फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   हिंदी से विमुख होती युवा पीढ़ी

हिंदी से विमुख होती युवा पीढ़ी

Fri, 14 Sep 2018 12:40 AM IST
Updated Fri, 14 Sep 2018 12:40 AM IST
विज्ञापन
हिंदी से विमुख होती युवा पीढ़ी
हिंदी से विमुख होती युवा पीढ़ी
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। मातृ भाषा हिंदी के प्रति युवाओं की उदासीनता बढ़ती जा रही है। डिग्री कॉलेजों में स्नातकोत्तर कक्षाओं में जहां प्रवेश को लेकर मारामारी रहती थी, वहां अब सीटें पूरी होना मुश्किल हो रहा है। शहर के दो डिग्री कॉलेजों में एमए में हिंदी विषय है। दोनों कॉलेजों में सीटें खाली पड़ी है। सरकार की लापरवाही ये है कि कॉलेजों में हिंदी का स्टाफ भी पूरा नहीं है। जैन डिग्री में हिंदी में एक भी स्थायी शिक्षक नहीं है।
एक तरफ पूरा देश हिंदी दिवस मना रहा है, वहीं दूसरी ओर डिग्री कॉलेजों में ही हिंदी सिसक रही है। शहर के दो महाविद्यालयों में एमए में हिंदी का कोर्स चलता है। इनमें एसडी डिग्री कॉलेज और जैन कन्या पाठशाला महाविद्यालय शामिल है। इस वर्ष दोनों ही कॉलेजों में एमए में सीटें खाली हैं। जैन कन्या पाठशाला महाविद्यालय में 60 सीटों के मुकाबले केवल 31 छात्राओं ने ही प्रवेश लिया है। यहां सबसे कष्टदायक बात यह है कि बीए और एमए के पांच के स्टाफ के मुकाबले एक भी स्थायी शिक्षक नहीं है। ट्यूटर के माध्यम से ही कॉलेज में हिंदी की पढ़ाई चल रही है। सरकार भी हिंदी के प्रति यहां लापरवाह दिखाई दे रही है।
विज्ञापन

प्राचार्या डॉ सीमा जैन का कहना है कि कॉलेज में स्थायी टीचन तो नहीं है, लेकिन जो शिक्षिकाएं उनके यहां पढ़ा रही है, सभी क्वालीफाइड है। एमए में सभी कॉलेजों में एडमिशन की यहीं स्थिति है। एसडी डिग्री कॉलेज में भी 60 सीटें है। एमए हिंदी में यहां केवल 36 एडमिशन ही हो पाए हैं। कॉलेज के प्राचार्य डॉ एससी वार्ष्णेय का कहना है कि पांच के स्टाफ के मुकाबले यहां तीन शिक्षकों की तैनाती है। उनका कहना है कि इस बार पीजी की कक्षाओं में एडमिशन कम हुए है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed