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14 इंडस्ट्रियों पर 14 नंवबर को फैसला
Updated Fri, 03 Nov 2017 12:46 AM IST
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14 फैक्ट्रियों पर 14 नवंबर को फैसला
मुजफ्फरनगर।
धंधेड़ा-भंडूरा नाले में प्रदूषित जल डालने वाली 14 और इंडस्ट्रियों की रिपोर्ट प्रदूषण बोर्ड ने एनजीटी में सबमिट कर दी है। एनजीटी की पीठ ने मामले में सुनवाई के लिए 14 नवंबर की तिथि रखी है। इसी रोज इन इंडस्ट्रियों पर एनजीटी कार्रवाई कर सकता है। उधर, हिंडन में गंगाजल छोड़े जाने के बाद क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी सक्रिय हो गया है। जनपद की काली नदी (वेस्ट) का प्रदूषित जल हिंडन में जाकर मिलता है। इसकी रोकथाम के लिए पहल शुरू हो गई है।
धंधेड़ा और भंडूरा नाले में जनपद की 33 इंडस्ट्रियों का प्रदूषित जल डाला जा रहा है। इनमें से अक्तूबर माह में 19 इंडस्ट्रियों की क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एनजीटी में रिपोर्ट सबमिट की थी। इन पर एनजीटी ने नौ इंडस्ट्रियों पर जुर्माना लगाया था। बाकी 14 इंडस्ट्रियों की रिपोर्ट 31 अक्तूबर तक मांगी थी। इस पर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रिपोर्ट सबमिट कर दी। हालांकि रिपोर्ट सबमिट होने के बाद एनजीटी की पीठ ने अभी मामले में सुनवाई नहीं की है। बोर्ड को 14 नवंबर तक का समय दिया गया है। 14 नवंबर को इन 14 इंडस्ट्रियों पर सुनवाई होगी। इसी रोज फैसला आने की उम्मीद है। उधर, हिंडन नदी को पुनर्जीवन देने के लिए 100 क्यूसेक गंगाजल छोड़ा गया है। जनपद में भी हिंडन को प्रदूषित करने में काली नदी (वेस्ट) की अहम भूमिका है। काली नदी में धंधेड़ा-भंडूरा नाले का प्रदूषित पानी पहुंचता है। जबकि काली नदी शहर में बेगराजपुर क्षेत्र से आगे हिंडन में विलय होती है. जिसके चलते हिंडन प्रदूषित जल लेकर आगे बढ़ती है। अब इस प्रोजेक्ट पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्रवाई करने में लगे हैं। स्थानीय अफसरों से काली, हिंडन की बाबत जानकारी ली जा रही है। अवर अभियंत्रा विपुल कुमार ने बताया कि 14 इंडस्ट्रियों की रिपोर्ट सबमिट हो गई है। हालांकि फैसला क्या रहा है, इसकी जानकारी नहीं है। रिपोर्ट एनजीटी में दी गई है, अब बाकी फैसला एनजीटी अदालत ही करेगी।
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मुजफ्फरनगर।
धंधेड़ा-भंडूरा नाले में प्रदूषित जल डालने वाली 14 और इंडस्ट्रियों की रिपोर्ट प्रदूषण बोर्ड ने एनजीटी में सबमिट कर दी है। एनजीटी की पीठ ने मामले में सुनवाई के लिए 14 नवंबर की तिथि रखी है। इसी रोज इन इंडस्ट्रियों पर एनजीटी कार्रवाई कर सकता है। उधर, हिंडन में गंगाजल छोड़े जाने के बाद क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी सक्रिय हो गया है। जनपद की काली नदी (वेस्ट) का प्रदूषित जल हिंडन में जाकर मिलता है। इसकी रोकथाम के लिए पहल शुरू हो गई है।
धंधेड़ा और भंडूरा नाले में जनपद की 33 इंडस्ट्रियों का प्रदूषित जल डाला जा रहा है। इनमें से अक्तूबर माह में 19 इंडस्ट्रियों की क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एनजीटी में रिपोर्ट सबमिट की थी। इन पर एनजीटी ने नौ इंडस्ट्रियों पर जुर्माना लगाया था। बाकी 14 इंडस्ट्रियों की रिपोर्ट 31 अक्तूबर तक मांगी थी। इस पर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रिपोर्ट सबमिट कर दी। हालांकि रिपोर्ट सबमिट होने के बाद एनजीटी की पीठ ने अभी मामले में सुनवाई नहीं की है। बोर्ड को 14 नवंबर तक का समय दिया गया है। 14 नवंबर को इन 14 इंडस्ट्रियों पर सुनवाई होगी। इसी रोज फैसला आने की उम्मीद है। उधर, हिंडन नदी को पुनर्जीवन देने के लिए 100 क्यूसेक गंगाजल छोड़ा गया है। जनपद में भी हिंडन को प्रदूषित करने में काली नदी (वेस्ट) की अहम भूमिका है। काली नदी में धंधेड़ा-भंडूरा नाले का प्रदूषित पानी पहुंचता है। जबकि काली नदी शहर में बेगराजपुर क्षेत्र से आगे हिंडन में विलय होती है. जिसके चलते हिंडन प्रदूषित जल लेकर आगे बढ़ती है। अब इस प्रोजेक्ट पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्रवाई करने में लगे हैं। स्थानीय अफसरों से काली, हिंडन की बाबत जानकारी ली जा रही है। अवर अभियंत्रा विपुल कुमार ने बताया कि 14 इंडस्ट्रियों की रिपोर्ट सबमिट हो गई है। हालांकि फैसला क्या रहा है, इसकी जानकारी नहीं है। रिपोर्ट एनजीटी में दी गई है, अब बाकी फैसला एनजीटी अदालत ही करेगी।
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