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पत्नी में हत्या में पति को उम्र कैद
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हत्यारे पति को आजीवन कारावास
मुजफ्फरनगर। अदालत ने पत्नी की हत्या करने के जुर्म में पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस केस में सास-ससुर और पति की भांजी को साक्ष्यों के अभाव में बरी किया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार बुढ़ाना कोतवाली पर बागपत जिले के बिनौली थाना क्षेत्र के गांव आरिफपुर खेड़ी के जय भगवान पुत्र साहब सिंह ने 22 मार्च 2014 को मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी बहन रीता की शादी 12 मार्च 2003 को विकास पुत्र राजवीर निवासी मास्टर कालोनी बुढ़ाना के साथ हुई थी। रीता के ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर उसका उत्पीड़न करते थे। घटना के दिन रीता के पति विकास, सास सुरेश बाला, ससुर राजवीर व विकास की भांजी शिवानी ने मिल कर रीता की गला रेत कर हत्या कर दी। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शबिस्ता आकिल की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या- 4 में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनोद बालियान ने कोर्ट में दस गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए मृतका रीता के पति विकास को दोषी करार देते आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। अदालत ने इस मुकदमे के सह अभियुक्त ससुर राजवीर, सास सुरेश बाला और भांजी शिवानी को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।
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मुजफ्फरनगर। अदालत ने पत्नी की हत्या करने के जुर्म में पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस केस में सास-ससुर और पति की भांजी को साक्ष्यों के अभाव में बरी किया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार बुढ़ाना कोतवाली पर बागपत जिले के बिनौली थाना क्षेत्र के गांव आरिफपुर खेड़ी के जय भगवान पुत्र साहब सिंह ने 22 मार्च 2014 को मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी बहन रीता की शादी 12 मार्च 2003 को विकास पुत्र राजवीर निवासी मास्टर कालोनी बुढ़ाना के साथ हुई थी। रीता के ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर उसका उत्पीड़न करते थे। घटना के दिन रीता के पति विकास, सास सुरेश बाला, ससुर राजवीर व विकास की भांजी शिवानी ने मिल कर रीता की गला रेत कर हत्या कर दी। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शबिस्ता आकिल की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या- 4 में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनोद बालियान ने कोर्ट में दस गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए मृतका रीता के पति विकास को दोषी करार देते आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। अदालत ने इस मुकदमे के सह अभियुक्त ससुर राजवीर, सास सुरेश बाला और भांजी शिवानी को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।
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