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ठेका सफाकर्मियों को लेकर कर्मचारी संघ आया सामने
Updated Sat, 07 Apr 2018 12:24 AM IST
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मुजफ्फरनगर।
नगरपालिका परिषद में 118 ठेका सफाई कर्मचारियों को हटाये जाने को लेकर एक बार फिर से पालिका प्रशासन और सफाई कर्मचारी संघ में गतिरोध उत्पन्न हो गया है। संघ नेताओं ने ठेका कर्मचारियों को काम पर वापस नहीं लिए जाने पर आंदोलन की चेतावनी देते हुए ईओ पालिका को नोटिस दे दिया है।
सफाई कर्मचारी संघ की बैठक टाउनहाल में संघ कार्यालय पर हुई। संघ अध्यक्ष राजेश उटवाल वाल्मीकि और महामंत्री राजू वैद ने पालिका प्रशासन पर सफाई कर्मचारियों का उत्पीड़न और शोषण करने के आरोप लगाए। पालिका प्रशासन द्वारा आउट सोर्सिंग के माध्यम से 118 सफाई कर्मचारियों को रखा गया था, लेकिन बिना कारण बताए इनको हटा दिया गया है। इनका पांच माह से वेतन भी पालिका प्रशासन ने नहीं दिया है। पालिका ईओ पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। कहा कि पालिका के अन्य विभागों में भी आउट सोर्सिंग से कर्मचारी पहले से कार्यरत हैं, पालिका प्रशासन ने उनको नहीं हटाया है। मानक के अनुसार दस हजार की आबादी पर 28 सफाई कर्मचारी तैनात होने चाहिए, जबकि शहर में कुल 700 ही कर्मचारी तैनात हैं। शहर की आबादी पांच लाख है। आरोप लगाया कि ईओ को जनहितों के बजाये एटूजेड कंपनी का भुगतान करने की ज्यादा चिंता रहती है, जबकि पूरे दिन शहर के कूड़ा डलाव घरों में कूड़ा सड़ता रहता है। संघ ने आंदोलन की चेतावनी देते हुए पालिका ईओ को नोटिस दे दिया है।
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नगरपालिका परिषद में 118 ठेका सफाई कर्मचारियों को हटाये जाने को लेकर एक बार फिर से पालिका प्रशासन और सफाई कर्मचारी संघ में गतिरोध उत्पन्न हो गया है। संघ नेताओं ने ठेका कर्मचारियों को काम पर वापस नहीं लिए जाने पर आंदोलन की चेतावनी देते हुए ईओ पालिका को नोटिस दे दिया है।
सफाई कर्मचारी संघ की बैठक टाउनहाल में संघ कार्यालय पर हुई। संघ अध्यक्ष राजेश उटवाल वाल्मीकि और महामंत्री राजू वैद ने पालिका प्रशासन पर सफाई कर्मचारियों का उत्पीड़न और शोषण करने के आरोप लगाए। पालिका प्रशासन द्वारा आउट सोर्सिंग के माध्यम से 118 सफाई कर्मचारियों को रखा गया था, लेकिन बिना कारण बताए इनको हटा दिया गया है। इनका पांच माह से वेतन भी पालिका प्रशासन ने नहीं दिया है। पालिका ईओ पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। कहा कि पालिका के अन्य विभागों में भी आउट सोर्सिंग से कर्मचारी पहले से कार्यरत हैं, पालिका प्रशासन ने उनको नहीं हटाया है। मानक के अनुसार दस हजार की आबादी पर 28 सफाई कर्मचारी तैनात होने चाहिए, जबकि शहर में कुल 700 ही कर्मचारी तैनात हैं। शहर की आबादी पांच लाख है। आरोप लगाया कि ईओ को जनहितों के बजाये एटूजेड कंपनी का भुगतान करने की ज्यादा चिंता रहती है, जबकि पूरे दिन शहर के कूड़ा डलाव घरों में कूड़ा सड़ता रहता है। संघ ने आंदोलन की चेतावनी देते हुए पालिका ईओ को नोटिस दे दिया है।
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