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किसी को नौकरी चाहिए तो किसी को संतान
Updated Fri, 21 Jul 2017 01:27 AM IST
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मुराद पूरी होने पर कांवड़ लेकर पहुंचे
चरथावल। श्रावण शिवरात्रि पर भगवान आशुतोष पर जलाभिषेक करने वाले शिवभक्त मंजिल पूरी करने के अंतिम पड़ाव पर हैं। मन में किसी को बेटा मिलने की मुराद पूरी तो किसी के परीक्षा में कामयाबी की मन्नतें पूरी हुई। शुक्रवार को शिवरात्रि पर शिवालयों में भोले के भक्त कांवड़ चढ़ाने के लिए तैयार हैं।
सामाजिक समरसता के प्रतीक कांवड़ पर्व पर पैतृक गांवों और कस्बों में भोले कांवड़ चढ़ाने के लिए शिवालयों पर पहुंच गए हैं। कच्ची गढ़ी निवासी गुड्डू के कारोबार में सफलता मिलने पर हरिद्वार से जल लेकर चल पड़ा। शिवभक्त कहते हैं कि मन में परिवार की खुशहाली हो या फिर कोई भी आकांक्षा, भगवान भोलेनाथ अवश्य पूरी करते हैं। कई कांवड़िये तो बच्चों की कामयाबी पर हरिद्वार से पैदल गंगाजल लेकर निकल पड़े। शामली के श्रवण कहते हैं कि बेटे की चाहत पूरी होने पर हरिद्वार से गंगाजल लेकर आए हैं। सुरेश शर्मा बताते हैं कि सच्चे मन से मांगी गई मन्नत भगवान भोलेनाथ जरूर पूरी करते हैं। उन्होंने कई वर्षों तक पुरा महादेव मंदिर में कांवड़ चढ़ाई। भोले बाबा पैदल कांवड़ लाने की शक्ति खुद देते हैं। वहीं शामली जनपद के हरड़ फतेहपुर के शिवम, सिक्का के नरेश कुमार, थानाभवन के राम सिंह बताते हैं कि उनकी अलग-अलग मांगी गई मन्नतें पूरी होने पर हरिद्वार से पैदल कांवड़ लेकर वह गांव के शिवालयों में जलाभिषेक करेंगे। बृहस्पतिवार को आसपास क्षेत्र के कांवड़ियों की पैदल यात्रा का अंतिम पड़ाव चरथावल महादेव मंदिर रहा। उसके बाद ज्ञाना माजरा मंदिर में भी काफी संख्या में कांवड़िए पहुंच गए। आधी रात से पहला जल चढने की प्रतीक्षा के लिए मंदिरों में रुके हैं।
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चरथावल। श्रावण शिवरात्रि पर भगवान आशुतोष पर जलाभिषेक करने वाले शिवभक्त मंजिल पूरी करने के अंतिम पड़ाव पर हैं। मन में किसी को बेटा मिलने की मुराद पूरी तो किसी के परीक्षा में कामयाबी की मन्नतें पूरी हुई। शुक्रवार को शिवरात्रि पर शिवालयों में भोले के भक्त कांवड़ चढ़ाने के लिए तैयार हैं।
सामाजिक समरसता के प्रतीक कांवड़ पर्व पर पैतृक गांवों और कस्बों में भोले कांवड़ चढ़ाने के लिए शिवालयों पर पहुंच गए हैं। कच्ची गढ़ी निवासी गुड्डू के कारोबार में सफलता मिलने पर हरिद्वार से जल लेकर चल पड़ा। शिवभक्त कहते हैं कि मन में परिवार की खुशहाली हो या फिर कोई भी आकांक्षा, भगवान भोलेनाथ अवश्य पूरी करते हैं। कई कांवड़िये तो बच्चों की कामयाबी पर हरिद्वार से पैदल गंगाजल लेकर निकल पड़े। शामली के श्रवण कहते हैं कि बेटे की चाहत पूरी होने पर हरिद्वार से गंगाजल लेकर आए हैं। सुरेश शर्मा बताते हैं कि सच्चे मन से मांगी गई मन्नत भगवान भोलेनाथ जरूर पूरी करते हैं। उन्होंने कई वर्षों तक पुरा महादेव मंदिर में कांवड़ चढ़ाई। भोले बाबा पैदल कांवड़ लाने की शक्ति खुद देते हैं। वहीं शामली जनपद के हरड़ फतेहपुर के शिवम, सिक्का के नरेश कुमार, थानाभवन के राम सिंह बताते हैं कि उनकी अलग-अलग मांगी गई मन्नतें पूरी होने पर हरिद्वार से पैदल कांवड़ लेकर वह गांव के शिवालयों में जलाभिषेक करेंगे। बृहस्पतिवार को आसपास क्षेत्र के कांवड़ियों की पैदल यात्रा का अंतिम पड़ाव चरथावल महादेव मंदिर रहा। उसके बाद ज्ञाना माजरा मंदिर में भी काफी संख्या में कांवड़िए पहुंच गए। आधी रात से पहला जल चढने की प्रतीक्षा के लिए मंदिरों में रुके हैं।
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