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हत्या कर शव गायब करने के मामले में महिला समेत दो को उम्रकैद
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देवबंद (सहारनपुर)। हत्या कर शव को गायब करने के मामले में शनिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने एक महिला समेत दो अभियुक्तों को दोषी पाते हुए उन्हें आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड की धनराशि पीड़ित पक्ष को प्रदान किए जाने के आदेश दिए गए हैं।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवीदयाल शर्मा ने बताया कि 2 सितंबर 2014 को मो. भूरा ने अपने पुत्र आबिद उर्फ सोनू की गुमशुदगी कोतवाली में दर्ज कराई थी। जिसमें 6 सितंबर 2014 को एक युवक की लाश शाहपुर पुलिस ने नहर से बरामद की थी। जिसकी शनाख्त फोटो व कपड़ों से वादी मो. भूरा ने अपने गुमशुदा पुत्र आबिद के रूप में की थी। बाद में मो. भूरा को गवाह ने बताया कि अभियुक्त इश्तियाक उर्फ टाइगर पुत्र मेहरबान और फात्मा पत्नी मुम्तयाज निवासी मोहल्ला कोहला बस्ती देवबंद के अवैध संबंधों का आबिद को पता लग गया था। जिस कारण अभियुक्तों ने आबिद के सिर पर लोहे की राड मारकर हत्या कर दी थी। बाद में शव को नहर में डाल दिया गया। जिसका मुकदमा न्यायालय के आदेश पर धारा 302, 201 में दर्ज किया गया था। जिसका विचारण अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. राकेश कुमार नैन की अदालत में चला। शनिवार को अदालत ने अभियोजन एवं बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए उक्त सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्तों को एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवीदयाल शर्मा ने बताया कि 2 सितंबर 2014 को मो. भूरा ने अपने पुत्र आबिद उर्फ सोनू की गुमशुदगी कोतवाली में दर्ज कराई थी। जिसमें 6 सितंबर 2014 को एक युवक की लाश शाहपुर पुलिस ने नहर से बरामद की थी। जिसकी शनाख्त फोटो व कपड़ों से वादी मो. भूरा ने अपने गुमशुदा पुत्र आबिद के रूप में की थी। बाद में मो. भूरा को गवाह ने बताया कि अभियुक्त इश्तियाक उर्फ टाइगर पुत्र मेहरबान और फात्मा पत्नी मुम्तयाज निवासी मोहल्ला कोहला बस्ती देवबंद के अवैध संबंधों का आबिद को पता लग गया था। जिस कारण अभियुक्तों ने आबिद के सिर पर लोहे की राड मारकर हत्या कर दी थी। बाद में शव को नहर में डाल दिया गया। जिसका मुकदमा न्यायालय के आदेश पर धारा 302, 201 में दर्ज किया गया था। जिसका विचारण अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. राकेश कुमार नैन की अदालत में चला। शनिवार को अदालत ने अभियोजन एवं बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए उक्त सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्तों को एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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