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संयम की साधना व गुरू भक्ति सफलता का मार्ग- जैन मुनि
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संयम की साधना और गुरुभक्ति सफलता का मार्ग : जैन मुनि
बुढ़ाना। आचार्य ज्ञान सागर महाराज ने कहा कि संयम की साधना व गुरु भक्ति से जीवन में सभी सफलताएं प्राप्त की जा सकती है। मनुष्य जीवन में संस्कारों का भी बहुत बड़ा प्रभाव होता है। महावीर जयंती के पर्व पर आचार्य श्री का 32 वां दीक्षा दिवस धूमधाम से मनाया गया।
कस्बे के पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में श्रीमज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक आदिनाथ जिनबिंब प्रतिष्ठा महोत्सव जारी है। सात दिवसीय प्रतिष्ठा महोत्सव के पांचवें दिन महावीर जयंती का पर्व धूमधाम से मनाया गया। महावीर जयंती के पर्व पर आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज ने आज के दिन 31 वर्ष पहले दीक्षा ग्रहण की थी। आज का दिन आचार्य श्री का 32 वां दीक्षा दिवस के रूप में भी मनाया गया। तप कल्याणक विषय पर बोलते हुए आचार्य रत्न जैन मुनि ने तप और स्वाध्याय विषय के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संयम की साधना व गुरु भक्ति से सभी सफलताएं प्राप्त की जा सकती है। संयम, साधना व गुरु भक्ति के बिना मनुष्य का जीवन अधूरा है। संयम साधना व गुरु भक्ति ही संस्कार सिखाती है। अच्छे संस्कार ही मनुष्य को उन्नति के पथ पर ले जाते हैं।
रक्तदान से मनुष्य को मिलता है जीवनदान
बुढ़ाना। आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज के 32 वें मुनि दीक्षा दिवस के अवसर पर महारक्त दान शिविर का आयोजन किया गया। मुजफ्फरनगर के एसडी ब्लड बैंक के सहयोग से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्तदान शिविर में जैन समाज सहित अन्य समाज के 62 लोगों ने रक्तदान किया। इस मौके पर जैन मुनि ने कहा कि रक्तदान, महादान होता है। रक्तदान से मनुष्य को जीवनदान मिलता है। इस मौके पर सतेंद्र कुमार जैन, महेश चंद जैन, डॉ. पवन जैन, अप्पू जैन, अनिल कुमार जैन, विपिन कुमार जैन, नीरज जैन, दिनेश जैन, बबली जैन, राजेंद्र जैन सहित सकल जैन समाज के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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बुढ़ाना। आचार्य ज्ञान सागर महाराज ने कहा कि संयम की साधना व गुरु भक्ति से जीवन में सभी सफलताएं प्राप्त की जा सकती है। मनुष्य जीवन में संस्कारों का भी बहुत बड़ा प्रभाव होता है। महावीर जयंती के पर्व पर आचार्य श्री का 32 वां दीक्षा दिवस धूमधाम से मनाया गया।
कस्बे के पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में श्रीमज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक आदिनाथ जिनबिंब प्रतिष्ठा महोत्सव जारी है। सात दिवसीय प्रतिष्ठा महोत्सव के पांचवें दिन महावीर जयंती का पर्व धूमधाम से मनाया गया। महावीर जयंती के पर्व पर आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज ने आज के दिन 31 वर्ष पहले दीक्षा ग्रहण की थी। आज का दिन आचार्य श्री का 32 वां दीक्षा दिवस के रूप में भी मनाया गया। तप कल्याणक विषय पर बोलते हुए आचार्य रत्न जैन मुनि ने तप और स्वाध्याय विषय के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संयम की साधना व गुरु भक्ति से सभी सफलताएं प्राप्त की जा सकती है। संयम, साधना व गुरु भक्ति के बिना मनुष्य का जीवन अधूरा है। संयम साधना व गुरु भक्ति ही संस्कार सिखाती है। अच्छे संस्कार ही मनुष्य को उन्नति के पथ पर ले जाते हैं।
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रक्तदान से मनुष्य को मिलता है जीवनदान
बुढ़ाना। आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज के 32 वें मुनि दीक्षा दिवस के अवसर पर महारक्त दान शिविर का आयोजन किया गया। मुजफ्फरनगर के एसडी ब्लड बैंक के सहयोग से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्तदान शिविर में जैन समाज सहित अन्य समाज के 62 लोगों ने रक्तदान किया। इस मौके पर जैन मुनि ने कहा कि रक्तदान, महादान होता है। रक्तदान से मनुष्य को जीवनदान मिलता है। इस मौके पर सतेंद्र कुमार जैन, महेश चंद जैन, डॉ. पवन जैन, अप्पू जैन, अनिल कुमार जैन, विपिन कुमार जैन, नीरज जैन, दिनेश जैन, बबली जैन, राजेंद्र जैन सहित सकल जैन समाज के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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