{"_id":"5ae8a9bc4f1c1b9e098b792d","slug":"11525197244-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिकायतों की गलत आख्या देने वाले अधिकारी नपेंगे-मंडलायुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिकायतों की गलत आख्या देने वाले अधिकारी नपेंगे-मंडलायुक्त
Updated Tue, 01 May 2018 11:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खतौली। मंडलायुक्त चंद्रप्रकाश त्रिपाठी ने अधिकारियों को चेताया कि संपूर्ण समाधान दिवस में आने वाली शिकायतों के निस्तारण की गलत आख्या देने वाले अधिकारी किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। तहसील में मंडलायुक्त और डीआईजी शरद सचान ने जनता की शिकायतों को सुनकर संबंधित अधिकारियों से उनका निस्तारण करने के आदेश जारी किए। संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 27 शिकायतें दर्ज की गई, जिनमें से मात्र दो शिकायतों का ही निस्तारण हो सका।
तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में मंडलायुक्त चंद्रप्रकाश त्रिपाठी और डीआईजी शरद सचान जनता की शिकायतों को सुनने पहुंचे। अधिकारियों ने जनता की शिकायतों को सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निस्तारण करने के आदेश दिए। सभागार में अधिकारियों की बैठक लेते हुए मंडलायुक्त ने किया कि संपूर्ण समाधान दिवस में आने वाले शिकायतों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। समाधान दिवस में आने वाली सभी शिकायतों को लखनऊ में खुद मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव समेत सभी उच्चाधिकारी अपने संज्ञान में लेते हैं। आपके द्वारा शिकायतों के निस्तारण की गलत आख्या देने से कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को दंड भी दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण अधिकारियों को मौके पर जाकर करना चाहिए और शिकायतकर्ता से बातचीत कर उसको संतुष्ट करें। सरकार शिकायतों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे रही है। आपकी गलत आख्या देने से दंड भी भुगतना पड़ सकता है। इसलिए शिकायतकर्ता संतुष्ट होना जरूर चाहिए। लखनऊ में सीएम खुद भी शिकायतकर्ता से फोन पर सीधी बात कर सकते हैं। उन्होंने इस दौरान आईजीआरएस का अवलोकन करते हुए तहसीलदार अमित कुमार से शिकायतों के निस्तारण के बारे में जानकारी ली। डीआईजी ने सभी थानाध्यक्षों से पुलिस से संबंधित शिकायतों का समय पर निस्तारण करने के आवश्यक दिशा निर्देश दिए। एडीएम हरीशचंद्र, एसडीएम अतुल कुमार, तहसीलदार अमित कुमार सहित समस्त विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में मंडलायुक्त चंद्रप्रकाश त्रिपाठी और डीआईजी शरद सचान जनता की शिकायतों को सुनने पहुंचे। अधिकारियों ने जनता की शिकायतों को सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निस्तारण करने के आदेश दिए। सभागार में अधिकारियों की बैठक लेते हुए मंडलायुक्त ने किया कि संपूर्ण समाधान दिवस में आने वाले शिकायतों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। समाधान दिवस में आने वाली सभी शिकायतों को लखनऊ में खुद मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव समेत सभी उच्चाधिकारी अपने संज्ञान में लेते हैं। आपके द्वारा शिकायतों के निस्तारण की गलत आख्या देने से कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को दंड भी दिया जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण अधिकारियों को मौके पर जाकर करना चाहिए और शिकायतकर्ता से बातचीत कर उसको संतुष्ट करें। सरकार शिकायतों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे रही है। आपकी गलत आख्या देने से दंड भी भुगतना पड़ सकता है। इसलिए शिकायतकर्ता संतुष्ट होना जरूर चाहिए। लखनऊ में सीएम खुद भी शिकायतकर्ता से फोन पर सीधी बात कर सकते हैं। उन्होंने इस दौरान आईजीआरएस का अवलोकन करते हुए तहसीलदार अमित कुमार से शिकायतों के निस्तारण के बारे में जानकारी ली। डीआईजी ने सभी थानाध्यक्षों से पुलिस से संबंधित शिकायतों का समय पर निस्तारण करने के आवश्यक दिशा निर्देश दिए। एडीएम हरीशचंद्र, एसडीएम अतुल कुमार, तहसीलदार अमित कुमार सहित समस्त विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
विज्ञापन