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रिक्तियां निकाली थी 16, आवेदन आए कुल पांच
Updated Wed, 06 Sep 2017 12:48 AM IST
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रिक्तियां निकाली थी 16, आवेदन आए कुल पांच
मुजफ्फरनगर। स्वास्थ्य विभाग की नौकरी में डॉक्टरों को कोई दिलचस्पी नहीं है। रिक्तियों के सापेक्ष आए आवेदनों की संख्या से अफसर भी हैरान हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 16 पदों की रिक्तियों का विज्ञापन निकाला, लेकिन आवेदन महज पांच ही आए। अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का डाटा खंगालकर स्टॉफ नर्स, चिकित्सकों को इधर-उधर करने का खाका तैयार किया जा रहा है।
घायलों को तत्काल उपचार देने के लिए खतौली में बनाया गया ट्रामा सेंटर काफी समय से बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन इसे अभी तक सुचारु नहीं किया जा सका है। यहां चिकित्सकों की कमी के साथ संसाधन रोड़ा बने हुए हैं। प्रदेश सरकार ने संविदा पर चिकित्सकों की भर्ती कर आमजन को इलाज मुहैया कराने की छूट दी थी, जिसको लेकर जुलाई माह में स्वास्थ्य विभाग ने विभिन्न पदों के लिए 16 रिक्तियां भरने का मसौदा तैयार किया। विभाग में चिकित्सक बनने के लिए मौका दिया गया, लेकिन प्राइवेट लोगों ने विभाग में चिकित्सक बनने में कोई रुचि नहीं दिखाई है। 16 पदों के सापेक्ष पांच डॉक्टरों ने आवेदन किया है। इससे विभाग की टेंशन बढ़ गई है। मौसमी बीमारी के साथ दैनिक मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्थिति संभाले नहीं संभल रही है। ऐसे में विभाग ने सीएचसी और पीएचसी पर स्टॉफ को लेकर मंथन शुरू कर दिया है। चिकित्सकों के साथ ही नर्स और वार्ड ब्वॉय को इधर से उधर करने की तैयारी की जा रही है, ताकि बढ़ते मरीजों के दबाव और चिकित्सकीय स्टाफ का बैलेंस बनाया जा सके। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि जिले में चिकित्सकों की बेहद कमी है। 16 पदों पर आवेदन मांगे गए, लेकिन पांच लोगों ने आवेदन किया है। पूरी प्रक्रिया से शासन को अवगत कराया गया है। किसी तरह मौजूदा स्टाफ का अस्पतालों में बैलेंस बनाए जाने पर विचार चल रहा है।
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मुजफ्फरनगर। स्वास्थ्य विभाग की नौकरी में डॉक्टरों को कोई दिलचस्पी नहीं है। रिक्तियों के सापेक्ष आए आवेदनों की संख्या से अफसर भी हैरान हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 16 पदों की रिक्तियों का विज्ञापन निकाला, लेकिन आवेदन महज पांच ही आए। अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का डाटा खंगालकर स्टॉफ नर्स, चिकित्सकों को इधर-उधर करने का खाका तैयार किया जा रहा है।
घायलों को तत्काल उपचार देने के लिए खतौली में बनाया गया ट्रामा सेंटर काफी समय से बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन इसे अभी तक सुचारु नहीं किया जा सका है। यहां चिकित्सकों की कमी के साथ संसाधन रोड़ा बने हुए हैं। प्रदेश सरकार ने संविदा पर चिकित्सकों की भर्ती कर आमजन को इलाज मुहैया कराने की छूट दी थी, जिसको लेकर जुलाई माह में स्वास्थ्य विभाग ने विभिन्न पदों के लिए 16 रिक्तियां भरने का मसौदा तैयार किया। विभाग में चिकित्सक बनने के लिए मौका दिया गया, लेकिन प्राइवेट लोगों ने विभाग में चिकित्सक बनने में कोई रुचि नहीं दिखाई है। 16 पदों के सापेक्ष पांच डॉक्टरों ने आवेदन किया है। इससे विभाग की टेंशन बढ़ गई है। मौसमी बीमारी के साथ दैनिक मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्थिति संभाले नहीं संभल रही है। ऐसे में विभाग ने सीएचसी और पीएचसी पर स्टॉफ को लेकर मंथन शुरू कर दिया है। चिकित्सकों के साथ ही नर्स और वार्ड ब्वॉय को इधर से उधर करने की तैयारी की जा रही है, ताकि बढ़ते मरीजों के दबाव और चिकित्सकीय स्टाफ का बैलेंस बनाया जा सके। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि जिले में चिकित्सकों की बेहद कमी है। 16 पदों पर आवेदन मांगे गए, लेकिन पांच लोगों ने आवेदन किया है। पूरी प्रक्रिया से शासन को अवगत कराया गया है। किसी तरह मौजूदा स्टाफ का अस्पतालों में बैलेंस बनाए जाने पर विचार चल रहा है।
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