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टॉप रैंक की खिलाडिय़ों ने कायम रखा वर्चस्व
Updated Fri, 16 Nov 2018 12:12 AM IST
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टॉप रैंक की खिलाड़ियों ने कायम रखा वर्चस्व
मुजफ्फरनगर। सर्विस क्लब के ग्रास कोर्ट पर उम्दा खेल की बदौलत सेमीफाइनल में पहुंची विदेशी खिलाड़ियों को टूर्नामेंट में सबसे बड़ी रैंक मिली थी। मौजूदा वर्ल्ड रैंकिंग के आधार पर जापान की हिरोका क्वाटा को आईटीएफ ने टूर्नामेंट में पहली रैंक दी थी, जबकि स्लोवीनिया की नस्तजा कोलार को दूसरी रैंक पर रखा गया। क्वाटा वर्ल्ड में 278वें नंबर की खिलाड़ी हैं। कोलार की रैंक 347 है। टेनिस के अनुभव और संघर्ष की क्षमता के दम पर क्वाटा और कोलार फाइनल की जंग लड़ने का हौसला रखती हैं। टूर्नामेंट में सर्बिया की नतालिजा कोस्टिक को तीसरी और स्लोवाकिया की टेरेजा मिहालिकोवा को चौथी रैंक मिली थी। इन चारों खिलाड़ियों ने क्वार्टर फाइनल में जीत हासिल की। अब इन्हीं के बीच फाइनल के महारथियों का फैसला होगा। टूर्नामेंट में पांचवीं रैंक पाई जापान की कोयोका ओकामोरा, छठी रैंक की जर्मनी गर्ल्स एस. सेकुलिक, सातवीं रैंक की बुल्गारिया की अलेक्जेंड्रा नायडेनोवा की चुनौती क्वार्टर फाइनल में खत्म हो गई। आठवीं रैंक की कजाकिस्तान की कैसेनिया पलकीना को तो क्वार्टर फाइनल खेलने का भी मौका नहीं मिला।
मैच में अल्दिला ने बदली ड्रेस
मुजफ्फरनगर। कोर्ट एक पर दर्शकों का सबसे पसंदीदा मैच खेला गया। दर्शक दीर्घा में शोरगुल पर अंपायर ने टोकाटाकी की। जापान की हिरोका क्वाटा और इंडोनेशिया की अल्दिला सुतजियादी को लेकर भी दर्शकों में खेमेबंदी हो गई। तीसरे सेट में गरमी से परेशान अल्दिला ड्रेस बदलकर कोर्ट पर लौटी। अल्दिला की मां दर्शक दीर्घा के किनारे बैठी मैच देखती रही।
टेरेजा और अलेक्जेंड्रा की गूंजी आवाज
मुजफ्फरनगर । कोर्ट दो पर स्लोवाकिया की टेरेजा और बुल्गारिया की अलेक्जेंड्रा की हर शॉट पर सबसे ज्यादा आवाज गूंजी। ग्रास कोर्ट पर पेड़ से गिरे पत्तों को टेरेजा ने खुद ही उठाकर डस्टबिन में डाल दिया। किस्मत अलेक्जेंड्रा के साथ नहीं थी। लाइन पर खोए कई प्वाइंट को लेकर उसकी अंपायर से गुफ्तगू हुई। ढाई घंटे से ज्यादा छिड़ी हार-जीत की जंग में अलेक्जेंड्रा इतनी थक गई कि कोल्ड ड्रिंक की जो बोतल डस्टबिन में रख दी थी, उसे उठाकर बची कुछ बूंदें सूखे हलक में डालती दिखी। ब्रेक के दौरान कोच ने कुछ एनर्जी फूड दिया, तब आगे मैच शुरू हुआ।
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स्लोवीनिया की कोलार के नखरे भारी
मुजफ्फरनगर। तीसरे क्वार्टर फाइनल में विजेता बनी स्लोवीनिया की नस्तजा कोलार अपने नखरे को लेकर चर्चाओं में रही। गुस्से में बॉल को स्पीड से मारना, अंपायर के फैसले पर एतराज करने का अंदाज कोर्ट पर दिखाई दिया। टूर्नामेंट में फिटनेस के हिसाब से वह सबसे हेल्थी खिलाड़ी रही। कॉफी मिलने में देरी पर भी उन्होंने अंपायर से सवाल-जवाब किया। मीडिया को भी इंटरव्यू से इनकार कर दिया।
कोस्टिक को भायी किशमिश
मुजफ्फरनगर। सर्बिया की नतालिजा कोस्टिक को खाने में किशमिश सबसे ज्यादा भाई। कोर्ट पर भी वह किशमिश चबाती रहीं। मैच जीतने के बाद कोच निकोला के साथ खुशी के अंदाज में डांस का स्टेप करने को लेकर वह सबकी निगाहों में रही। छोटे कद की कोस्टिक की विश्व में 360वीं रैंक है। उन्हें विश्वास है कि सर्विस क्लब के ग्रास कोर्ट पर फाइनल वही खेलेंगी।
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मुजफ्फरनगर। सर्विस क्लब के ग्रास कोर्ट पर उम्दा खेल की बदौलत सेमीफाइनल में पहुंची विदेशी खिलाड़ियों को टूर्नामेंट में सबसे बड़ी रैंक मिली थी। मौजूदा वर्ल्ड रैंकिंग के आधार पर जापान की हिरोका क्वाटा को आईटीएफ ने टूर्नामेंट में पहली रैंक दी थी, जबकि स्लोवीनिया की नस्तजा कोलार को दूसरी रैंक पर रखा गया। क्वाटा वर्ल्ड में 278वें नंबर की खिलाड़ी हैं। कोलार की रैंक 347 है। टेनिस के अनुभव और संघर्ष की क्षमता के दम पर क्वाटा और कोलार फाइनल की जंग लड़ने का हौसला रखती हैं। टूर्नामेंट में सर्बिया की नतालिजा कोस्टिक को तीसरी और स्लोवाकिया की टेरेजा मिहालिकोवा को चौथी रैंक मिली थी। इन चारों खिलाड़ियों ने क्वार्टर फाइनल में जीत हासिल की। अब इन्हीं के बीच फाइनल के महारथियों का फैसला होगा। टूर्नामेंट में पांचवीं रैंक पाई जापान की कोयोका ओकामोरा, छठी रैंक की जर्मनी गर्ल्स एस. सेकुलिक, सातवीं रैंक की बुल्गारिया की अलेक्जेंड्रा नायडेनोवा की चुनौती क्वार्टर फाइनल में खत्म हो गई। आठवीं रैंक की कजाकिस्तान की कैसेनिया पलकीना को तो क्वार्टर फाइनल खेलने का भी मौका नहीं मिला।
मैच में अल्दिला ने बदली ड्रेस
मुजफ्फरनगर। कोर्ट एक पर दर्शकों का सबसे पसंदीदा मैच खेला गया। दर्शक दीर्घा में शोरगुल पर अंपायर ने टोकाटाकी की। जापान की हिरोका क्वाटा और इंडोनेशिया की अल्दिला सुतजियादी को लेकर भी दर्शकों में खेमेबंदी हो गई। तीसरे सेट में गरमी से परेशान अल्दिला ड्रेस बदलकर कोर्ट पर लौटी। अल्दिला की मां दर्शक दीर्घा के किनारे बैठी मैच देखती रही।
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टेरेजा और अलेक्जेंड्रा की गूंजी आवाज
मुजफ्फरनगर । कोर्ट दो पर स्लोवाकिया की टेरेजा और बुल्गारिया की अलेक्जेंड्रा की हर शॉट पर सबसे ज्यादा आवाज गूंजी। ग्रास कोर्ट पर पेड़ से गिरे पत्तों को टेरेजा ने खुद ही उठाकर डस्टबिन में डाल दिया। किस्मत अलेक्जेंड्रा के साथ नहीं थी। लाइन पर खोए कई प्वाइंट को लेकर उसकी अंपायर से गुफ्तगू हुई। ढाई घंटे से ज्यादा छिड़ी हार-जीत की जंग में अलेक्जेंड्रा इतनी थक गई कि कोल्ड ड्रिंक की जो बोतल डस्टबिन में रख दी थी, उसे उठाकर बची कुछ बूंदें सूखे हलक में डालती दिखी। ब्रेक के दौरान कोच ने कुछ एनर्जी फूड दिया, तब आगे मैच शुरू हुआ।
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स्लोवीनिया की कोलार के नखरे भारी
मुजफ्फरनगर। तीसरे क्वार्टर फाइनल में विजेता बनी स्लोवीनिया की नस्तजा कोलार अपने नखरे को लेकर चर्चाओं में रही। गुस्से में बॉल को स्पीड से मारना, अंपायर के फैसले पर एतराज करने का अंदाज कोर्ट पर दिखाई दिया। टूर्नामेंट में फिटनेस के हिसाब से वह सबसे हेल्थी खिलाड़ी रही। कॉफी मिलने में देरी पर भी उन्होंने अंपायर से सवाल-जवाब किया। मीडिया को भी इंटरव्यू से इनकार कर दिया।
कोस्टिक को भायी किशमिश
मुजफ्फरनगर। सर्बिया की नतालिजा कोस्टिक को खाने में किशमिश सबसे ज्यादा भाई। कोर्ट पर भी वह किशमिश चबाती रहीं। मैच जीतने के बाद कोच निकोला के साथ खुशी के अंदाज में डांस का स्टेप करने को लेकर वह सबकी निगाहों में रही। छोटे कद की कोस्टिक की विश्व में 360वीं रैंक है। उन्हें विश्वास है कि सर्विस क्लब के ग्रास कोर्ट पर फाइनल वही खेलेंगी।