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बाढ़ को देखते हुए दस चौकियां स्थापित
Updated Fri, 21 Jul 2017 01:27 AM IST
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बाढ़ को देखते हुए दस चौकियां स्थापित
मुजफ्फरनगर। पहाड़ों में लगातार वर्षा के कारण गंगा खादर के गांवों में बाढ़ का खतरा बन गया है। गंगा और सोलानी नदी में लगातार पानी बढ़ रहा है। डीएम जीएस प्रियदर्शी ने जिले में दस बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है। बाढ़ चौकियों पर कर्मचारी और अधिकारी तैनात कर दिए गए हैं।
डीएम जीएस प्रियदर्शी ने बताया उत्तराखंड की पहाड़ी नदियों से अत्यधिक मात्रा में पानी आ जाने से तहसील जानसठ के 56 और तहसील सदर के 31 गांव प्रभावित होते हैं। जिले में बाढ़ की संभावना को देखते हुए दस बाढ़ चौकियां और पांच राहत केंद्र स्थापित किए गए हैं। राहत केंद्रों पर विस्थापितों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। बाढ़ चौकी सदर तहसील के शेरपुर खादर गांव में बनाई गई है। यहां सोलानी नदी के कारण बाढ़ के हालात बनते हैं। नायब तहसीलदार राकेश वर्मा के नेतृत्व में यहां टीम का गठन किया गया है। सोलानी नदी के क्षेत्र में ही जानसठ तहसील के गांव मजलिसपुर तौफीर में बाढ़ चौकी बनाई गई है। यहां एडीओ सांख्यिकी चंद्रप्रकाश के नेतृत्व में टीम गठित की गई है।
जानसठ तहसील में ही शुक्रताल डाक बंगले पर बाढ़ चौकी बनाई गई है। यहां ग्राम पंचायत अधिकारी अनंगपाल के नेतृत्व में टीम लगाई गई है। जानसठ तहसील के जलालपुर नीला बाढ़ चौकी पर एडीओ कृषि रामकिशोर के नेतृत्व में टीम लगाई गई है। जानसठ तहसील के ही केलापुर जसमोर एडीओ सुधीर बालियान के नेतृत्व में, रामराज में एडीओ बालेश्वर के नेतृत्व में, बुढाना, डूंगर और अटाली में राजस्व निरीक्षक चुन्नीलाल के नेतृत्व में खतौली में नितिन कुमार के नेतृत्व में बाढ़ चौकी पर टीम गठित की गई है। इसके अलावा झबरपुर, रामराज, भौकरहेडी, बुढाना और खतौली में राहत केंद्र स्थापित किए गए हैं।
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मुजफ्फरनगर। पहाड़ों में लगातार वर्षा के कारण गंगा खादर के गांवों में बाढ़ का खतरा बन गया है। गंगा और सोलानी नदी में लगातार पानी बढ़ रहा है। डीएम जीएस प्रियदर्शी ने जिले में दस बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है। बाढ़ चौकियों पर कर्मचारी और अधिकारी तैनात कर दिए गए हैं।
डीएम जीएस प्रियदर्शी ने बताया उत्तराखंड की पहाड़ी नदियों से अत्यधिक मात्रा में पानी आ जाने से तहसील जानसठ के 56 और तहसील सदर के 31 गांव प्रभावित होते हैं। जिले में बाढ़ की संभावना को देखते हुए दस बाढ़ चौकियां और पांच राहत केंद्र स्थापित किए गए हैं। राहत केंद्रों पर विस्थापितों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। बाढ़ चौकी सदर तहसील के शेरपुर खादर गांव में बनाई गई है। यहां सोलानी नदी के कारण बाढ़ के हालात बनते हैं। नायब तहसीलदार राकेश वर्मा के नेतृत्व में यहां टीम का गठन किया गया है। सोलानी नदी के क्षेत्र में ही जानसठ तहसील के गांव मजलिसपुर तौफीर में बाढ़ चौकी बनाई गई है। यहां एडीओ सांख्यिकी चंद्रप्रकाश के नेतृत्व में टीम गठित की गई है।
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जानसठ तहसील में ही शुक्रताल डाक बंगले पर बाढ़ चौकी बनाई गई है। यहां ग्राम पंचायत अधिकारी अनंगपाल के नेतृत्व में टीम लगाई गई है। जानसठ तहसील के जलालपुर नीला बाढ़ चौकी पर एडीओ कृषि रामकिशोर के नेतृत्व में टीम लगाई गई है। जानसठ तहसील के ही केलापुर जसमोर एडीओ सुधीर बालियान के नेतृत्व में, रामराज में एडीओ बालेश्वर के नेतृत्व में, बुढाना, डूंगर और अटाली में राजस्व निरीक्षक चुन्नीलाल के नेतृत्व में खतौली में नितिन कुमार के नेतृत्व में बाढ़ चौकी पर टीम गठित की गई है। इसके अलावा झबरपुर, रामराज, भौकरहेडी, बुढाना और खतौली में राहत केंद्र स्थापित किए गए हैं।
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