{"_id":"59bffec54f1c1b91688b5469","slug":"121505754821-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भिंड एसपी के जवाब से खत्म होगा सस्पेंस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भिंड एसपी के जवाब से खत्म होगा सस्पेंस
Updated Mon, 18 Sep 2017 10:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
भिंड एसपी के जवाब से खत्म होगा सस्पेंस
रामप्रकाश है या अमर सिंह, एसपी से मांगी रिपोर्ट
एक माह बाद भी शव की नहीं हो सकी शनाख्त
-रेलवे को देना होगा दो करोड़ से ज्यादा मुआवजा
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। पुरी-हरिद्वार कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसे में मारे गए 26 लोगों में 25 की शनाख्त हो चुकी है, जबकि एक शव की शनाख्त पर एक माह से पेंच फंसा है। कोई सुराग नहीं मिलने पर अब जीआरपी ने मध्यप्रदेश के जिला भिंड के एसपी को चिट्ठी लिखकर पहचान के प्रयास शुरू किए हैं। भिंड जिले के गांव कुनीपुरा के गंगा सिंह दास और बनवारीदास ने अज्ञात को अपना परिजन बताया है।
18 अगस्त को पुरी से चली कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन मेरठ तक ठीक-ठाक आई अपने अंतिम स्टॉप तक नहीं पहुंच सकी थी। ट्रेन का लास्ट स्टॉप 19 अगस्त की शाम को हरिद्वार में था। यह ट्रेन पांच स्टेशन पहले ही खतौली में डिरेलमेंट होकर परखचों में बिखर गई। हादसे के दिन 22 जिंदगी दम तोड़ गई, जबकि चार यात्रियों की मौत अस्पतालों में उपचार के दौरान हुई। जनपद में 21 लोगों की पहचान तत्काल हो गई थी, जबकि एक शव का अज्ञात में अंतिम संस्कार किया गया। यह अंतिम संस्कार जीआरपी के गले की फांस बन गया है। रामप्रकाश नामक इस अज्ञात व्यक्ति पर मध्यप्रदेश के जिला भिंड के गांव कुनीपुरा निवासी गंगासिंह दास और बनवारीदास ने अपना दावा जताया है। शव की शनाख्त रामप्रकाश दास उर्फ अमर सिंह के रूप में की थी, लेकिन जीआरपी ने इसे मानने से इंकार कर दिया। जीआरपी ने रामप्रकाश नाम के ही डॉक्यूमेंट देने के साथ डीएनए जांच के लिए कहा है। एक माह बीतने के बाद भी शव की पहचान पर सस्पेंस बरकरार है। अब जीआरपी ने मध्यप्रदेश के जिला भिंड के पुलिस अधीक्षक को चिट्ठी भेजकर कथित परिजनों द्वारा दर्ज कराए गए पते पर रामप्रकाश दास है या अमर सिंह इसकी तस्दीक करने के लिए कहा है। जीआरपी ने पत्र में कहा कि यह भी पता लगाया जाए कि इन दोनों नामों का व्यक्ति एक ही है या फिर अलग-अलग हैं। इसकी पूरी जानकारी जुटाकर दी जाए। जीआरपी एसओ किशन अवतार ने बताया कि भिंड के एसपी को चिट्ठी लिखी गई है। वहां से रामप्रकाश या अमर सिंह पर बना सस्पेंस खत्म होगा। फिलहाल शव को अज्ञात ही माना गया है।
रेलवे देगा दो करोड़ से अधिक का मुआवजा
मुजफ्फरनगर। उत्कल हादसे में मारे गए मृतकों के परिजनों को रेलवे को दो करोड़ आठ लाख रुपये का मुआवजा देना पड़ेगा। 20 अगस्त को रेलवे ने 24 मृतकों में से 22 के परिजनों को साढ़े तीन लाख रुपये देते हुए 77 लाख रुपये का मुआवजा दिया, जबकि एक व्यक्ति के कागज और दूसरे पहचान नहीं होने से मुआवजा नहीं दिया गया है। अब हादसे के मृतकों की संख्या 26 है, जिनके परिजनों को रेलवे बोर्ड को 2 करोड़ 8 लाख का मुआवजा देना पड़ेगा। हालांकि जिन्हें पहले साढ़े तीन लाख मिले चुके हैं, उन्हें रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल (आरसीटी) जांच के बाद साढ़े चार लाख रुपये की मुआवजा राशि वितरित करेगी। रेलवे अधिकारी गुरजीत सिंह ने बताया कि पहले दिन 24 में 22 मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया गया। जबकि मेडिकल से 58 मामूली और 38 गंभीर घायलों की सूची दी गई थी, जिन्हें अस्पताल में जाकर मुआवजा दिया गया।
