{"_id":"5ac524374f1c1bd4618b57b7","slug":"111522869303-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शुक्रताल में शोभायात्रा निकाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शुक्रताल में शोभायात्रा निकाली
Updated Thu, 05 Apr 2018 12:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बैंडबाजों के संग शोभायात्रा निकाली
मोरना।
शुक्रताल में स्वामी मंगलानंद महाराज की जयंती पर शोभायात्रा निकाली गई। बैंडबाजों की धार्मिक धुनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे। मुख्य अतिथि बीरबल सिंह डायरेक्टर एग्रीकल्चर ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच तीन मंजिल गुरु रविदास मंदिर का शुभारंभ करते हुए पूजा-अर्चना में भाग लिया। श्रद्धालुओं ने सत्संग में साधु संतों की वाणी का अमृतपान कर धर्म लाभ कमाया।
रविदास सेवा समिति के तत्वावधान में रविदास आश्रम शुक्रताल में गुुरु रविदास मंदिर के शुभारंभ को लेकर दो दिवसीय समारोह का आयोजन आश्रम के परिसर में किया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ पर ब्रह्मलीन स्वामी हरिदास महाराज की समाधि स्थल को नमन करते हुए नगर में शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बग्गी में सवार स्वामी सत्यानंद महाराज व मवाना से पधारे स्वामी प्रेमानंद योगी महाराज का अनुयायियों ने कई स्थानों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। पंजाब के सच्च खंड से पधारे स्वामी विरेंद्रदास महाराज ने कहा कि गुरु और संतों का सानिध्य और सत्संग दोनों ही धर्म और ज्ञान का विस्तार करते हैं, जिससे मानव का कल्याण होता है। गुरु रविदास महाराज ने असहाय को सहारा देकर समाज की दशा और दिशा का बदलने का महान कार्य किया। स्वामी गोवर्धनदास महाराज, स्वामी भजनानंद महाराज, स्वामी लोकदास महाराज, गंगधारी महाराज आदि ने भी विचार प्रकट किए। आयोजन में सेवानंद महाराज, स्वामी योगानंद महाराज, धर्मपाल, संजय, रवि प्रमुख, श्यामलाल हरियाणा, जनेश्वर आदि ने मुख्य भूमिका निभाई।
विज्ञापन
मोरना।
शुक्रताल में स्वामी मंगलानंद महाराज की जयंती पर शोभायात्रा निकाली गई। बैंडबाजों की धार्मिक धुनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे। मुख्य अतिथि बीरबल सिंह डायरेक्टर एग्रीकल्चर ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच तीन मंजिल गुरु रविदास मंदिर का शुभारंभ करते हुए पूजा-अर्चना में भाग लिया। श्रद्धालुओं ने सत्संग में साधु संतों की वाणी का अमृतपान कर धर्म लाभ कमाया।
रविदास सेवा समिति के तत्वावधान में रविदास आश्रम शुक्रताल में गुुरु रविदास मंदिर के शुभारंभ को लेकर दो दिवसीय समारोह का आयोजन आश्रम के परिसर में किया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ पर ब्रह्मलीन स्वामी हरिदास महाराज की समाधि स्थल को नमन करते हुए नगर में शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बग्गी में सवार स्वामी सत्यानंद महाराज व मवाना से पधारे स्वामी प्रेमानंद योगी महाराज का अनुयायियों ने कई स्थानों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। पंजाब के सच्च खंड से पधारे स्वामी विरेंद्रदास महाराज ने कहा कि गुरु और संतों का सानिध्य और सत्संग दोनों ही धर्म और ज्ञान का विस्तार करते हैं, जिससे मानव का कल्याण होता है। गुरु रविदास महाराज ने असहाय को सहारा देकर समाज की दशा और दिशा का बदलने का महान कार्य किया। स्वामी गोवर्धनदास महाराज, स्वामी भजनानंद महाराज, स्वामी लोकदास महाराज, गंगधारी महाराज आदि ने भी विचार प्रकट किए। आयोजन में सेवानंद महाराज, स्वामी योगानंद महाराज, धर्मपाल, संजय, रवि प्रमुख, श्यामलाल हरियाणा, जनेश्वर आदि ने मुख्य भूमिका निभाई।
विज्ञापन