{"_id":"5b45079f4f1c1b00278b5a70","slug":"131531250591-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कलयुग में हरिनाम संकीर्तन से ही भगवद् भक्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कलयुग में हरिनाम संकीर्तन से ही भगवद् भक्ति
Updated Wed, 11 Jul 2018 12:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर। नई मंडी मेहता क्लब में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में साक्षी गोपाल दास जी महाराज ने कहा कलयुग में हरिनाम संकीर्तन से ही भगवद् भक्ति प्राप्त हो जाती है । महाराज श्री ने कहा हरि नाम जपने वाले व्यक्ति के चेहरे खिल जाते हैं। जिसकी इंद्रियां वश में नहीं उसको तीन लोको का ऐश्वर्य भी प्राप्त हो जाये वह सुखी नहीं रह सकता।
साक्षी गोपाल दास ने कहा की जीव को प्रारब्ध के अनुसार ही सुख दुख मिलता है जो भी मिले उसी में संतुष्ट रहना चाहिए। असंतोषी व्यक्ति कभी सुखी नहीं रह सकता। महाराज श्री ने शरणागति के छह लक्षण बताए। भक्त भगवान के लिए अनुकूल भक्ति बढ़ाने में सहायक होती है, उसे स्वीकार करता है। जिसके संग से भक्ति में नुकसान होता हो उससे दूर रहना चाहिए। भगवान के प्रति विश्वास पूर्ण हो। यदि विश्वास नहीं तो शरणागति पाखंड है। द्रोपदी का उदाहरण दिया। दुर्योधन की सभा में एक लाख दुष्ट थे। ऐसे ही भक्त प्रह्लाद के लिए भगवान खंभे से प्रकट हुए और भक्त की रक्षा की। गज की ग्राह से रक्षा की। अपने भगवान के सामने दीन हीन होकर रहो। मीरा की भगवान कृष्ण के प्रति पूर्ण शरणागति थी वे गाती थी मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरों ना कोई, जाके सिर पे मोर मुकुट मेरो पति सोई रे। भजन पर सभी भाव विभोर हो गए। इस्कॉन चेयरमैन पंकज अग्रवाल, कुलवंत सिंह कक्कन, मनोज खंडेलवाल, रमेश मिश्रा , मनमोहन जैन , सरदार सुख दर्शन सिंह बेदी , जागेश कपूर , सुशील अग्रवाल, नीरज कुमार, सुनील कुमार और सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण की।
केवल राम नाम ही सत्य है : कृष्णानंद
फोटो...
मुजफ्फरनगर। सनातन धर्म सभा भवन में चल रही भागवत कथा में कथा व्यास कृष्णानदं ने कहा कि संसार में केवल राम नाम ही सत्य है। बाकी सब मिथ्या है। उन्होंने राजा परीक्षित का उदाहरण सुनाते हुए कहा कि शुकदेव मुनि उन्हें समझाते है कि जब व्यक्ति संसार छोड़कर चल देता है तो केवल राम नाम ही सत्य रह जाता है। हम अपने परिवार और पैसे को ही सत्य समझने लगते हैं। जीवन तो केवल सात दिन का है, आठवा दिन किसी का नहीं आता। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से जुडी कई कथाओं को विस्तार से सुनाया। अतुत गर्ग, किरण गर्ग, मीनाक्षी, केेशव, प्रदीप कुमार आदि का सहयोग रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
साक्षी गोपाल दास ने कहा की जीव को प्रारब्ध के अनुसार ही सुख दुख मिलता है जो भी मिले उसी में संतुष्ट रहना चाहिए। असंतोषी व्यक्ति कभी सुखी नहीं रह सकता। महाराज श्री ने शरणागति के छह लक्षण बताए। भक्त भगवान के लिए अनुकूल भक्ति बढ़ाने में सहायक होती है, उसे स्वीकार करता है। जिसके संग से भक्ति में नुकसान होता हो उससे दूर रहना चाहिए। भगवान के प्रति विश्वास पूर्ण हो। यदि विश्वास नहीं तो शरणागति पाखंड है। द्रोपदी का उदाहरण दिया। दुर्योधन की सभा में एक लाख दुष्ट थे। ऐसे ही भक्त प्रह्लाद के लिए भगवान खंभे से प्रकट हुए और भक्त की रक्षा की। गज की ग्राह से रक्षा की। अपने भगवान के सामने दीन हीन होकर रहो। मीरा की भगवान कृष्ण के प्रति पूर्ण शरणागति थी वे गाती थी मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरों ना कोई, जाके सिर पे मोर मुकुट मेरो पति सोई रे। भजन पर सभी भाव विभोर हो गए। इस्कॉन चेयरमैन पंकज अग्रवाल, कुलवंत सिंह कक्कन, मनोज खंडेलवाल, रमेश मिश्रा , मनमोहन जैन , सरदार सुख दर्शन सिंह बेदी , जागेश कपूर , सुशील अग्रवाल, नीरज कुमार, सुनील कुमार और सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण की।
विज्ञापन
केवल राम नाम ही सत्य है : कृष्णानंद
फोटो...
मुजफ्फरनगर। सनातन धर्म सभा भवन में चल रही भागवत कथा में कथा व्यास कृष्णानदं ने कहा कि संसार में केवल राम नाम ही सत्य है। बाकी सब मिथ्या है। उन्होंने राजा परीक्षित का उदाहरण सुनाते हुए कहा कि शुकदेव मुनि उन्हें समझाते है कि जब व्यक्ति संसार छोड़कर चल देता है तो केवल राम नाम ही सत्य रह जाता है। हम अपने परिवार और पैसे को ही सत्य समझने लगते हैं। जीवन तो केवल सात दिन का है, आठवा दिन किसी का नहीं आता। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से जुडी कई कथाओं को विस्तार से सुनाया। अतुत गर्ग, किरण गर्ग, मीनाक्षी, केेशव, प्रदीप कुमार आदि का सहयोग रहा।
विज्ञापन