रामप्रकाश है या अमर सिंह, एसपी से मांगी रिपोर्ट
एक माह बाद भी शव की नहीं हो सकी शनाख्त
-रेलवे को देना होगा दो करोड़ से ज्यादा मुआवजा
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। पुरी-हरिद्वार कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसे में मारे गए 26 लोगों में 25 की शनाख्त हो चुकी है, जबकि एक शव की शनाख्त पर एक माह से पेंच फंसा है। कोई सुराग नहीं मिलने पर अब जीआरपी ने मध्यप्रदेश के जिला भिंड के एसपी को चिट्ठी लिखकर पहचान के प्रयास शुरू किए हैं। भिंड जिले के गांव कुनीपुरा के गंगा सिंह दास और बनवारीदास ने अज्ञात को अपना परिजन बताया है।
18 अगस्त को पुरी से चली कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन मेरठ तक ठीक-ठाक आई अपने अंतिम स्टॉप तक नहीं पहुंच सकी थी। ट्रेन का लास्ट स्टॉप 19 अगस्त की शाम को हरिद्वार में था। यह ट्रेन पांच स्टेशन पहले ही खतौली में डिरेलमेंट होकर परखचों में बिखर गई। हादसे के दिन 22 जिंदगी दम तोड़ गई, जबकि चार यात्रियों की मौत अस्पतालों में उपचार के दौरान हुई। जनपद में 21 लोगों की पहचान तत्काल हो गई थी, जबकि एक शव का अज्ञात में अंतिम संस्कार किया गया। यह अंतिम संस्कार जीआरपी के गले की फांस बन गया है। रामप्रकाश नामक इस अज्ञात व्यक्ति पर मध्यप्रदेश के जिला भिंड के गांव कुनीपुरा निवासी गंगासिंह दास और बनवारीदास ने अपना दावा जताया है। शव की शनाख्त रामप्रकाश दास उर्फ अमर सिंह के रूप में की थी, लेकिन जीआरपी ने इसे मानने से इंकार कर दिया। जीआरपी ने रामप्रकाश नाम के ही डॉक्यूमेंट देने के साथ डीएनए जांच के लिए कहा है। एक माह बीतने के बाद भी शव की पहचान पर सस्पेंस बरकरार है। अब जीआरपी ने मध्यप्रदेश के जिला भिंड के पुलिस अधीक्षक को चिट्ठी भेजकर कथित परिजनों द्वारा दर्ज कराए गए पते पर रामप्रकाश दास है या अमर सिंह इसकी तस्दीक करने के लिए कहा है। जीआरपी ने पत्र में कहा कि यह भी पता लगाया जाए कि इन दोनों नामों का व्यक्ति एक ही है या फिर अलग-अलग हैं। इसकी पूरी जानकारी जुटाकर दी जाए। जीआरपी एसओ किशन अवतार ने बताया कि भिंड के एसपी को चिट्ठी लिखी गई है। वहां से रामप्रकाश या अमर सिंह पर बना सस्पेंस खत्म होगा। फिलहाल शव को अज्ञात ही माना गया है।
विज्ञापन
रेलवे देगा दो करोड़ से अधिक का मुआवजा
मुजफ्फरनगर। उत्कल हादसे में मारे गए मृतकों के परिजनों को रेलवे को दो करोड़ आठ लाख रुपये का मुआवजा देना पड़ेगा। 20 अगस्त को रेलवे ने 24 मृतकों में से 22 के परिजनों को साढ़े तीन लाख रुपये देते हुए 77 लाख रुपये का मुआवजा दिया, जबकि एक व्यक्ति के कागज और दूसरे पहचान नहीं होने से मुआवजा नहीं दिया गया है। अब हादसे के मृतकों की संख्या 26 है, जिनके परिजनों को रेलवे बोर्ड को 2 करोड़ 8 लाख का मुआवजा देना पड़ेगा। हालांकि जिन्हें पहले साढ़े तीन लाख मिले चुके हैं, उन्हें रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल (आरसीटी) जांच के बाद साढ़े चार लाख रुपये की मुआवजा राशि वितरित करेगी। रेलवे अधिकारी गुरजीत सिंह ने बताया कि पहले दिन 24 में 22 मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया गया। जबकि मेडिकल से 58 मामूली और 38 गंभीर घायलों की सूची दी गई थी, जिन्हें अस्पताल में जाकर मुआवजा दिया गया।
विज्ञापन