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‘मदारिस-ए-इस्लामिया इमान और इस्लाम की हिफाजत की जमानत’
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देवबंद (सहारनपुर)। मदनी दारुल उलूम में वार्षिक समारोह धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में उलमा ने कुरआन पाक हिफ्ज करने वाले छात्रों की दस्तारबंदी की। इस दौरान छात्रों ने विभिन्न कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी।
शुक्रवार को देवबंद-गंगोह बाईपास स्थित मदनी दारुल उलूम में आयोजित वार्षिक समारोह की अध्यक्षता कर रहे ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन दिल्ली के अध्यक्ष मौलाना डा. उमैर इलियासी ने कहा कि मदारिस-ए-इस्लामिया दीन के मजबूत किले हैं और वक्त की अहम जरूरत हैं। यही मदारिस हमारे इमान और इस्लाम की हिफाजत की जमानत है। मदारिस की बदौलत आज हमारी इमानी पहचान बाकी है। इस्लाम न मिटने वाला मजहब है। उन्होंने कहा कि मदारिस की हिफाजत करना तमाम हिंदुस्तानी मुसलमानों की जिम्मेदारी है। मौलाना इलियासी कैरानवी, मुफ्ती शोएब, मौलाना कारी इब्राहीम कासमी, मौलाना सालिम अशरफ कासमी, मौलाना मो. इसराइल, मुफ्ती मंसूर हुसैन ने विचार रखते हुए इदारे की स्थापना को वक्त की अहम जरूरत बताया। कार्यक्रम में मौलाना उमैर इलियासी, मौलाना हन्नान समेत अन्य उलमा ने कुरआन पाक हिफ्ज (कंठस्थ) करने वाले छात्रों की दस्तारबंदी की। इस दौरान छात्रों ने विभिन्न कार्यक्रम पेश किए। संस्था के शिक्षा प्रभारी कारी दिलशाद ने वार्षिक रिपोर्ट पेश की। तिलावत-ए-कलाम पाक दारुल उलूम के उस्ताद कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने की। अंत में मदरसा संस्थापक कारी वलीउल्लाह कासमी ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य व मुल्क में अमनो अमान के लिए दुआ कराई। इस मौके पर मौलाना हन्नान, मौलाना मुस्तकीम अहमद, मौलाना इस्माइल थानवी, कारी सईद, कारी सलीम, कारी तराबुद्दीन, कारी अतहर, चौधरी लियाकत, मौलवी तसव्वुर हुसैन, मुफ्ती हसीन अहमद, कारी दीन मोहम्मद, कारी जुबैर, कारी अब्दुल रहमान, हाफिज हिफजुर्रहमान आदि मौजूद रहे।
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शुक्रवार को देवबंद-गंगोह बाईपास स्थित मदनी दारुल उलूम में आयोजित वार्षिक समारोह की अध्यक्षता कर रहे ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन दिल्ली के अध्यक्ष मौलाना डा. उमैर इलियासी ने कहा कि मदारिस-ए-इस्लामिया दीन के मजबूत किले हैं और वक्त की अहम जरूरत हैं। यही मदारिस हमारे इमान और इस्लाम की हिफाजत की जमानत है। मदारिस की बदौलत आज हमारी इमानी पहचान बाकी है। इस्लाम न मिटने वाला मजहब है। उन्होंने कहा कि मदारिस की हिफाजत करना तमाम हिंदुस्तानी मुसलमानों की जिम्मेदारी है। मौलाना इलियासी कैरानवी, मुफ्ती शोएब, मौलाना कारी इब्राहीम कासमी, मौलाना सालिम अशरफ कासमी, मौलाना मो. इसराइल, मुफ्ती मंसूर हुसैन ने विचार रखते हुए इदारे की स्थापना को वक्त की अहम जरूरत बताया। कार्यक्रम में मौलाना उमैर इलियासी, मौलाना हन्नान समेत अन्य उलमा ने कुरआन पाक हिफ्ज (कंठस्थ) करने वाले छात्रों की दस्तारबंदी की। इस दौरान छात्रों ने विभिन्न कार्यक्रम पेश किए। संस्था के शिक्षा प्रभारी कारी दिलशाद ने वार्षिक रिपोर्ट पेश की। तिलावत-ए-कलाम पाक दारुल उलूम के उस्ताद कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने की। अंत में मदरसा संस्थापक कारी वलीउल्लाह कासमी ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य व मुल्क में अमनो अमान के लिए दुआ कराई। इस मौके पर मौलाना हन्नान, मौलाना मुस्तकीम अहमद, मौलाना इस्माइल थानवी, कारी सईद, कारी सलीम, कारी तराबुद्दीन, कारी अतहर, चौधरी लियाकत, मौलवी तसव्वुर हुसैन, मुफ्ती हसीन अहमद, कारी दीन मोहम्मद, कारी जुबैर, कारी अब्दुल रहमान, हाफिज हिफजुर्रहमान आदि मौजूद रहे।
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