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बेटियों ने गाड़े कामयाबी के झंडे
Updated Sun, 10 Sep 2017 12:32 AM IST
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बेटियों ने गाड़े कामयाबी के झंडे
मुजफ्फरनगर। सहायक अभियोजन अधिकारी की 2015 की परीक्षा में जिले की दो बेटियों का एपीओ के पद पर चयन हुआ है। दोनों के परिवारों में खुशी का माहौल है। पचेंडा रोड की रचना सैनी और बाग जानकीदास की तबस्सुम अपनी सफलता के पीछे परिजनों का सहयोग मानती हैं।
पचेंडा रोड पर निवासी रचना सैनी अपनी सफलता के पीछे अपने पिता अधिवक्ता सुखपाल सैनी का प्रोत्साहन मानती हैं। कहती हैं कि उनके पिता उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहे। एलएलबी, एलएलएम, नेट पास करने के बाद पीएचडी की। इसके बाद भी तैयारी रुकी नहीं और पीसीएस जे के लिए प्रेरित किया। सहायक अभियोजन अधिकारी का रिजल्ट आया और उसमें नाम आया तो खुशी का ठिकाना नहीं था। मां अंगूरी देवी सहित परिवार के सभी सदस्यों का उसे सहयोग मिला। अपनी सफलता में अपने गुरुजन बिहार में जज प्रदीप मलिक का मुख्य सहयोग मानती हैं। बाग जानकीदास की रहने वाली तबस्सुम ने भी एपीओ की परीक्षा में झंडा गाड़ा है। एलएलबी और एलएलएम की परीक्षा पास कर तबस्सुम ने 2015 की एपीओ की परीक्षा में हिस्सा लिया। तबस्सुम इस समय बेसिक शिक्षा में सहायक अध्यापिका के रूप में कार्यरत हैं। साधारण परिवार की तबस्सुम के बड़े भाई जीशान फैशन डिजाइनर हैं। वह अपने पिता अल्लारखा को अपनी सफलता का श्रेय देती हैं। परिवार में तबस्सुम की सफलता पर खुशी का माहौल है।
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मुजफ्फरनगर। सहायक अभियोजन अधिकारी की 2015 की परीक्षा में जिले की दो बेटियों का एपीओ के पद पर चयन हुआ है। दोनों के परिवारों में खुशी का माहौल है। पचेंडा रोड की रचना सैनी और बाग जानकीदास की तबस्सुम अपनी सफलता के पीछे परिजनों का सहयोग मानती हैं।
पचेंडा रोड पर निवासी रचना सैनी अपनी सफलता के पीछे अपने पिता अधिवक्ता सुखपाल सैनी का प्रोत्साहन मानती हैं। कहती हैं कि उनके पिता उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहे। एलएलबी, एलएलएम, नेट पास करने के बाद पीएचडी की। इसके बाद भी तैयारी रुकी नहीं और पीसीएस जे के लिए प्रेरित किया। सहायक अभियोजन अधिकारी का रिजल्ट आया और उसमें नाम आया तो खुशी का ठिकाना नहीं था। मां अंगूरी देवी सहित परिवार के सभी सदस्यों का उसे सहयोग मिला। अपनी सफलता में अपने गुरुजन बिहार में जज प्रदीप मलिक का मुख्य सहयोग मानती हैं। बाग जानकीदास की रहने वाली तबस्सुम ने भी एपीओ की परीक्षा में झंडा गाड़ा है। एलएलबी और एलएलएम की परीक्षा पास कर तबस्सुम ने 2015 की एपीओ की परीक्षा में हिस्सा लिया। तबस्सुम इस समय बेसिक शिक्षा में सहायक अध्यापिका के रूप में कार्यरत हैं। साधारण परिवार की तबस्सुम के बड़े भाई जीशान फैशन डिजाइनर हैं। वह अपने पिता अल्लारखा को अपनी सफलता का श्रेय देती हैं। परिवार में तबस्सुम की सफलता पर खुशी का माहौल है।
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