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मैली से प्रदूषण का खतरा, एनजीटी सख्त
Updated Mon, 05 Mar 2018 12:05 AM IST
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मुजफ्फरनगर। सड़क किनारे डाली जा रही गन्ने की मैली से प्रदूषण का खतरा बढ़ने की आशंका है। इसकी डीएम से शिकायत की गई तो क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की नींद टूट गई। बोर्ड अधिकारियों ने शुगर मिल के साथ कई अन्य को नोटिस जारी किए हैं। हालांकि बोर्ड के सामने जांच करने की चुनौती खड़ी हो गई है, क्योंकि मिल प्रशासन ने मैली डालने से इंकार किया है।
जानसठ रोड और हाईवे पर मिल की मैली सड़क किनारे डाली जा रही है। इससे दुर्गंध उठने के अलावा प्रदूषण बढ़ने का खतरा जताया गया है। जानसठ रोड पर खाली पड़े प्लाटों में मैली डाली जा रही है, इससे आसपास के ग्रामीण परेशान हैं। बड़े-बड़े ट्रकों और ट्रॉलों के माध्यम से मैली डाली जा रही है। इससे मैली सड़क तक फैल रही है। कूकड़ा, धंधेड़ा, निराना आदि गांवों के लोगों ने भूजल प्रभावित होने की शिकायत डीएम करने के साथ एनजीटी से की थी। इस पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने सख्ती दिखाई है। उधर, डीएम ने तत्काल मामले को गंभीरता से लिया और इसकी जांच करने के निर्देश दिए।
डीएम की फटकार लगने के बाद क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हरकत में आया। बोर्ड अधिकारियों ने जानसठ रोड पर डाली जा रही मैली को लेकर त्रिवेणी शुगर मिल को नोटिस भेजकर जानकारी मांगी और मैली को यहां डालने पर चेतावनी दी। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई विपुल कुमार ने बताया कि शिकायत के बाद त्रिवेणी शुगर को नोटिस भेजा गया था, जवाब में मिल प्रशासन ने जानसठ रोड पर मैली डालने से इंकार किया है। अब बोर्ड के सामने चुनौती यह है कि मैली को क्षेत्र के कुछ किसान भी खरीद रहे हैं, जो इसे सुखाकर ईंधन के रूप में बेच रहे हैं। इसकी बुधवार से पड़ताल शुरू की जाएगी।
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जानसठ रोड और हाईवे पर मिल की मैली सड़क किनारे डाली जा रही है। इससे दुर्गंध उठने के अलावा प्रदूषण बढ़ने का खतरा जताया गया है। जानसठ रोड पर खाली पड़े प्लाटों में मैली डाली जा रही है, इससे आसपास के ग्रामीण परेशान हैं। बड़े-बड़े ट्रकों और ट्रॉलों के माध्यम से मैली डाली जा रही है। इससे मैली सड़क तक फैल रही है। कूकड़ा, धंधेड़ा, निराना आदि गांवों के लोगों ने भूजल प्रभावित होने की शिकायत डीएम करने के साथ एनजीटी से की थी। इस पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने सख्ती दिखाई है। उधर, डीएम ने तत्काल मामले को गंभीरता से लिया और इसकी जांच करने के निर्देश दिए।
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डीएम की फटकार लगने के बाद क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हरकत में आया। बोर्ड अधिकारियों ने जानसठ रोड पर डाली जा रही मैली को लेकर त्रिवेणी शुगर मिल को नोटिस भेजकर जानकारी मांगी और मैली को यहां डालने पर चेतावनी दी। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई विपुल कुमार ने बताया कि शिकायत के बाद त्रिवेणी शुगर को नोटिस भेजा गया था, जवाब में मिल प्रशासन ने जानसठ रोड पर मैली डालने से इंकार किया है। अब बोर्ड के सामने चुनौती यह है कि मैली को क्षेत्र के कुछ किसान भी खरीद रहे हैं, जो इसे सुखाकर ईंधन के रूप में बेच रहे हैं। इसकी बुधवार से पड़ताल शुरू की जाएगी।
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