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होलिकोत्सव कार्यक्रम मनाया
Updated Thu, 01 Mar 2018 11:08 PM IST
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परमात्मा पर अटूट विश्वास जरूरी
खतौली।
आर्य समाज शिवपुरी में आयोजित होलिकोत्सव कार्यक्रम में डा. नरेंद्र देव वेदालंकार ने कहा कि जो व्यक्ति ईश्वर को पूर्णत: समर्पित होता है, परमात्मा पर अटूट विश्वास होता है वह किसी से भी भयभीत नहीं होता। उन्होंने कहा कि वेदों में ज्ञान, कर्म एवं उपासना तीन प्रकार की विद्याएं हैं। कर्म भी सत्य और असत्य दो प्रकार के होते हैं। सत्कर्म जीवन को उन्नति की ओर ले जाते हैं। यज्ञ भी सतकर्म है, जो सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय के लिए होता है। इसलिए इसे संसार का श्रेष्ठतम कर्म कहा जाता है। आर्य समाज मूलत: सुधारवादी आंदोलन है। संसार का उपकार करना आर्य समाज का मुख्य उद्देश्य है। ओमदत्त आर्य ने कहा कि आर्य समाज का कार्य भ्रांतियों का निवारण करना एवं आध्यात्मिक तथा सामाजिकता के मूल्यों का मिश्रण करके मानव मात्र का हित करना है। इस दौरान मोहित शास्त्री तथा सुकीर्ति ने भजन प्रस्तुत किए। हरीशचंद, शक्ति सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। बृहस्पतिवार की सुबह सत्येंद्र आर्य के आवास पर हवन यज्ञ हुआ। वैभव आर्य, प्रणव आर्य यज्ञमान रहे। कार्यक्रम में अजेश आर्य, जगदीश सिंह, पवन कौशिक, सुशील आर्य, सुनील आर्य, दीपक आर्य, जयपाल सिंह, ऋषिपाल आर्य, अजय आर्य एडवोकेट आदि का सहयोग रहा। अध्यक्षता चौधरी मंशाराम तथा संचालन सत्येंद्र आर्य ने किया।
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खतौली।
आर्य समाज शिवपुरी में आयोजित होलिकोत्सव कार्यक्रम में डा. नरेंद्र देव वेदालंकार ने कहा कि जो व्यक्ति ईश्वर को पूर्णत: समर्पित होता है, परमात्मा पर अटूट विश्वास होता है वह किसी से भी भयभीत नहीं होता। उन्होंने कहा कि वेदों में ज्ञान, कर्म एवं उपासना तीन प्रकार की विद्याएं हैं। कर्म भी सत्य और असत्य दो प्रकार के होते हैं। सत्कर्म जीवन को उन्नति की ओर ले जाते हैं। यज्ञ भी सतकर्म है, जो सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय के लिए होता है। इसलिए इसे संसार का श्रेष्ठतम कर्म कहा जाता है। आर्य समाज मूलत: सुधारवादी आंदोलन है। संसार का उपकार करना आर्य समाज का मुख्य उद्देश्य है। ओमदत्त आर्य ने कहा कि आर्य समाज का कार्य भ्रांतियों का निवारण करना एवं आध्यात्मिक तथा सामाजिकता के मूल्यों का मिश्रण करके मानव मात्र का हित करना है। इस दौरान मोहित शास्त्री तथा सुकीर्ति ने भजन प्रस्तुत किए। हरीशचंद, शक्ति सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। बृहस्पतिवार की सुबह सत्येंद्र आर्य के आवास पर हवन यज्ञ हुआ। वैभव आर्य, प्रणव आर्य यज्ञमान रहे। कार्यक्रम में अजेश आर्य, जगदीश सिंह, पवन कौशिक, सुशील आर्य, सुनील आर्य, दीपक आर्य, जयपाल सिंह, ऋषिपाल आर्य, अजय आर्य एडवोकेट आदि का सहयोग रहा। अध्यक्षता चौधरी मंशाराम तथा संचालन सत्येंद्र आर्य ने किया।