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इतिहास गवाह है शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाता-सिरोही
Updated Thu, 18 Oct 2018 12:24 AM IST
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मोरना (मुजफ्फरनगर) । दिल्ली पुलिस के शहीद सिपाही विनोद कुमार के शहीदी दिवस को लेकर आयोजित कार्यक्रम में जिला बिजनौर से पधारे मंडलीय प्रबंधक इंश्योरेंश संजय सिरोही ने कहा कि देश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जो जवान अपनी प्राणों का बलिदान करता है, वह सदा के लिए अमर हो जाता है। शहीद के परिवार का सम्मान करना हमारा नैतिक कर्तव्य है। इतिहास गवाह है शहीदों का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाता है।
किसान इंटर कालेज में दिल्ली सरकार के आह्वान पर शहीद विनोद कुमार का शहीदी दिवस मनाया गया। बता दें कि मोरना क्षेत्र के गांव अथाई में किसान परिवार चौधरी किरण सिंह के यहां 29 जून 1969 को विनोद कुमार का जन्म हुआ। युवा अवस्था में वह 29 अगस्त 1988 को दिल्ली पुलिस में आरक्षी के पद पर नियुक्ति मिली थी। 28 दिसंबर 2013 को बसंत बिहार, दिल्ली में अपने साथी शोकिंद्र के साथ तस्करों से मुठभेड़ के दौरान सिपाही विनोद कुमार शहीद हो गए थे। कार्यक्रम में सीओ राममोहन शर्मा, वैटनरी डीन डा. यशपाल सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य प्रहलाद सिंह, समाजसेवी महेंद्र राठी, थाना प्रभारी ककरौली जितेंद्र अंबावत, मनोज कुमार, पूर्व सभासद गजेंद्र पाल, संख्या सिरोही आदि ने विचार प्रकट कर शहीद विनोद कुमार के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। शहीद पति की फोटो देख पत्नी सविता, बेटी आयुषी, दामाद अभिषेक, भाई अशोक की आंखें नम हो गईं। संचालन प्रधानाचार्य यशपाल सिंह ने किया तथा अध्यक्षता अरुण कुमार ने की।
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किसान इंटर कालेज में दिल्ली सरकार के आह्वान पर शहीद विनोद कुमार का शहीदी दिवस मनाया गया। बता दें कि मोरना क्षेत्र के गांव अथाई में किसान परिवार चौधरी किरण सिंह के यहां 29 जून 1969 को विनोद कुमार का जन्म हुआ। युवा अवस्था में वह 29 अगस्त 1988 को दिल्ली पुलिस में आरक्षी के पद पर नियुक्ति मिली थी। 28 दिसंबर 2013 को बसंत बिहार, दिल्ली में अपने साथी शोकिंद्र के साथ तस्करों से मुठभेड़ के दौरान सिपाही विनोद कुमार शहीद हो गए थे। कार्यक्रम में सीओ राममोहन शर्मा, वैटनरी डीन डा. यशपाल सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य प्रहलाद सिंह, समाजसेवी महेंद्र राठी, थाना प्रभारी ककरौली जितेंद्र अंबावत, मनोज कुमार, पूर्व सभासद गजेंद्र पाल, संख्या सिरोही आदि ने विचार प्रकट कर शहीद विनोद कुमार के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। शहीद पति की फोटो देख पत्नी सविता, बेटी आयुषी, दामाद अभिषेक, भाई अशोक की आंखें नम हो गईं। संचालन प्रधानाचार्य यशपाल सिंह ने किया तथा अध्यक्षता अरुण कुमार ने की।
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