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एआरएम के खिलाफ रोडवेज कर्मियों का प्रदर्शन
Updated Tue, 29 May 2018 12:20 AM IST
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मुजफ्फरनगर।
रोडवेज कर्मियों ने एआरएम के खिलाफ जमकर हंगामा किया। स्थानीय स्तर पर विभिन्न समस्याओं का निराकरण नहीं करने के विरोध में कर्मचारियों ने कामबंद कर प्रदर्शन किया।
यूपी रोडवेज इंपलाइज यूनियन के आह्वान पर कर्मचारियों ने एआरएम के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। यूनियन के क्षेत्रीय प्रभारी राजकुमार तोमर ने कहा कि डिपो पर कार्यरत रोडवेज कर्मियों एवं चालक और परिचालकों की समस्याओं को लेकर एआरएम बीपी अग्रवाल को ज्ञापन दिया गया था, जिस पर 26 मई को वार्ता बुलाई गई। मगर वार्ता को विफल करा दिया गया। वर्तमान में स्थानांतरण एवं पीक सीजन होने के कारण दस जून तक समस्या के समाधान के लिए विचार करने का समय मांगा गया। आरोप लगाया कि एआरएम को दिए गए ज्ञापन में कोई भी मांग ऐसी नहीं थी जिसे वो पूरा नहीं कर सकते। इसके बावजूद वो हठधर्मिता अपना रहे हैं। संगठन और कर्मचारियों को आंदोलन के लिए मजबूर किंया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के हितों को लेकर एआरएम से मांग की गयी है कि वाहन प्रदूषण प्रमाण पत्र न होने की दशा में चालान की भरपाई निगम कोष से कराए, कोर्ट केस की उपस्थिति नियमित एवं संविदा कर्मियों को देने, पटल परिवर्तन करने, चालकों, परिचालकों पर 5500 किमी का काला कानून ना थोपने आदि लागू कराने आदि की मांग रखी गई। शाखा अध्यक्ष सुशील कुमार, मंत्री वीरेंद्र कुमार आदि भी ने विचार रखे। धरने में ब्रजलाल शर्मा, सुनील कुमार शर्मा, हिमांशु तोमर, पुष्पेंद्र कुमार, भरकम सिंह, नवीन कुमार, विजय सिंह, खुर्शीद, रणवीर सिंह, फरमूद अली, धर्मेंद्र कुमार, विकास अग्रवाल आदि शामिल रहे।
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रोडवेज कर्मियों ने एआरएम के खिलाफ जमकर हंगामा किया। स्थानीय स्तर पर विभिन्न समस्याओं का निराकरण नहीं करने के विरोध में कर्मचारियों ने कामबंद कर प्रदर्शन किया।
यूपी रोडवेज इंपलाइज यूनियन के आह्वान पर कर्मचारियों ने एआरएम के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। यूनियन के क्षेत्रीय प्रभारी राजकुमार तोमर ने कहा कि डिपो पर कार्यरत रोडवेज कर्मियों एवं चालक और परिचालकों की समस्याओं को लेकर एआरएम बीपी अग्रवाल को ज्ञापन दिया गया था, जिस पर 26 मई को वार्ता बुलाई गई। मगर वार्ता को विफल करा दिया गया। वर्तमान में स्थानांतरण एवं पीक सीजन होने के कारण दस जून तक समस्या के समाधान के लिए विचार करने का समय मांगा गया। आरोप लगाया कि एआरएम को दिए गए ज्ञापन में कोई भी मांग ऐसी नहीं थी जिसे वो पूरा नहीं कर सकते। इसके बावजूद वो हठधर्मिता अपना रहे हैं। संगठन और कर्मचारियों को आंदोलन के लिए मजबूर किंया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के हितों को लेकर एआरएम से मांग की गयी है कि वाहन प्रदूषण प्रमाण पत्र न होने की दशा में चालान की भरपाई निगम कोष से कराए, कोर्ट केस की उपस्थिति नियमित एवं संविदा कर्मियों को देने, पटल परिवर्तन करने, चालकों, परिचालकों पर 5500 किमी का काला कानून ना थोपने आदि लागू कराने आदि की मांग रखी गई। शाखा अध्यक्ष सुशील कुमार, मंत्री वीरेंद्र कुमार आदि भी ने विचार रखे। धरने में ब्रजलाल शर्मा, सुनील कुमार शर्मा, हिमांशु तोमर, पुष्पेंद्र कुमार, भरकम सिंह, नवीन कुमार, विजय सिंह, खुर्शीद, रणवीर सिंह, फरमूद अली, धर्मेंद्र कुमार, विकास अग्रवाल आदि शामिल रहे।
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