमला की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि मीडिया के माध्यम से जब उन्हें यह खबर मिली की मुफ्ती तकी पर जानलेवा हमला किया गया है तो वह एक बार तो सकते में आ गए, लेकिन जानकारी हासिल करने पर पता चला कि उन्हें हमले में कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। उन पर जानलेवा हमला किया जाना निंदनीय है। दारुल उलूम जकरिया के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती शरीफ खान कासमी का कहना है कि कोई जहनी मरीज (मानसिक रोगी) ही इस तरह की वारदात को अंजाम दे सकता है। उन्होंने कहा कि यह मजहब-ए-इस्लाम के खिलाफ कोई बहुत बड़ी घिनौनी साजिश रची जा रही है। क्योंकि हाल ही में न्यूजीलैंड और ब्रिटेन की मस्जिदों में हमला किया गया है। इससे यह संभावना बन जाती है कि सभी घटनाएं एक दूसरे से जुड़ी हो सकती हैं। इसलिए सरकारों और जांच एजेंसियों को निष्पक्ष तरीके से जांच करनी चाहिए। बता दें मौलाना मुफ्ती तकी उस्मानी का जन्म 3 अक्तूबर 1943 को देवबंद में हुआ था। जिनके बहुत से रिश्तेदार आज भी यहीं पर बसे हुए हैं। मुफ्ती तकी उस्मानी समय समय पर देवबंद आते रहते हैं।
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दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने मुफ्ती तकी उस्मानी पर हुए जानलेवा हमला की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि मीडिया के माध्यम से जब उन्हें यह खबर मिली की मुफ्ती तकी पर जानलेवा हमला किया गया है तो वह एक बार तो सकते में आ गए, लेकिन जानकारी हासिल करने पर पता चला कि उन्हें हमले में कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। उन पर जानलेवा हमला किया जाना निंदनीय है। दारुल उलूम जकरिया के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती शरीफ खान कासमी का कहना है कि कोई जहनी मरीज (मानसिक रोगी) ही इस तरह की वारदात को अंजाम दे सकता है। उन्होंने कहा कि यह मजहब-ए-इस्लाम के खिलाफ कोई बहुत बड़ी घिनौनी साजिश रची जा रही है। क्योंकि हाल ही में न्यूजीलैंड और ब्रिटेन की मस्जिदों में हमला किया गया है। इससे यह संभावना बन जाती है कि सभी घटनाएं एक दूसरे से जुड़ी हो सकती हैं। इसलिए सरकारों और जांच एजेंसियों को निष्पक्ष तरीके से जांच करनी चाहिए। बता दें मौलाना मुफ्ती तकी उस्मानी का जन्म 3 अक्तूबर 1943 को देवबंद में हुआ था। जिनके बहुत से रिश्तेदार आज भी यहीं पर बसे हुए हैं। मुफ्ती तकी उस्मानी समय समय पर देवबंद आते रहते हैं।
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