फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   कृष्ण की भक्ति में डूबे इटली के श्रद्धालु

कृष्ण की भक्ति में डूबे इटली के श्रद्धालु

Tue, 13 Feb 2018 12:24 AM IST
Updated Tue, 13 Feb 2018 12:24 AM IST
विज्ञापन
कृष्ण की भक्ति में डूबे इटली के श्रद्धालु
मोरना। पौराणिक शुकतीर्थ में हरे रामा हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे भजन गुनगुनाते इटली के श्रद्धालु भारत के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रंग में डूबे नजर आए। भागवत पीठ शुकदेव आश्रम में पूजा-अर्चना कर अक्षय वट वृक्ष की परिक्रमा की। श्रीमद्भागवत कथा के संदर्भ में पुरोहितों से जानकारी ली। विदेशी महिलाओं ने मन्नत के धागे भी बांधे।
विज्ञापन

इटली से 11 दिन के भारत भ्रमण पर आए 26 सदस्यीय ग्रुप ने अपनी धार्मिक यात्रा का प्रारंभ महाभारतकालीन तीर्थ शुक्रताल से किया। इस्कॉन से जुड़े फोबियो पिंटो के नेतृत्व में शुकदेव आश्रम पहुंचे दल ने शुकदेव मुनि के प्रतीक वट वृक्ष की पूजा की। श्रद्धालु महिलाओं ने मन्नत के धागे भी बांधे। सप्त ऋषि श्री कृष्ण मंदिर के दर्शन के बाद उन्होंने भजन-कीर्तन किया। पुरोहित सुमन शास्त्री ने शुकतीर्थ की महिमा बताई। श्रीमद्भागवत के अंग्रेजी संस्करण के आधार पर ग्रुप ने अपनी जिज्ञासाएं पूछी। ग्रुप में 23 महिलाएं हैं, जिनमें कोई डॉक्टर तो कोई इंजीनियर है। विदेशियों के मुख से कृष्ण भक्ति के भजन सुनकर भागवत भक्त भी भाव-विभोर हो गए। वीतराग स्वामी कल्याणदेव के संग्राहलय का अवलोकन किया। मिशेल पुलिया, फ्रेंडे जूलिया, मार्को सूजेन, मारिया, रानिला आदि ने बताया कि ग्रुप के सभी सदस्य आत्मिक शांति, आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए भारत भ्रमण पर आए है। शुक्रताल श्रीमद्भागवत की उद्गम स्थली है, इसीलिए यहां से धार्मिक यात्रा शुरू की गई है। गाइड शिवप्रताप सिंह ने बताया कि शुक्रताल से ग्रुप हरिद्वार, ऋषिकेश होते हुए वृंदावन पहुंचेगा। श्रद्धालुओं ने गंगा-पूजन के साथ कारगिल शहीद स्मारक का दर्शन किया।
विज्ञापन


भारतीय संस्कृति विश्व की मार्गदर्शक : ओमानंद
शुक्रताल। इटली से आए ग्रुप ने भागवत पीठ शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती से भेंट की। आशीर्वाद के बाद स्वामी ने कहा कि भारत ऋषियों की तपोभूमि है। देश की संस्कृति, परंपरा और आदर्श पूरे विश्व के लिए मार्गदर्शक है। मारियाना, रानिला, सोनिया फैंडे्र आदि ने महाभारत के संदर्भ में चर्चा की। माथे पर चंदन लगा कर मिली अनुभूति को श्रद्धालुओं ने बयां किया। शुकतीर्थ साहित्य और प्रसाद ग्रहण कर श्रद्धा और भक्ति से श्रद्धालु प्रफुल्लित हो उठे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed