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जिले में वायरल फीवर का प्रकोप
Updated Sat, 08 Sep 2018 12:08 AM IST
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मुजफ्फरनगर। जिले में एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश के चलते तापमान में गिरावट और आर्द्रता के बढ़ जाने के साथ ही वायरल फीवर का खतरा भी बढ़ गया है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचने वाले मरीजों में अचानक वृद्धि हो गई है। निजी चिकित्सकों के यहां भी मरीजों की भारी भीड़ है। जिला चिकित्सालय में मरीजों को दवाईयों को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बरसात के बीच संक्रामक बीमारियां स्वयं शुरू हो जाती हैं। लगातार बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से तो राहत मिली है, लेकिन अचानक वायरल फीवर बढ़ गया है। लोग तेजी के साथ वायरल की चपेट में आ रहे हैं। बुखार के साथ नजला, जुकाम, खांसी, उल्टी और दस्त से लोग सबसे ज्यादा परेशान है। बीमारियों की चपेट में सबसे ज्यादा बच्चे आ रहे हैं। सरकारी अस्पताल हो या निजी चिकित्सालय सभी जगह मरीजों में अचानक बढ़ गई है। फिजिशियन और बच्चों के डाक्टर के पास तो मरीजों की लंबी लाइन लगी मिली। अचानक बढ़ी बीमारी को लेकर सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा का कहना है कि मौसम में बदलाव के कारण वेक्टर जनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। जिले के सभी चिकित्सालयों में बीमारी से निपटने के लिए व्यवस्था की गई है। समस्त सीएचसी और पीएचसी पर दवा और डाक्टर उपलब्ध है। आम आदमी को थोड़ा सचेत रहने की आवश्यकता है। अपने आसपास पानी एकत्र न होने दे। अपने घर में कूलर, पक्षियों के पानी के लिए रखे बर्तन आदि में पानी एकत्र न होने दे। एकत्र पानी को निकाल दें। खान-पान और शुद्धता पर ध्यान दें।
शहर में बच्चों के डाक्टरों के यहां लंबी लाईन
मुजफ्फरनगर। जिला अस्पताल के साथ शहर में बच्चों के सभी डाक्टरों के यहां भारी भीड़ है। बच्चों के डाक्टरों के यहां नाम लिखवाने को लेकर ही मारामारी है। नंबर के लिए पूरे दिन इंतजार करने की स्थिति है। कुछ डाक्टर तो ऐसे है जहां अगले दिन नंबर आ रहा है। जिनके बच्चे अधिक बीमार हैं उन्हें इमरजेंसी फीस में बच्चों को दिखाना पड़ रहा है।
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मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई
मुजफ्फरनगर। शहर के प्रमुख फिजिशियन डॉ सुशील राजवंशी का कहना है कि वायरल फीवर में अचानक वृद्धि हो गई है। मौसम परिवर्तन के कारण ऐसा हुआ है। इस बार डेंगू के मरीज नहीं है। बुखार के साथ नजला, जुकाम, खांसी, उल्टी-दस्त के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। बीमारी से बचने के लिए शुद्ध पानी, शुद्ध भोजन और स्वच्छता पर ध्यान देना होगा।
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बरसात के बीच संक्रामक बीमारियां स्वयं शुरू हो जाती हैं। लगातार बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से तो राहत मिली है, लेकिन अचानक वायरल फीवर बढ़ गया है। लोग तेजी के साथ वायरल की चपेट में आ रहे हैं। बुखार के साथ नजला, जुकाम, खांसी, उल्टी और दस्त से लोग सबसे ज्यादा परेशान है। बीमारियों की चपेट में सबसे ज्यादा बच्चे आ रहे हैं। सरकारी अस्पताल हो या निजी चिकित्सालय सभी जगह मरीजों में अचानक बढ़ गई है। फिजिशियन और बच्चों के डाक्टर के पास तो मरीजों की लंबी लाइन लगी मिली। अचानक बढ़ी बीमारी को लेकर सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा का कहना है कि मौसम में बदलाव के कारण वेक्टर जनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। जिले के सभी चिकित्सालयों में बीमारी से निपटने के लिए व्यवस्था की गई है। समस्त सीएचसी और पीएचसी पर दवा और डाक्टर उपलब्ध है। आम आदमी को थोड़ा सचेत रहने की आवश्यकता है। अपने आसपास पानी एकत्र न होने दे। अपने घर में कूलर, पक्षियों के पानी के लिए रखे बर्तन आदि में पानी एकत्र न होने दे। एकत्र पानी को निकाल दें। खान-पान और शुद्धता पर ध्यान दें।
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शहर में बच्चों के डाक्टरों के यहां लंबी लाईन
मुजफ्फरनगर। जिला अस्पताल के साथ शहर में बच्चों के सभी डाक्टरों के यहां भारी भीड़ है। बच्चों के डाक्टरों के यहां नाम लिखवाने को लेकर ही मारामारी है। नंबर के लिए पूरे दिन इंतजार करने की स्थिति है। कुछ डाक्टर तो ऐसे है जहां अगले दिन नंबर आ रहा है। जिनके बच्चे अधिक बीमार हैं उन्हें इमरजेंसी फीस में बच्चों को दिखाना पड़ रहा है।
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मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई
मुजफ्फरनगर। शहर के प्रमुख फिजिशियन डॉ सुशील राजवंशी का कहना है कि वायरल फीवर में अचानक वृद्धि हो गई है। मौसम परिवर्तन के कारण ऐसा हुआ है। इस बार डेंगू के मरीज नहीं है। बुखार के साथ नजला, जुकाम, खांसी, उल्टी-दस्त के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। बीमारी से बचने के लिए शुद्ध पानी, शुद्ध भोजन और स्वच्छता पर ध्यान देना होगा।