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त्याग बुरी चीजों और दान अच्छी चीजों का करना चाहिए-पंडित
Updated Sat, 22 Sep 2018 12:10 AM IST
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खतौली। केके जैन डिग्री कालेज में दस दिवसीय जैन दर्शन कार्यशाला के आठवें दिन मुख्य वक्ता पंडित विकास कुमार जैन ललितपुर ने जैन संस्कृति और हमारा जीवन एवं उत्तम त्याग पर प्रकाश डाला। कहा कि त्याग बुरी चीजों का किया जाता है और दान अच्छी चीजों का किया जाता है।
श्रावकाचार की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि चारित्र दो प्रकार का है, सकल चारित्र और देश चारित्र। जिसमें से देश चारित्र श्रावकों में पाया जाता है। जिसमें पांच अणुव्रत मुख्य होते हैं, अहिंसाणुव्रत, अचौर्याणुव्रत, सत्याणुव्रत, ब्रह्मचर्याणुव्रत एवं परिग्रह परिमाणुव्रत। श्रावकों को अन्याय, अनीति, अभच्य का संपूर्ण त्यागी होना चाहिए और चार प्रकार की हिंसा संकल्पी, उद्योगी, विरोधी एवं आरंभी में भी संकल्पी हिंसा का उसे सर्वथा त्यागी होना चाहिए। अंत में प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन की ओर से उत्तर बताने वालों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। धर्मसभा में महाविद्यालय प्रबंध समिति के सचिव मुकेश कुमार जैन, एजुकेशन एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव जैन, मनोज जैन, सुशील जैन, कल्पेंद्र कुमार जैन, नीरज जैन, बंटी, हितेश जैन, सतेंद्र जैन, डॉ. चंद्रमोहन शर्मा, प्राचार्या डॉ. नीतू वशिष्ठ, डॉ. कमल किशोर, कार्यक्रम संयोजक डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. सपना जैन, दीप्ती जैन, डॉ. विपिन कुमार बंसल आदि उपस्थित रहे।
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श्रावकाचार की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि चारित्र दो प्रकार का है, सकल चारित्र और देश चारित्र। जिसमें से देश चारित्र श्रावकों में पाया जाता है। जिसमें पांच अणुव्रत मुख्य होते हैं, अहिंसाणुव्रत, अचौर्याणुव्रत, सत्याणुव्रत, ब्रह्मचर्याणुव्रत एवं परिग्रह परिमाणुव्रत। श्रावकों को अन्याय, अनीति, अभच्य का संपूर्ण त्यागी होना चाहिए और चार प्रकार की हिंसा संकल्पी, उद्योगी, विरोधी एवं आरंभी में भी संकल्पी हिंसा का उसे सर्वथा त्यागी होना चाहिए। अंत में प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन की ओर से उत्तर बताने वालों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। धर्मसभा में महाविद्यालय प्रबंध समिति के सचिव मुकेश कुमार जैन, एजुकेशन एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव जैन, मनोज जैन, सुशील जैन, कल्पेंद्र कुमार जैन, नीरज जैन, बंटी, हितेश जैन, सतेंद्र जैन, डॉ. चंद्रमोहन शर्मा, प्राचार्या डॉ. नीतू वशिष्ठ, डॉ. कमल किशोर, कार्यक्रम संयोजक डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. सपना जैन, दीप्ती जैन, डॉ. विपिन कुमार बंसल आदि उपस्थित रहे।
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