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चिल्लागाह में कव्वालियों पर झूमे अकीदतमंद
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मोरना। तीन दिवसीय खुशहाली उर्स पाक के दूसरे दिन अकीदतमंद चिल्लागाह पर पहुंचे और चादरपोशी कर सज्जादानशीं हजरत ख्वाजा जव्वाद अहमद से आशीर्वाद प्राप्त किया।
गांव बिहारगढ़ में चल रहे उर्स पाक में तकरीर करते हुए धर्मगुरुओं ने कहा कि सभी धर्म प्रेम व शांति, सौहार्द का संदेश देते हैं। पूर्वजों ने एक दूसरे की भावनाओं की कद्र करते हुए सभी धर्मों के त्योहारों में भाग लेकर इंसानियत का प्रचार किया, जो बुरों को अच्छाई के रास्ते पर डाल दे। वही संत होता है। सूफी संत सांसारिक कष्टों को झेलकर दूसरों के लिए प्रार्थना करते हैं। महा मंडलेश्वर गोपालाचार्य व स्वामी महानंद महाराज ने कहा कि पीरवाला खुशहाल साहब ने सदैव सभी धर्मों की परंपराओं का सम्मान किया। संत ईश्वर के दूत होते हैं। पूर्व मंत्री सईदुज्जमां ने भी प्रेम व भाईचारा कायम करने को लेकर संबोधन किया। देश विदेश व क्षेत्र से आए अकीदतमंदों ने चादरपोशी की व कव्वालियों का आनंद लिया। मौके पर ताजीम इलाही, सफी दिलनवाज, शुजाअत खान, चौधरी मनोज कुमार, बिजेंद्र आर्य, सतनाम सिंह, सूफी इकबाल मियां, सूफी फैसल, सैयद सलीम, सूफी मंसूर, मोहम्मद उस्मान, मोहम्मद महसूर आदि मौजूद रहे। तनवीर सलीम साबरी कलियर शरीफ ने कव्वालियां प्रस्तुत की।
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गांव बिहारगढ़ में चल रहे उर्स पाक में तकरीर करते हुए धर्मगुरुओं ने कहा कि सभी धर्म प्रेम व शांति, सौहार्द का संदेश देते हैं। पूर्वजों ने एक दूसरे की भावनाओं की कद्र करते हुए सभी धर्मों के त्योहारों में भाग लेकर इंसानियत का प्रचार किया, जो बुरों को अच्छाई के रास्ते पर डाल दे। वही संत होता है। सूफी संत सांसारिक कष्टों को झेलकर दूसरों के लिए प्रार्थना करते हैं। महा मंडलेश्वर गोपालाचार्य व स्वामी महानंद महाराज ने कहा कि पीरवाला खुशहाल साहब ने सदैव सभी धर्मों की परंपराओं का सम्मान किया। संत ईश्वर के दूत होते हैं। पूर्व मंत्री सईदुज्जमां ने भी प्रेम व भाईचारा कायम करने को लेकर संबोधन किया। देश विदेश व क्षेत्र से आए अकीदतमंदों ने चादरपोशी की व कव्वालियों का आनंद लिया। मौके पर ताजीम इलाही, सफी दिलनवाज, शुजाअत खान, चौधरी मनोज कुमार, बिजेंद्र आर्य, सतनाम सिंह, सूफी इकबाल मियां, सूफी फैसल, सैयद सलीम, सूफी मंसूर, मोहम्मद उस्मान, मोहम्मद महसूर आदि मौजूद रहे। तनवीर सलीम साबरी कलियर शरीफ ने कव्वालियां प्रस्तुत की।
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