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ृरु गोविंद सिंह के शहीद पुत्रों को पाठ्यक्रम में शामिल करें
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मुजफ्फरनगर। पंचायती गुरुद्वारा पंचदरा समिति ने मुख्यमंत्री के नाम डीएम को दिए ज्ञापन में कहा कि सिक्खों के दसवें गुुरु गोविंद सिंह चार पुत्रों बलिदान देश भूल नहीं सकता। धर्म और देश के लिए अपने पुत्रों को बलिदान कर दिया। इतिहास की इस घटना को प्रदेश सरकार यूपी बोर्ड की किताबों में शामिल करे। बाल दिवस को इन चार साहिबजादों के नाम से मनाया जाए।
ज्ञापन में कहा गया कि 21 से 29 दिसंबर को सिख समाज पूरे विश्व में शहीदी सप्ताह के रुप में मनाता है। हिंदुस्तान में इस तरह शहीद होने की घटना इससे पहले नहीं है। मांग की गई है कि बाल दिवस को देश और प्रदेश में इन चारो साहिबजादों के नाम से मनाया जाए। सरवंश दानी गुरु गोविंद सिंह महाराज के पूरे परिवार का इतिहास बच्चों को यूपीबोर्ड की किताबों में पढ़ाया जाए। 27 दिसंबर को प्रत्येक वर्ष सभी कक्षाओं में बच्चों को चार साहिबजादों एवं माता गुजरी की शहीदी के बारे में शहीद दिवस पर विशेष तौर पर पढ़ाया जाए। सतनाम सिंह हंसपाल, अशोक बाठला, प्रतिपाल सिंह कथूरिया, बलविंद्र सिंह, राजेंद्र काटी, राजकुमार कालरा, सुरजीत सिंह, सुभाष साहनी, सुरेंद्र वर्मा, अमरदीप सिंह काका, सुरजीत सिंह, विपुल आदि मौजूद रहे।
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ज्ञापन में कहा गया कि 21 से 29 दिसंबर को सिख समाज पूरे विश्व में शहीदी सप्ताह के रुप में मनाता है। हिंदुस्तान में इस तरह शहीद होने की घटना इससे पहले नहीं है। मांग की गई है कि बाल दिवस को देश और प्रदेश में इन चारो साहिबजादों के नाम से मनाया जाए। सरवंश दानी गुरु गोविंद सिंह महाराज के पूरे परिवार का इतिहास बच्चों को यूपीबोर्ड की किताबों में पढ़ाया जाए। 27 दिसंबर को प्रत्येक वर्ष सभी कक्षाओं में बच्चों को चार साहिबजादों एवं माता गुजरी की शहीदी के बारे में शहीद दिवस पर विशेष तौर पर पढ़ाया जाए। सतनाम सिंह हंसपाल, अशोक बाठला, प्रतिपाल सिंह कथूरिया, बलविंद्र सिंह, राजेंद्र काटी, राजकुमार कालरा, सुरजीत सिंह, सुभाष साहनी, सुरेंद्र वर्मा, अमरदीप सिंह काका, सुरजीत सिंह, विपुल आदि मौजूद रहे।
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