{"_id":"5abd26624f1c1ba8618b45d8","slug":"141522345570-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदूषण पर एनजीटी खफा, अफसर हैरान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदूषण पर एनजीटी खफा, अफसर हैरान
Updated Thu, 29 Mar 2018 11:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदूषण पर एनजीटी खफा, अफसर हैरान
मुजफ्फरनगर। नेशनल कैपिटल रेंज (एनसीआर) में बढ़ते प्रदूषण को लेकर एनजीटी खफा है, जबकि पुराने वाहनों पर चुनौती बनी कार्रवाई से अफसर हैरान हैं। प्रदूषण की मात्रा मापने के लिए शहर में एंबाइंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग मशीन लगी है, जिनके रिकार्ड से स्थिति चौंका रही है। हवा में लगातार प्रदूषण की वृद्धि दर्ज की जा रही है। ट्रैक्टर पर कार्रवाई से किसान आक्रोशित हैं।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने डेढ़ साल पहले आदेश जारी कर 10 वर्ष पुराने डीजल, 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहनों के संचालन पर रोक लगाई थी। यह पाबंदी एनसीआर में आने वाले जनपदों में तत्काल प्रभाव से लागू की गई। आदेश आने पर जिले में भी पुराने वाहनों की छानबीन प्रारंभ की गई, जिसके बाद जिले में बड़ी संख्या में ऐसे वाहन निकले, जो प्रदूषण बढ़ा रहे थे। इनके संचालन पर रोक की कोशिश तो की गई, लेकिन असल कार्रवाई अभी तक ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है। अब एनजीटी ने वाहनों पर की गई कार्रवाई का ब्योरा तलब किया तो अफसरों में खलबली मच गई है। एआरटीओ स्तर से जांच में 40 हजार से अधिक वाहन नियमों की जद में आए हैं। इनमें बस, कार, ट्रक के साथ ट्रैक्टर आदि भी शामिल है। जिला कृषि क्षेत्र का बड़ा हब है। ऐसे में यहां पर ट्रैक्टरों पर कार्रवाई होने से किसान भड़क गए हैं। इसके चलते अफसर कार्रवाई करने से बच रहे हैं। एआरटीओ प्रशासन राजीव कुमार बंसल ने बताया कि एनजीटी के आदेश पर जो वाहन नियम की जद में आए थे, उन्हें दूसरे जनपदों के लिए एनओसी दी गई है। जनपद में लगभग 40 हजार से ज्यादा वाहन संचालन के लिए खरे नहीं है।
ऑनलाइन देखा जाएगा प्रदूषण
मुजफ्फरनगर। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ स्थानीय अफसरों की हीलाहवाली को खत्म करने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ऑनलाइन प्रदूषण देखने की योजना बनाई है। इसके लिए शहर में एंबाइंट एयर क्वालिटी मनिटरिंग मशीन लगाई जाएगी, ताकि प्रदूषण की रोकथाम पर हो रहे कार्य का हवा में मिलने जहरीले कणों से पता लगाया जा सके।
विज्ञापन
वाहनों का प्रदूषण नहीं मालूम
मुजफ्फरनगर। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि जनपद या क्षेत्र में वाहनों से कितना प्रदूषण फैल रहा है। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जांच नहीं करता है। वाहनों पर कार्रवाई और उनके प्रदूषण की जांच के लिए एआरटीओ विभाग जिम्मेदार होता है।
------------------
जिले में पुराने वाहनों की स्थिति
वाहन------------संख्या
कार-------------7354
ट्रक--------------2094
बस---------------784
जीप---------------421
वैन----------------128
बाइक--------------32768
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। नेशनल कैपिटल रेंज (एनसीआर) में बढ़ते प्रदूषण को लेकर एनजीटी खफा है, जबकि पुराने वाहनों पर चुनौती बनी कार्रवाई से अफसर हैरान हैं। प्रदूषण की मात्रा मापने के लिए शहर में एंबाइंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग मशीन लगी है, जिनके रिकार्ड से स्थिति चौंका रही है। हवा में लगातार प्रदूषण की वृद्धि दर्ज की जा रही है। ट्रैक्टर पर कार्रवाई से किसान आक्रोशित हैं।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने डेढ़ साल पहले आदेश जारी कर 10 वर्ष पुराने डीजल, 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहनों के संचालन पर रोक लगाई थी। यह पाबंदी एनसीआर में आने वाले जनपदों में तत्काल प्रभाव से लागू की गई। आदेश आने पर जिले में भी पुराने वाहनों की छानबीन प्रारंभ की गई, जिसके बाद जिले में बड़ी संख्या में ऐसे वाहन निकले, जो प्रदूषण बढ़ा रहे थे। इनके संचालन पर रोक की कोशिश तो की गई, लेकिन असल कार्रवाई अभी तक ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है। अब एनजीटी ने वाहनों पर की गई कार्रवाई का ब्योरा तलब किया तो अफसरों में खलबली मच गई है। एआरटीओ स्तर से जांच में 40 हजार से अधिक वाहन नियमों की जद में आए हैं। इनमें बस, कार, ट्रक के साथ ट्रैक्टर आदि भी शामिल है। जिला कृषि क्षेत्र का बड़ा हब है। ऐसे में यहां पर ट्रैक्टरों पर कार्रवाई होने से किसान भड़क गए हैं। इसके चलते अफसर कार्रवाई करने से बच रहे हैं। एआरटीओ प्रशासन राजीव कुमार बंसल ने बताया कि एनजीटी के आदेश पर जो वाहन नियम की जद में आए थे, उन्हें दूसरे जनपदों के लिए एनओसी दी गई है। जनपद में लगभग 40 हजार से ज्यादा वाहन संचालन के लिए खरे नहीं है।
विज्ञापन
ऑनलाइन देखा जाएगा प्रदूषण
मुजफ्फरनगर। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ स्थानीय अफसरों की हीलाहवाली को खत्म करने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ऑनलाइन प्रदूषण देखने की योजना बनाई है। इसके लिए शहर में एंबाइंट एयर क्वालिटी मनिटरिंग मशीन लगाई जाएगी, ताकि प्रदूषण की रोकथाम पर हो रहे कार्य का हवा में मिलने जहरीले कणों से पता लगाया जा सके।
विज्ञापन
वाहनों का प्रदूषण नहीं मालूम
मुजफ्फरनगर। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि जनपद या क्षेत्र में वाहनों से कितना प्रदूषण फैल रहा है। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जांच नहीं करता है। वाहनों पर कार्रवाई और उनके प्रदूषण की जांच के लिए एआरटीओ विभाग जिम्मेदार होता है।
------------------
जिले में पुराने वाहनों की स्थिति
वाहन------------संख्या
कार-------------7354
ट्रक--------------2094
बस---------------784
जीप---------------421
वैन----------------128
बाइक--------------32768