{"_id":"5ab943d84f1c1b314e8b471e","slug":"111522090968-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एमडीआर मरीजों को भर्ती कर मिलेगा इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एमडीआर मरीजों को भर्ती कर मिलेगा इलाज
Updated Tue, 27 Mar 2018 12:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एमडीआर मरीजों को भर्ती कर मिलेगा इलाज
मुजफ्फरनगर। टीबी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए रैली निकाली गई। वक्ताओं ने कहा कि टीबी का रोज लाइलाज नहीं है। टीबी के रोगियों को उपचार के लिए जांच और दवा के बारे में बताया गया। इसके अलावा भी अस्थायी आश्रय देने के लिए डीआरटीबी सेंटर खोला गया है। यहां पर हाई रिस्क स्तर के रोगियों को भर्ती कराकर उपचार दिया जाएगा।
टाउनहाल मैदान से जिला स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में टीबी रोग निवारण दिवस पर जनजागरण रैली का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली झांसी की रानी, शिव चौक, रुड़की रोड, नावल्टी चौराहा, अहिल्याबाई, होल्कर चौराहा होते हुए जिला चिकित्सालय परिसर में पहुंचकर समाप्त हुई। सीएमओ ने कहा कि टीबी के छह लक्षण हैं। खांसी, बुखार के अलावा अधिक कमजोरी होने पर तत्काल अस्पताल में संपर्क करें और जांच कराए। टीबी का नि:शुल्क उपचार किया जाता है। इसके बाद परिसर में टीबी के मरीजों के लिए बनाए गए डीआरटीबी सेंटर खोला गया है। यहां मल्टी ड्रग रेजीमेंट (एमडीआर) के रोगियों का उपचार किया जाएगा, जिन्हें अब तक दवा की पूरी जानकारी के लिए मेरठ जाना पड़ता था। अब इन्हें यहीं पर भर्ती करने के बाद इलाज होगा। सेंटर का उद्घाटन डीएम राजीव शर्मा ने किया। इस दौरान उन्होंने विभाग का निरीक्षण किया और रोगियों से भी पूछताछ की। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ लोकेश चंद गुप्ता ने बताया कि टीबी के मरीजों को घर घर जाकर खोजा जा रहा है। इसके उपचार व जांच की सुविधा के सम्बंध में लोगों को जागरुक किया गया। टीबी रोगी डीआरटीबी सेंटर में ठहर जांच करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि यहां पर मरीजों के भर्ती होने की सुविधा नहीं रहेगी, लेकिन वो जांच में देर होने पर यहां पर विश्राम कर सकते हैं। इस मौके पर सीएमएस डॉ पंकज अग्रवाल, डॉ ओपी सिंह, डॉ एसके अग्रवाल, डॉ प्रवीण चोपडा, डॉ बीके ओझा, डॉ गीतांजलि वर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। टीबी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए रैली निकाली गई। वक्ताओं ने कहा कि टीबी का रोज लाइलाज नहीं है। टीबी के रोगियों को उपचार के लिए जांच और दवा के बारे में बताया गया। इसके अलावा भी अस्थायी आश्रय देने के लिए डीआरटीबी सेंटर खोला गया है। यहां पर हाई रिस्क स्तर के रोगियों को भर्ती कराकर उपचार दिया जाएगा।
टाउनहाल मैदान से जिला स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में टीबी रोग निवारण दिवस पर जनजागरण रैली का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली झांसी की रानी, शिव चौक, रुड़की रोड, नावल्टी चौराहा, अहिल्याबाई, होल्कर चौराहा होते हुए जिला चिकित्सालय परिसर में पहुंचकर समाप्त हुई। सीएमओ ने कहा कि टीबी के छह लक्षण हैं। खांसी, बुखार के अलावा अधिक कमजोरी होने पर तत्काल अस्पताल में संपर्क करें और जांच कराए। टीबी का नि:शुल्क उपचार किया जाता है। इसके बाद परिसर में टीबी के मरीजों के लिए बनाए गए डीआरटीबी सेंटर खोला गया है। यहां मल्टी ड्रग रेजीमेंट (एमडीआर) के रोगियों का उपचार किया जाएगा, जिन्हें अब तक दवा की पूरी जानकारी के लिए मेरठ जाना पड़ता था। अब इन्हें यहीं पर भर्ती करने के बाद इलाज होगा। सेंटर का उद्घाटन डीएम राजीव शर्मा ने किया। इस दौरान उन्होंने विभाग का निरीक्षण किया और रोगियों से भी पूछताछ की। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ लोकेश चंद गुप्ता ने बताया कि टीबी के मरीजों को घर घर जाकर खोजा जा रहा है। इसके उपचार व जांच की सुविधा के सम्बंध में लोगों को जागरुक किया गया। टीबी रोगी डीआरटीबी सेंटर में ठहर जांच करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि यहां पर मरीजों के भर्ती होने की सुविधा नहीं रहेगी, लेकिन वो जांच में देर होने पर यहां पर विश्राम कर सकते हैं। इस मौके पर सीएमएस डॉ पंकज अग्रवाल, डॉ ओपी सिंह, डॉ एसके अग्रवाल, डॉ प्रवीण चोपडा, डॉ बीके ओझा, डॉ गीतांजलि वर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन