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राष्ट्र कल्याण को शांति यज्ञ में दी आहूति
Updated Mon, 09 Apr 2018 12:36 AM IST
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राष्ट्र कल्याण की शांति के लिए यज्ञ में दी आहूति
मोरना। तीर्थनगरी शुक्रताल में जाट धर्मशाला में विश्व में शांति स्थापना और राष्ट्र कल्याण के लिए विशाल गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच आहुति दी। इस मौके पर भंडारे का प्रसाद का वितरित किया गया।
जाट धर्मशाला में आयोजित विश्व एवं राष्ट्र कल्याण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वैद्य जगपाल सिंह ने कहा कि यज्ञ में मन और वचन से दी गई आहुति कभी निष्फल नहीं जाती। यज्ञ में सत्यता के साथ मंत्रों व शुद्ध सरल सामग्री का उपयोग होने से मानव के जीवन में शुद्धता आती है। शुद्धता मानव के लिए सफलता के द्वार खोल देती है। शुद्ध भोजन करने के कारण शरीर निरोगी होने से मस्तिष्क में अच्छे विचारों का उदय होता है। गायत्री महायज्ञ करने से मानव की कठिनाइयों का स्वत: ही निराकरण होने लगता है। यज्ञ में रोशन लाल बत्रा, वेदपाठी सुनीता, रश्मि मल्होत्रा ने गायत्री मंत्रों के बीच महायज्ञ में पूर्ण आहुति कराई। मुख्य यज्ञमान कर्णदीप सिंह व पत्नी अमनप्रीत सिंह, अमन दीप, नीति सिंह ने मुख्य भूमिका निभाई। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर स्वामी गोपालाचार्य महाराज, स्वामी राजेंद्र गिरी महाराज, कृपालदास महाराज, जोगेंद्र, सोनू, राहुल आदि मौजूद रहे। विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया।
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मोरना। तीर्थनगरी शुक्रताल में जाट धर्मशाला में विश्व में शांति स्थापना और राष्ट्र कल्याण के लिए विशाल गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच आहुति दी। इस मौके पर भंडारे का प्रसाद का वितरित किया गया।
जाट धर्मशाला में आयोजित विश्व एवं राष्ट्र कल्याण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वैद्य जगपाल सिंह ने कहा कि यज्ञ में मन और वचन से दी गई आहुति कभी निष्फल नहीं जाती। यज्ञ में सत्यता के साथ मंत्रों व शुद्ध सरल सामग्री का उपयोग होने से मानव के जीवन में शुद्धता आती है। शुद्धता मानव के लिए सफलता के द्वार खोल देती है। शुद्ध भोजन करने के कारण शरीर निरोगी होने से मस्तिष्क में अच्छे विचारों का उदय होता है। गायत्री महायज्ञ करने से मानव की कठिनाइयों का स्वत: ही निराकरण होने लगता है। यज्ञ में रोशन लाल बत्रा, वेदपाठी सुनीता, रश्मि मल्होत्रा ने गायत्री मंत्रों के बीच महायज्ञ में पूर्ण आहुति कराई। मुख्य यज्ञमान कर्णदीप सिंह व पत्नी अमनप्रीत सिंह, अमन दीप, नीति सिंह ने मुख्य भूमिका निभाई। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर स्वामी गोपालाचार्य महाराज, स्वामी राजेंद्र गिरी महाराज, कृपालदास महाराज, जोगेंद्र, सोनू, राहुल आदि मौजूद रहे। विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया।
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