{"_id":"59b042ae4f1c1bed7f8b4709","slug":"121504723630-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्टील फैक्ट्री में मजदूर का शव रखकर हंगामा व धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्टील फैक्ट्री में मजदूर का शव रखकर हंगामा व धरना
Updated Thu, 07 Sep 2017 12:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्टील फैक्ट्री में ग्रामीणों का हंगामा
मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। नरा जड़ौदा की यूपी स्टील फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर की उपचार के दौरान मौत हो गई। जिससे आक्रोशित मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने फैक्ट्री के गेट का दरवाजा तोड़ कर शव को अंदर रखकर प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोग मृतक के बेटे को फैक्ट्री में नौकरी देने तथा मुआवजा की मांग को लेकर धरना देकर बैठ गए। फैक्ट्री के मैनेजमेंट द्वारा मांग पूरी करने का आश्वासन देने पर ग्रामीण शांत हुए।
मंसूरपुर क्षेत्र के गांव लच्छेड़ा निवासी 45 वर्षीय ओमपाल सिंह सैनी पुत्र फूलसिंह नरा जड़ौदा में स्थित यूपी स्टील फैक्ट्री में स्थाई मजदूर था। विगत 31 अगस्त के दिन फैक्ट्री में काम करते वक्त उसे अचानक चक्कर आया। फैक्ट्री की ओर से परिजनों को सूचना दी गई और ओमपाल सिंह सैनी को बेगराजपुर मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया था। जहां से परिजन उसे मेरठ में किसी प्राइवेट हास्पिटल में भर्ती कराया। जहां पर उपचार के दौरान मंगलवार रात को उसकी मौत हो गई। बुधवार सुबह भाकियू के जिला महामंत्री विनय भारद्वाज के नेतृत्व में मृतक के परिजन व ग्रामीण शव को लेकर फैक्ट्री में पहुंचे। गेटमैन ने दरवाजा नहीं खोला तो ग्रामीणों ने ताला तोड़ दिया और शव को फैक्ट्री के अंदर रखकर प्रदर्शन किया।
फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर भी धरने पर बैठ गए थे। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना था कि जब तक मृतक के बेटे अतुल को नौकरी तथा पीड़ित परिजनों को मुआवजा नहीं मिलेगा, वे शव को फैक्ट्री से नहीं उठाकर ले जाएंगे। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आक्रोशित लोगों का समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन वे अपनी जिद पर अडिग रहे। इसके बाद फैक्ट्री के जीएम महेश गुप्ता व एचआर हेड एसके पांडेय के बीच ग्रामीणों की समझौता वार्ता चली।
विज्ञापन
समझौता वार्ता में मैनेजमेंट ने मृतक के बेटे को योग्यता के आधार पर नौकरी व साढ़े पांच लाख का मुआवजा तथा 11 लाख रुपये का फंड देने का आश्वासन दिया। आश्वासन देने के चार घंटे बाद ग्रामीणों ने शव को उठाया और गांव में ले गए। धरने पर मजदूर यूनियन लीडर सतीश कुमार, नीरज पहलवान, अहसान त्यागी, भूपेंद्र राठी, मोनू प्रधान, विरेंद्र प्रधान नरा, अंतरेश, राजेंद्र, नरेंद्र कश्यप, अरविंद प्रधान आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। नरा जड़ौदा की यूपी स्टील फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर की उपचार के दौरान मौत हो गई। जिससे आक्रोशित मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने फैक्ट्री के गेट का दरवाजा तोड़ कर शव को अंदर रखकर प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोग मृतक के बेटे को फैक्ट्री में नौकरी देने तथा मुआवजा की मांग को लेकर धरना देकर बैठ गए। फैक्ट्री के मैनेजमेंट द्वारा मांग पूरी करने का आश्वासन देने पर ग्रामीण शांत हुए।
मंसूरपुर क्षेत्र के गांव लच्छेड़ा निवासी 45 वर्षीय ओमपाल सिंह सैनी पुत्र फूलसिंह नरा जड़ौदा में स्थित यूपी स्टील फैक्ट्री में स्थाई मजदूर था। विगत 31 अगस्त के दिन फैक्ट्री में काम करते वक्त उसे अचानक चक्कर आया। फैक्ट्री की ओर से परिजनों को सूचना दी गई और ओमपाल सिंह सैनी को बेगराजपुर मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया था। जहां से परिजन उसे मेरठ में किसी प्राइवेट हास्पिटल में भर्ती कराया। जहां पर उपचार के दौरान मंगलवार रात को उसकी मौत हो गई। बुधवार सुबह भाकियू के जिला महामंत्री विनय भारद्वाज के नेतृत्व में मृतक के परिजन व ग्रामीण शव को लेकर फैक्ट्री में पहुंचे। गेटमैन ने दरवाजा नहीं खोला तो ग्रामीणों ने ताला तोड़ दिया और शव को फैक्ट्री के अंदर रखकर प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर भी धरने पर बैठ गए थे। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना था कि जब तक मृतक के बेटे अतुल को नौकरी तथा पीड़ित परिजनों को मुआवजा नहीं मिलेगा, वे शव को फैक्ट्री से नहीं उठाकर ले जाएंगे। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आक्रोशित लोगों का समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन वे अपनी जिद पर अडिग रहे। इसके बाद फैक्ट्री के जीएम महेश गुप्ता व एचआर हेड एसके पांडेय के बीच ग्रामीणों की समझौता वार्ता चली।
विज्ञापन
समझौता वार्ता में मैनेजमेंट ने मृतक के बेटे को योग्यता के आधार पर नौकरी व साढ़े पांच लाख का मुआवजा तथा 11 लाख रुपये का फंड देने का आश्वासन दिया। आश्वासन देने के चार घंटे बाद ग्रामीणों ने शव को उठाया और गांव में ले गए। धरने पर मजदूर यूनियन लीडर सतीश कुमार, नीरज पहलवान, अहसान त्यागी, भूपेंद्र राठी, मोनू प्रधान, विरेंद्र प्रधान नरा, अंतरेश, राजेंद्र, नरेंद्र कश्यप, अरविंद प्रधान आदि मौजूद रहे।