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कला कार्यशाला में सिखा भिती चित्रण
Updated Tue, 12 Jun 2018 01:11 AM IST
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डांडी यात्रा को बच्चों ने किया प्रस्तुत
मुजफ्फरनगर। कलांगन की कला कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को भित्ती चित्रण का बेस तैयार करने और रंगों को समायोजित करने का प्रशिक्षण दिया गया। डॉ अनिल सैनी के निर्देशन में कलाकारों ने महात्मा गांधी की डांडी यात्रा को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
मदन मोहन मालवीय इंटर कॉलेज में चल रही ग्रीष्म कालीन कार्यशाला में प्रशिक्षु विद्यार्थियों को भित्ती चित्रण की विधा को सिखाया गया। कलाकारों ने स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों को दीवारों पर चित्रित किया। गांधी की डांडी यात्रा को चित्र कला के माध्यम से प्रस्तुत करने में विद्यार्थी जुटे हैं। डॉ अनिल सैनी ने कहा कि कला मानव के जीवन का अटूट हिस्सा है। कला एतिहासिक घटनाओं को जिंदा कर देती है। मोहिनी, अंजलि, विकुल धीमान, भावना, धर्मेंद्र, मधु, सीमा, कुलदीप, हर्षवर्धन, देव दयाल आदि ने भित्ती चित्रण की तकनीक को सीखा। कार्यशाला संयोजक डॉ महावीर सिंह ने बच्चों को कला के गुए सिखाए।
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मुजफ्फरनगर। कलांगन की कला कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को भित्ती चित्रण का बेस तैयार करने और रंगों को समायोजित करने का प्रशिक्षण दिया गया। डॉ अनिल सैनी के निर्देशन में कलाकारों ने महात्मा गांधी की डांडी यात्रा को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
मदन मोहन मालवीय इंटर कॉलेज में चल रही ग्रीष्म कालीन कार्यशाला में प्रशिक्षु विद्यार्थियों को भित्ती चित्रण की विधा को सिखाया गया। कलाकारों ने स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों को दीवारों पर चित्रित किया। गांधी की डांडी यात्रा को चित्र कला के माध्यम से प्रस्तुत करने में विद्यार्थी जुटे हैं। डॉ अनिल सैनी ने कहा कि कला मानव के जीवन का अटूट हिस्सा है। कला एतिहासिक घटनाओं को जिंदा कर देती है। मोहिनी, अंजलि, विकुल धीमान, भावना, धर्मेंद्र, मधु, सीमा, कुलदीप, हर्षवर्धन, देव दयाल आदि ने भित्ती चित्रण की तकनीक को सीखा। कार्यशाला संयोजक डॉ महावीर सिंह ने बच्चों को कला के गुए सिखाए।
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