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सुंदरकांड दर्शाता है भक्ति पथ की दुर्लभ यात्रा
Updated Sun, 13 Aug 2017 01:04 AM IST
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सुंदरकांड दर्शाता है भक्ति पथ की यात्रा
खतौली। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से आयोजित पांच दिवसीय श्रीराम कथा के चौथे दिन कथावाचक प्रभा भारती ने सुंदरकांड के गूढ़ रहस्यों को उद्घाटित किया। मंडी धर्मशाला में आयोजित श्रीराम कथा में उन्होंने कहा कि भक्त हनुमान ने माता सीता की खोज हेतु सौ योजन का समुद्र पार करते समय मार्ग पर असंख्य बाधाओं का सामना किया और प्रभु राम की प्रेरणा पाकर लंका का दहन कर डाला। हनुमान जी के मार्ग में जो भी बाधाएं आईं, वो मानव जीवन के विकारों को दर्शाती हैं। इन विकारों से मुक्त होने के लिए आवश्यकता है कि हम निरंतर प्रभु के नाम का स्मरण करते रहें। सीतारूपी भक्ति की खोज कर सदा सदा के लिए प्रभु राम के चरणों मेें स्थान प्राप्त करें। इस दौरान शुभारंभी दिवाकर, मनोज शर्मा, डोली बंसल, महिपाल वालिया आदि रहे।
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खतौली। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से आयोजित पांच दिवसीय श्रीराम कथा के चौथे दिन कथावाचक प्रभा भारती ने सुंदरकांड के गूढ़ रहस्यों को उद्घाटित किया। मंडी धर्मशाला में आयोजित श्रीराम कथा में उन्होंने कहा कि भक्त हनुमान ने माता सीता की खोज हेतु सौ योजन का समुद्र पार करते समय मार्ग पर असंख्य बाधाओं का सामना किया और प्रभु राम की प्रेरणा पाकर लंका का दहन कर डाला। हनुमान जी के मार्ग में जो भी बाधाएं आईं, वो मानव जीवन के विकारों को दर्शाती हैं। इन विकारों से मुक्त होने के लिए आवश्यकता है कि हम निरंतर प्रभु के नाम का स्मरण करते रहें। सीतारूपी भक्ति की खोज कर सदा सदा के लिए प्रभु राम के चरणों मेें स्थान प्राप्त करें। इस दौरान शुभारंभी दिवाकर, मनोज शर्मा, डोली बंसल, महिपाल वालिया आदि रहे।