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खाईखेड़ी मिल क्रय केंद्र पर गन्ना खरीद बंद
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खाईखेड़ी मिल क्रय केंद्र पर गन्ना खरीद बंद
चरथावल। खाईखेड़ी उत्तम शुगर मिल ने क्रय केंद्रों पर गन्ना खरीद बंद कर दी है।
किसानों का आरोप है कि यह पेराई सत्र दशकों बाद किसानों के लिए सबसे घटिया साबित हुआ। खेत में गन्ना अभी खड़ा है। पूरे सीजन किसान पर्चियों की बांट जोहते रहे। किसी गांव के केंद्रों पर तो गन्ना कलेंडर के निर्धारित कॉलम में से आधे भी पूरे नहीं हुए है।
चरथावल के वयोवृद्ध किसान देवदत्त त्यागी ने बताया कि चार बीघा ईख खड़ा है। उनके भाई रमेंद्र के चार बीघा, इसरार के यहां 10 बीघा और अमरीश त्यागी के यहां आठ बीघा गन्ना खड़ा है। इनकी आपूर्ति तितावी को होती है। खाईखेड़ी मिल के केंद्र बंद कर दिया गया और इस केंद्र से जुड़े कस्बे के शफीक के यहां करीब 25 बीघा और शब्बीर के यहां 8 बीघा ईख खेतों में खड़ा है। इनके अलावा सैकड़ों किसानों का गन्ना इसी तरह खेतों में खड़ा है। किसानों ने बताया कि दशकों बाद इस बार सीजन बेहद नुकसानदायक रहा। पूरे सीजन गन्ने की पर्चियां पाने को आम किसान भटकते रहे। किसान विनेश कुमार और विजेंद्र बताते हैं कि बिचौलियों ने सीजन में चांदी काटी। उन्होंने बिना जमीन और मृतकों के कार्डों पर गन्ना तुलवाकर मोटा मुनाफा कमाया। रूढा त्यागी ने बताया कि पिछले साल तितावी का केंद्र 10 मई को बंद हुआ था। लेकिन इस बार मिलों ने पहले से हाय तोबा मचाना शुरू कर। बुधवार को तितावी मिल खेत में खड़ा गन्ना छिलाई कर बिना पर्ची के आपूर्ति करने का फरमान जारी किया। हालांकि इस मिल के अभी अधिकांश केंद्रों पर सीजनल कलेंडर के 12 कॉलम में सिर्फ 6 से 7 कॉलम पूरे हो पाए हैं। खाईखेड़ी मिल का चरथावल, दधेडू, कुटेसरा, लुहारी खुर्द आदि केंद्रों पर अभी आठवां कॉलम चल रहा था। एक कॉलम में 15 खाने होते हैं। पूरा कलेंडर नहीं घूमने के कारण अगले पेराई सत्र में किसानों का रकबा भी घटना तय है।
भुगतान में देरी से किसानों पर दोहरी मार
चरथावल। गन्ना भुगतान में देरी से किसानों को डबल मार झेलनी पड़ रही है। बुधवार को रोहाना समिति कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक थानाभवन ने 10 दिसंबर, देवबंद ने 16 मार्च, खाईखेड़ी ने 31 जनवरी, तितावी ने 10 फरवरी और रोहाना ने सिर्फ 18 फरवरी तक भुगतान किया है।
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खेत में खड़े गन्ने को खरीदने से मिल इंकार नहीं कर सकती। देवबंद मिल के केंद्र पर कोड फीड कराकर गन्ना तोलने की मंजूरी दे दी गई है। तितावी एवं अन्य मिलों को भी संबंधित किसानों का गन्ना हर हालत में खरीदना पड़ेगा। खाईखेड़ी ने केंद्र पर तोल बंद कर दिया है। यदि कोई किसी किसान का गन्ना अभी खेत में है, तो उसकी जानकारी उन्हें दें - विनोद कुमार ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक रोहाना समिति।
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चरथावल। खाईखेड़ी उत्तम शुगर मिल ने क्रय केंद्रों पर गन्ना खरीद बंद कर दी है।
किसानों का आरोप है कि यह पेराई सत्र दशकों बाद किसानों के लिए सबसे घटिया साबित हुआ। खेत में गन्ना अभी खड़ा है। पूरे सीजन किसान पर्चियों की बांट जोहते रहे। किसी गांव के केंद्रों पर तो गन्ना कलेंडर के निर्धारित कॉलम में से आधे भी पूरे नहीं हुए है।
चरथावल के वयोवृद्ध किसान देवदत्त त्यागी ने बताया कि चार बीघा ईख खड़ा है। उनके भाई रमेंद्र के चार बीघा, इसरार के यहां 10 बीघा और अमरीश त्यागी के यहां आठ बीघा गन्ना खड़ा है। इनकी आपूर्ति तितावी को होती है। खाईखेड़ी मिल के केंद्र बंद कर दिया गया और इस केंद्र से जुड़े कस्बे के शफीक के यहां करीब 25 बीघा और शब्बीर के यहां 8 बीघा ईख खेतों में खड़ा है। इनके अलावा सैकड़ों किसानों का गन्ना इसी तरह खेतों में खड़ा है। किसानों ने बताया कि दशकों बाद इस बार सीजन बेहद नुकसानदायक रहा। पूरे सीजन गन्ने की पर्चियां पाने को आम किसान भटकते रहे। किसान विनेश कुमार और विजेंद्र बताते हैं कि बिचौलियों ने सीजन में चांदी काटी। उन्होंने बिना जमीन और मृतकों के कार्डों पर गन्ना तुलवाकर मोटा मुनाफा कमाया। रूढा त्यागी ने बताया कि पिछले साल तितावी का केंद्र 10 मई को बंद हुआ था। लेकिन इस बार मिलों ने पहले से हाय तोबा मचाना शुरू कर। बुधवार को तितावी मिल खेत में खड़ा गन्ना छिलाई कर बिना पर्ची के आपूर्ति करने का फरमान जारी किया। हालांकि इस मिल के अभी अधिकांश केंद्रों पर सीजनल कलेंडर के 12 कॉलम में सिर्फ 6 से 7 कॉलम पूरे हो पाए हैं। खाईखेड़ी मिल का चरथावल, दधेडू, कुटेसरा, लुहारी खुर्द आदि केंद्रों पर अभी आठवां कॉलम चल रहा था। एक कॉलम में 15 खाने होते हैं। पूरा कलेंडर नहीं घूमने के कारण अगले पेराई सत्र में किसानों का रकबा भी घटना तय है।
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भुगतान में देरी से किसानों पर दोहरी मार
चरथावल। गन्ना भुगतान में देरी से किसानों को डबल मार झेलनी पड़ रही है। बुधवार को रोहाना समिति कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक थानाभवन ने 10 दिसंबर, देवबंद ने 16 मार्च, खाईखेड़ी ने 31 जनवरी, तितावी ने 10 फरवरी और रोहाना ने सिर्फ 18 फरवरी तक भुगतान किया है।
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खेत में खड़े गन्ने को खरीदने से मिल इंकार नहीं कर सकती। देवबंद मिल के केंद्र पर कोड फीड कराकर गन्ना तोलने की मंजूरी दे दी गई है। तितावी एवं अन्य मिलों को भी संबंधित किसानों का गन्ना हर हालत में खरीदना पड़ेगा। खाईखेड़ी ने केंद्र पर तोल बंद कर दिया है। यदि कोई किसी किसान का गन्ना अभी खेत में है, तो उसकी जानकारी उन्हें दें - विनोद कुमार ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक रोहाना समिति।