{"_id":"5b1191cc4f1c1bac6e8b5ad4","slug":"11527878092-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैनवास पर उकेरी मौलिक विविधता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैनवास पर उकेरी मौलिक विविधता
Updated Sat, 02 Jun 2018 12:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैनवास पर उकेरी मौलिक विविधता
मुजफ्फरनगर। ललित कला अकादमी के निर्देशन में कलांगन सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित कला कार्यशाला में बाल और युवा कलाकारों ने तूलिका से कैनवास पर मन की विविधता का स्वरूप प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि महेश गौतम ने कहा कि कला मानव मस्तिष्क का शोधन कर उसे आनंद से भर देती है।
मदन मोहन मालवीय इंटर कॉलेज में ग्रीष्मकालीन कला कार्यशाला का शुभारंभ यज्ञ ज्योति प्रज्वलन से किया गया। बाल और युवा कलाकारों ने पेंटिंग में प्रतिभा प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि प्रबंध समिति अध्यक्ष महेश गौतम ने कहा कि कलांगन सेवा ट्रस्ट ने कलाकारों को संरक्षण प्रदान कर वंदनीय कार्य किया है। प्रधानाचार्य डॉ. विनीत चौहान ने कहा कि कला की प्रेरणा से अनुशासन की प्रवृत्ति बढ़ती है। कार्यशाला के निर्देशक डॉ. महावीर सिंह ने कहा कि कला से जुड़े विद्यार्थी मौलिकता को प्रदर्शित करते हैं। प्रवक्ता डॉ. अनिल सैनी ने कहा कि कला मनुष्य को तनाव से मुक्ति दिलाती है। डॉ. राजबल सैनी ने बताया कि कार्यशाला दो ग्रुप में 26 जून तक चलेगी। प्रात: नौ से 12 बजे तक प्रतिदिन कला का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कोमल, हर्षवर्द्धन, विकुल धीमान, दिलखुश, चेतन, अमरीश कुमार, देवदयाल, सीमा ज्योति, सविता, भावना, अनमोल आर्यन मौजूद रहें।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। ललित कला अकादमी के निर्देशन में कलांगन सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित कला कार्यशाला में बाल और युवा कलाकारों ने तूलिका से कैनवास पर मन की विविधता का स्वरूप प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि महेश गौतम ने कहा कि कला मानव मस्तिष्क का शोधन कर उसे आनंद से भर देती है।
मदन मोहन मालवीय इंटर कॉलेज में ग्रीष्मकालीन कला कार्यशाला का शुभारंभ यज्ञ ज्योति प्रज्वलन से किया गया। बाल और युवा कलाकारों ने पेंटिंग में प्रतिभा प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि प्रबंध समिति अध्यक्ष महेश गौतम ने कहा कि कलांगन सेवा ट्रस्ट ने कलाकारों को संरक्षण प्रदान कर वंदनीय कार्य किया है। प्रधानाचार्य डॉ. विनीत चौहान ने कहा कि कला की प्रेरणा से अनुशासन की प्रवृत्ति बढ़ती है। कार्यशाला के निर्देशक डॉ. महावीर सिंह ने कहा कि कला से जुड़े विद्यार्थी मौलिकता को प्रदर्शित करते हैं। प्रवक्ता डॉ. अनिल सैनी ने कहा कि कला मनुष्य को तनाव से मुक्ति दिलाती है। डॉ. राजबल सैनी ने बताया कि कार्यशाला दो ग्रुप में 26 जून तक चलेगी। प्रात: नौ से 12 बजे तक प्रतिदिन कला का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कोमल, हर्षवर्द्धन, विकुल धीमान, दिलखुश, चेतन, अमरीश कुमार, देवदयाल, सीमा ज्योति, सविता, भावना, अनमोल आर्यन मौजूद रहें।
विज्ञापन