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मकान गिरने से मलबे में सामान दबा
Updated Mon, 27 Aug 2018 12:32 AM IST
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मकान गिरने से मलबे में सामान दबा
मोरना। कस्बा भोकरहेड़ी की वाल्मीकि बस्ती में शकुंतला पत्नी शन्नू वाल्मीकि का कच्चा मकान शनिवार को हुई बारिश के दौरान गिर गया। घर में रखा सामान खाद्य सामग्री व कपड़े आदि मलबे में दब गए। ग्रामीणों की मदद से मलबे को हटाया गया। पीड़ित महिला ने प्रशासन से घर को पक्का बनवाने की गुहार लगाई है। इस दौरान रविंद्र वाल्मीकि, भूपेंद्र वाल्मीकि, रामबीर सिंह आदि ने भी प्रशासन से आर्थिक मदद की मांग की है।
गंगा में डूब रहे श्रद्धालु की जान बचाई
मोरना। शुक्रताल स्थित दंडी आश्रम में आए जिला मेरठ के कंकरखेड़ा निवासी परिवार रविवार को गंगा घाट पर गंगा स्नान करने के लिए गया। जहां श्रावजी उपाक्रम के उपरांत कृष्ण गोपाल पुत्र घसीटूराम स्नान करने लगा। इसी दौरान वह गहरे पानी में समाने लगा। गोपाल ने मदद के लिए शोर मचाया, तभी वहां उपस्थित दंडी आश्रम के प्रबंधक पंडित मनोहर शर्मा के पुत्र गौरव ने अपनी जान की परवाह न करते हुए डूब रहे गोपाल को सुरक्षित बाहर निकाल कर उसकी जान बचाई।
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मोरना। कस्बा भोकरहेड़ी की वाल्मीकि बस्ती में शकुंतला पत्नी शन्नू वाल्मीकि का कच्चा मकान शनिवार को हुई बारिश के दौरान गिर गया। घर में रखा सामान खाद्य सामग्री व कपड़े आदि मलबे में दब गए। ग्रामीणों की मदद से मलबे को हटाया गया। पीड़ित महिला ने प्रशासन से घर को पक्का बनवाने की गुहार लगाई है। इस दौरान रविंद्र वाल्मीकि, भूपेंद्र वाल्मीकि, रामबीर सिंह आदि ने भी प्रशासन से आर्थिक मदद की मांग की है।
गंगा में डूब रहे श्रद्धालु की जान बचाई
मोरना। शुक्रताल स्थित दंडी आश्रम में आए जिला मेरठ के कंकरखेड़ा निवासी परिवार रविवार को गंगा घाट पर गंगा स्नान करने के लिए गया। जहां श्रावजी उपाक्रम के उपरांत कृष्ण गोपाल पुत्र घसीटूराम स्नान करने लगा। इसी दौरान वह गहरे पानी में समाने लगा। गोपाल ने मदद के लिए शोर मचाया, तभी वहां उपस्थित दंडी आश्रम के प्रबंधक पंडित मनोहर शर्मा के पुत्र गौरव ने अपनी जान की परवाह न करते हुए डूब रहे गोपाल को सुरक्षित बाहर निकाल कर उसकी जान बचाई।
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