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शुकतीर्थ में मंकर संक्राति पर श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई
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गंगा में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई
मोरना। पौराणिक तीर्थ नगरी शुकतीर्थ में पावन पर्व मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। भक्तों ने पूजा-अर्चना कर भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर पुण्य अर्जित किया। वहीं, नगर में मंदिरों के दर्शन कर साधु संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया।
शुकतीर्थ में मुख्य गंगा घाट पर अपने परिजनों के साथ दूरदराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर पुरोहितों व पंडों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हवन पूजन किया। दीन दुखियों और गरीब असहाय लोगों को दान दक्षिणा देकर प्रसाद का वितरित कर पुण्य कमाया। इसके बाद शुकदेव आश्रम में प्राचीन वट वृक्ष की परिक्रमा कर मनोकामना का धागा बांधकर श्रीकृष्ण मंदिर के दर्शन किए। ब्रह्मलीन शिक्षा के उत्थान के लिए अपने जीवन को समाज सेवा में समर्पित करने वाले स्वामी कल्याण देव की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके जीवन से जुड़ी चीजों का अवलोकन किया। इस मौके पर स्वामी ओमानंद महाराज, स्वामी गुरुदत्त महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी केश्वानंद महाराज, स्वामी महादेव आश्रम महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी गोपालाचार्य महाराज, स्वामी वेददास महाराज, स्वामी भक्ति भूषण गोविंद महाराज, स्वामी गीतानंद गिरि महाराज, स्वामी भजनानंद महाराज, स्वामी महानंद महाराज, माता राजनंदेश्वरी, स्वामी अयोध्या प्रसाद, स्वामी सत्यानंद महाराज आदि से आशीर्वाद लेकर सत्संग कथाओं में भाग लेकर पुण्य कमाया।
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मोरना। पौराणिक तीर्थ नगरी शुकतीर्थ में पावन पर्व मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। भक्तों ने पूजा-अर्चना कर भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर पुण्य अर्जित किया। वहीं, नगर में मंदिरों के दर्शन कर साधु संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया।
शुकतीर्थ में मुख्य गंगा घाट पर अपने परिजनों के साथ दूरदराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर पुरोहितों व पंडों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हवन पूजन किया। दीन दुखियों और गरीब असहाय लोगों को दान दक्षिणा देकर प्रसाद का वितरित कर पुण्य कमाया। इसके बाद शुकदेव आश्रम में प्राचीन वट वृक्ष की परिक्रमा कर मनोकामना का धागा बांधकर श्रीकृष्ण मंदिर के दर्शन किए। ब्रह्मलीन शिक्षा के उत्थान के लिए अपने जीवन को समाज सेवा में समर्पित करने वाले स्वामी कल्याण देव की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके जीवन से जुड़ी चीजों का अवलोकन किया। इस मौके पर स्वामी ओमानंद महाराज, स्वामी गुरुदत्त महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी केश्वानंद महाराज, स्वामी महादेव आश्रम महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी गोपालाचार्य महाराज, स्वामी वेददास महाराज, स्वामी भक्ति भूषण गोविंद महाराज, स्वामी गीतानंद गिरि महाराज, स्वामी भजनानंद महाराज, स्वामी महानंद महाराज, माता राजनंदेश्वरी, स्वामी अयोध्या प्रसाद, स्वामी सत्यानंद महाराज आदि से आशीर्वाद लेकर सत्संग कथाओं में भाग लेकर पुण्य कमाया।
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