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गंगा बैराज पुल क्षतिग्रस्त होने से रोडवेज को घाटा
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डिपो की 32 बसों का संचालन हुआ प्रभावित
मुजफ्फरनगर। दिल्ली-पौड़ी राजमार्ग पर गंगा बैराज का पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण पुल से भारी यातायात का आवागमन बंद कर दिया गया। ऐसे में परिवहन निगम की बसों का संचालन भी प्रभावित हो गया। इस मार्ग से बसें नहीं जाने से मुजफ्फरनगर डिपो को करीब तीन लाख के राजस्व की प्रतिदिन हानि हो रही है। उधर, बसों का संचालन प्रभावित होने से यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डिपो ने बिजनौर मार्ग पर चलने वाले करीब ढाई दर्जन बसों को अन्य मार्ग पर लगाया है, ताकि डिपो को राजस्व की हानि न हो।
मुजफ्फरनगर को बिजनौर से जोड़ने के लिए गंगा बैराज ही एक मात्र माध्यम है। बैराज के पुल से ही बसों का आवागमन होता है। मुजफ्फरनगर डिपो से बिजनौर के अलावा काठगोदाम, हल्द्वानी, काशीपुर, रुद्रपुर आदि स्थानों पर बसों का संचालन होता है। डिपो से 19 अनुबंधित तथा निगम की 13 बसे इस मार्ग पर संचालित होता है। शुक्रवार को अचानक गंगा बैराज के गेट नंबर 14 का टॉप स्लैब क्षतिग्रस्त होने के कारण बैराज पुल से बसों, ट्रकों समेत भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया। यह स्थिति करीब पंद्रह दिन रहेगी। ऐसे में रोडवेज बसों का संचालन भी प्रभावित हो गया। साथ ही यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डिपो को करीब तीन लाख रुपये के राजस्व की हानि रोजाना उठानी पड़ रही है, जिसकी भरपाई के लिए इस मार्ग की सभी 32 बसों को अन्य मार्गों पर भेजा गया है, ताकि राजस्व की प्राप्ति हो सके। एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि कुछ बसों को बैराज तक चलाने की योजना है, ताकि यहां से यात्री बैराज तक जा सके। काठगोदाम, काशीपुर और लखनऊ मार्ग की बसों को शनिवार को वाया हरिद्वार से भेजा गया है। हालांकि इससे समय और दूरी भी बढ़ने के साथ किराया भी बढ़ गया है।
गंगा बैराज का पुल क्षतिग्रस्त होने से कारोबार बुरी तरह प्रभावित
मुजफ्फरनगर। गंगा बैराज का पुल क्षतिग्रस्त होने से ट्रकों का आवागमन बंद कर दिए जाने से ट्रांसपोर्टरों का कारोबार भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। दो दिन में ही ट्रांसपोर्टरों को लाखों का घाटा हो गया। पहले से सामान बुक हुआ है, मगर ट्रक चालक अन्य मार्गो से सामान ले जाने को तैयार नहीं है।
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मुजफ्फरनगर से काफी सामान बिजनौर, धामपुर, किरतपुर, कोटद्वार, नगीना, नहटौर, हल्द्वानी, उधमसिंह नगर आदि स्थानों पर ट्रांसपोर्ट से भेजा जाता है। बैराज पुल से ट्रकों का संचालन बंद होने से यहां का ट्रांसपोर्ट का कारोबार भी प्रभावित हुआ है। नानक रोड लाईन्स के मालिक शेखर किंगर का कहना है कि बिजनौर क्षेत्र का सामान पहले से बुक किया था, मगर अब ट्रक वाले अन्य मार्गों से सामान ले जाने से इंकार कर रहे है। धीमान ट्रांसपोर्ट के मालिक प्रदीप कहते हैं कि किराया वो ही निर्धारित है, जबकि अब ट्रक मेरठ, गजरौला से होकर बिजनौर जाएंगे, इस मार्ग की दूरी भी करीब सौ किलोमीटर बढ़ गई तथा दो टोल भी पड़ेगे, ऐसे में खर्चा बढ़ गया, जबकि किराया वो ही है, इसलिए ट्रक चालक माल नहीं ले जा रहे है। न्यू कश्मीर ट्रांसपोर्ट के मालिक राज किशोर और अंबे ट्रांसपोर्ट के स्वामी लालू ने बताया कि बैराज पर भारी वाहनों का संचालन बंद होने से ट्रांसपोर्ट कारोबार प्रभावित हुआ है, यहां के ट्रांसपोर्टरों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। सामान बुक पड़ा है, मगर ट्रक चालक अन्य मार्गों से सामान ले जाने को तैयार नहीं है। उन्हें ज्यादा किराया चाहिए, जबकि सामान मालिक अधिक ट्रांसपोर्ट नहीं दे रहे है।
