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शुक्रताल में साप्ताहिक श्री रामायण कथा का आयोजन
Updated Sun, 15 Apr 2018 12:24 AM IST
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मंगल गीतों के बीच शोभायात्रा निकाली
मोरना। शुक्रताल में नवग्रह पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी शुक्रताल के तत्वावधान में साप्ताहिक रामायण कथा का आयोजन शनिधाम में किया गया। मंगल गीतों के बीच शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में साधु, संतों के अलावा श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
शनिधाम शुक्रताल में रामायण कथा का शुभारंभ मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर स्वामी केश्वानंद महाराज व स्वामी विनय स्वरूपानंद ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए दिल्ली से पधारी महामंडलेश्वर विध्या गिरि साध्वी ने कहा कि जहां पर रामनाम की कथाओं का आयोजन होता है, वहां पर संकट अपने आप खत्म हो जाते हैं। मानव जीवन के लिए भगवान राम ने अपने परिवार और सुखों को त्याग कर नारी जाति की रक्षा कर अधर्मियों का विनाश किया। सच्चाई के लिए वर्षों तक जंगलों में भटकते रहे, लेकिन किसी से उफ तक नहीं की। आने वाले समय में धर्म की रक्षा के लिए त्याग ओर समर्पण का भाव मानव जाति के मन में लाना होगा अन्यथा विनाश तय है। आज हमें भौतिक सुखों का त्याग कर वैराग्य भाव को समझना होगा। इस मौके पर बेवा से पधारे स्वामी बंशीपुरी महंत, स्वामी उत्तम गिरि महाराज, स्वामी पुरुषोत्तम गिरि महाराज, स्वामी गीतानंद तीर्थ, स्वामी गीतानंद गिरि महाराज आदि ने विचार प्रकट किए। इससे पूर्व, अतिथियों व साधु संत आदि ने शोभायात्रा के दौरान रामायण पीठ का विधिवत पूजन कर नगर के लिए रवाना किया। शोभायात्रा शुकदेव तिराहे से आंबेडकर चौराहे से होते हुए गंगा घाट पहुंची, जहां पर पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चारण की बीच पूजा अर्चना कराई। इसके बाद मेन बाजार, हनुमानधाम रोड से होते हुए शोभायात्रा आश्रम के परिसर में पहुंचकर समाप्त हुई। प्रतिदिन हनुमान महायज्ञ का आयोजन किया गया है। कथा सुनने के लिए पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड आदि राज्यों से श्रद्धालु आए हुए हैं।
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मोरना। शुक्रताल में नवग्रह पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी शुक्रताल के तत्वावधान में साप्ताहिक रामायण कथा का आयोजन शनिधाम में किया गया। मंगल गीतों के बीच शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में साधु, संतों के अलावा श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
शनिधाम शुक्रताल में रामायण कथा का शुभारंभ मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर स्वामी केश्वानंद महाराज व स्वामी विनय स्वरूपानंद ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए दिल्ली से पधारी महामंडलेश्वर विध्या गिरि साध्वी ने कहा कि जहां पर रामनाम की कथाओं का आयोजन होता है, वहां पर संकट अपने आप खत्म हो जाते हैं। मानव जीवन के लिए भगवान राम ने अपने परिवार और सुखों को त्याग कर नारी जाति की रक्षा कर अधर्मियों का विनाश किया। सच्चाई के लिए वर्षों तक जंगलों में भटकते रहे, लेकिन किसी से उफ तक नहीं की। आने वाले समय में धर्म की रक्षा के लिए त्याग ओर समर्पण का भाव मानव जाति के मन में लाना होगा अन्यथा विनाश तय है। आज हमें भौतिक सुखों का त्याग कर वैराग्य भाव को समझना होगा। इस मौके पर बेवा से पधारे स्वामी बंशीपुरी महंत, स्वामी उत्तम गिरि महाराज, स्वामी पुरुषोत्तम गिरि महाराज, स्वामी गीतानंद तीर्थ, स्वामी गीतानंद गिरि महाराज आदि ने विचार प्रकट किए। इससे पूर्व, अतिथियों व साधु संत आदि ने शोभायात्रा के दौरान रामायण पीठ का विधिवत पूजन कर नगर के लिए रवाना किया। शोभायात्रा शुकदेव तिराहे से आंबेडकर चौराहे से होते हुए गंगा घाट पहुंची, जहां पर पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चारण की बीच पूजा अर्चना कराई। इसके बाद मेन बाजार, हनुमानधाम रोड से होते हुए शोभायात्रा आश्रम के परिसर में पहुंचकर समाप्त हुई। प्रतिदिन हनुमान महायज्ञ का आयोजन किया गया है। कथा सुनने के लिए पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड आदि राज्यों से श्रद्धालु आए हुए हैं।
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