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डस्टबिन का पता नहीं, सड़कों पर डालते हैं कूड़ा

Sat, 19 Jan 2019 11:58 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 19 Jan 2019 11:58 PM IST
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डस्टबिन का पता नहीं, सड़कों पर डालते हैं कूड़ा
डस्टबिन का पता नहीं, सड़कों पर डालते हैं कूड़ा
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मुजफ्फरनगर। स्वच्छता सर्वेक्षण में स्थान पाने को प्रयास कर रही मुजफ्फरनगर पालिका की स्थिति बेहद खराब है। सर्वेक्षण के प्राथमिक बिंदुओं पर ही पालिका की व्यवस्थाएं कहीं नहीं ठहरतीं। शनिवार को अमर उजाला टीम ने वार्ड 18 का जायजा लिया तो पूरे वार्ड में एक भी डस्टबिन नहीं मिला। कूड़ा सड़कों के किनारे पड़ा रहता है या नाले में भर दिया जाता है। नतीजा यह कि नाले कूड़े और गोबर से अटे पड़े हैं।
नगर पालिका के वार्ड 18 की आबादी करीब सात हजार है। यह वार्ड नावल्टी चौक से साकेत तक फैला है। ब्रह्मपुरी में अंसारी रोड तक, सरवट उत्तरी का इंडिया मोहल्ला इसी के तहत आता है। घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में दालमंडी और लोहिया बाजार भी है। रोजाना कई टन कूड़ा निकलता है, लेकिन इसे एकत्र करने के लिए पूरे वार्ड में कहीं भी डस्टबिन नहीं दिखाई दिए। स्थानीय निवासी खलील अहमद का कहना है कि घरों और दुकानों से निकालकर कूड़ा सड़क के किनारे डाल दिया जाता है। यहीं से रेहड़े वाला सफाई कर्मचारी उठाकर ले जाता है। कुछ स्थानों से घरों से कूड़ा कलेक्शन होता है, लेकिन सूखे और गीले कूड़े को अलग करने का बंदोबस्त नहीं है।
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नालियों में भर देते हैं कूड़ा
स्वच्छ सर्वेक्षण में नागरिकों की जागरूकता को भी परखा जाना है, लेकिन लोग जागरूक नहीं है। दुकानों से निकलने वाले कूड़े को नालियों में भर दिया जाता है। इसके अलावा कई डेयरियां संचालित हैं। इनसे गोबर बहकर नाले में आता है। वार्ड के अधिकांश नाले बंद पड़े हुए हैं। ब्रह्मपुरी निवासी अतुल कुमार का कहना है कि बरसात में जलभराव से दो-चार होना पड़ता है।
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इन्होंने कहा...
सफाई तो होती है, लेकिन कूड़ा उठाने की व्यवस्था लचर है। गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग नहीं किया जाता और न ही उनसे इस तरह कूड़ा एकत्र करने के लिए कहा जाता है।
- प्रदीप सैनी, ब्रह्मपुरी।
साफ-सफाई के लिए वह स्वयं पर निर्भर हैं। आसपास में कोई डस्टबिन नहीं लगा हुआ है। कूड़ा कलेक्शन के लिए पालिका का सफाई कर्मचारी आता तो है, लेकिन गीला-सूखा कूड़ा अलग नहीं किया जाता।
- कुसुम लता, ब्रह्मपुरी।
पूरे वार्ड में कहीं भी डस्टबिन नहीं रखे हुए हैं। सड़कों के किनारे ही कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। यह कूड़ा नालों में भरता रहता है। इससे नालों की जलनिकासी ठप हो जाती है।
- विजय कुमार, वार्ड 18।
लोगों को भी जागरूक होना होगा। अक्सर देखा गया है कि लोग दुकानों और घरों से निकलने वाला कूड़ा नाले में डाल देते हैं। इससे गंदगी और फैलती है। इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
- माजिद सिद्दीकी, वार्ड 18।
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वार्ड में 20 सफाई कर्मचारी काम करते हैं। नगर पालिका की ओर से कहीं पर भी कोई डस्टबिन नहीं लगाया गया है। इससे कूड़ा सड़कों के किनारे ही जमा होता है। उन्होंने दस डस्टबिन लगवाने के लिए बात की है। वह साफ-सफाई के लिए अपने स्तर से लोगों को जागरूक करती हैं। बाजारों को छोड़ दें तो रिहायशी क्षेत्र में साफ-सफाई की व्यवस्था अच्छी है।

- रानी सक्सेना, सभासद, वार्ड 18।
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नगर में 500 डस्टबिन लगाए जाने हैं। इन्हें फिक्स कराने का टेंडर हुआ है। जल्द ही यह टेंडर खुल जाएगा और काम शुरू हो जाएगा। इसके बाद डस्टबिन लगाने का काम शुरू हो जाएगा।
- डा. आरएस राठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर पालिका।
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