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मुजफ्फरनगर। दिल्ली-पौड़ी राजमार्ग पर गंगा बैराज का पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण पुल से भारी यातायात का आवागमन बंद कर दिया गया। ऐसे में परिवहन निगम की बसों का संचालन भी प्रभावित हो गया। इस मार्ग से बसें नहीं जाने से मुजफ्फरनगर डिपो को करीब तीन लाख के राजस्व की प्रतिदिन हानि हो रही है। उधर, बसों का संचालन प्रभावित होने से यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डिपो ने बिजनौर मार्ग पर चलने वाले करीब ढाई दर्जन बसों को अन्य मार्ग पर लगाया है, ताकि डिपो को राजस्व की हानि न हो।
मुजफ्फरनगर को बिजनौर से जोड़ने के लिए गंगा बैराज ही एक मात्र माध्यम है। बैराज के पुल से ही बसों का आवागमन होता है। मुजफ्फरनगर डिपो से बिजनौर के अलावा काठगोदाम, हल्द्वानी, काशीपुर, रुद्रपुर आदि स्थानों पर बसों का संचालन होता है। डिपो से 19 अनुबंधित तथा निगम की 13 बसे इस मार्ग पर संचालित होता है। शुक्रवार को अचानक गंगा बैराज के गेट नंबर 14 का टॉप स्लैब क्षतिग्रस्त होने के कारण बैराज पुल से बसों, ट्रकों समेत भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया। यह स्थिति करीब पंद्रह दिन रहेगी। ऐसे में रोडवेज बसों का संचालन भी प्रभावित हो गया। साथ ही यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डिपो को करीब तीन लाख रुपये के राजस्व की हानि रोजाना उठानी पड़ रही है, जिसकी भरपाई के लिए इस मार्ग की सभी 32 बसों को अन्य मार्गों पर भेजा गया है, ताकि राजस्व की प्राप्ति हो सके। एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि कुछ बसों को बैराज तक चलाने की योजना है, ताकि यहां से यात्री बैराज तक जा सके। काठगोदाम, काशीपुर और लखनऊ मार्ग की बसों को शनिवार को वाया हरिद्वार से भेजा गया है। हालांकि इससे समय और दूरी भी बढ़ने के साथ किराया भी बढ़ गया है।
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गंगा बैराज का पुल क्षतिग्रस्त होने से कारोबार बुरी तरह प्रभावित
मुजफ्फरनगर। गंगा बैराज का पुल क्षतिग्रस्त होने से ट्रकों का आवागमन बंद कर दिए जाने से ट्रांसपोर्टरों का कारोबार भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। दो दिन में ही ट्रांसपोर्टरों को लाखों का घाटा हो गया। पहले से सामान बुक हुआ है, मगर ट्रक चालक अन्य मार्गो से सामान ले जाने को तैयार नहीं है।
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मुजफ्फरनगर से काफी सामान बिजनौर, धामपुर, किरतपुर, कोटद्वार, नगीना, नहटौर, हल्द्वानी, उधमसिंह नगर आदि स्थानों पर ट्रांसपोर्ट से भेजा जाता है। बैराज पुल से ट्रकों का संचालन बंद होने से यहां का ट्रांसपोर्ट का कारोबार भी प्रभावित हुआ है। नानक रोड लाईन्स के मालिक शेखर किंगर का कहना है कि बिजनौर क्षेत्र का सामान पहले से बुक किया था, मगर अब ट्रक वाले अन्य मार्गों से सामान ले जाने से इंकार कर रहे है। धीमान ट्रांसपोर्ट के मालिक प्रदीप कहते हैं कि किराया वो ही निर्धारित है, जबकि अब ट्रक मेरठ, गजरौला से होकर बिजनौर जाएंगे, इस मार्ग की दूरी भी करीब सौ किलोमीटर बढ़ गई तथा दो टोल भी पड़ेगे, ऐसे में खर्चा बढ़ गया, जबकि किराया वो ही है, इसलिए ट्रक चालक माल नहीं ले जा रहे है। न्यू कश्मीर ट्रांसपोर्ट के मालिक राज किशोर और अंबे ट्रांसपोर्ट के स्वामी लालू ने बताया कि बैराज पर भारी वाहनों का संचालन बंद होने से ट्रांसपोर्ट कारोबार प्रभावित हुआ है, यहां के ट्रांसपोर्टरों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। सामान बुक पड़ा है, मगर ट्रक चालक अन्य मार्गों से सामान ले जाने को तैयार नहीं है। उन्हें ज्यादा किराया चाहिए, जबकि सामान मालिक अधिक ट्रांसपोर्ट नहीं दे रहे है।