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विचाराधीन बंदी की मौत, परिवार में मचा कोहराम
Updated Fri, 16 Feb 2018 12:41 AM IST
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मुजफ्फरनगर। जिला कारागार में बंद हत्यारोपी की अचानक मृत्यु हो गई। उसे सीने में दर्द होने पर जेल के अस्पताल से जिला चिकित्सालय रेफर किया था। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया दिया है। बंदी की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।
जिला कारागार अधिकारियों के अनुसार पुरकाजी के गांव हरिनगर निवासी सचिन (30) पुत्र जयप्रकाश हत्या के आरोप में जिला कारागार में बंद था। वह 16 मई 2016 को जेल लाया गया था। बुधवार को सचिन का ब्लड प्रेशर बढ़ऩे पर उसे जिला जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया, यहां उसे उपचार दिलाया गया। बृहस्पतिवार की सुबह अचानक फिर सचिन के सीने में तेज दर्द हुआ तो उसका चिकित्सकीय चेकअप कराया गया। बाद में उसे स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में लाया गया, जहां कुछ देर बार उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों के मुताबिक उसे साइलेंट हार्टअटैक हुआ था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। विचाराधीन बंदी की मौत से उसके परिवार में मचा है। जेलर एके सक्सेना के मुताबिक सचिन के विरुद्ध धारा 302, 420 धोखाधड़ी और 25 आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर में कार्रवाई की गई थी।
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जिला कारागार अधिकारियों के अनुसार पुरकाजी के गांव हरिनगर निवासी सचिन (30) पुत्र जयप्रकाश हत्या के आरोप में जिला कारागार में बंद था। वह 16 मई 2016 को जेल लाया गया था। बुधवार को सचिन का ब्लड प्रेशर बढ़ऩे पर उसे जिला जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया, यहां उसे उपचार दिलाया गया। बृहस्पतिवार की सुबह अचानक फिर सचिन के सीने में तेज दर्द हुआ तो उसका चिकित्सकीय चेकअप कराया गया। बाद में उसे स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में लाया गया, जहां कुछ देर बार उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों के मुताबिक उसे साइलेंट हार्टअटैक हुआ था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। विचाराधीन बंदी की मौत से उसके परिवार में मचा है। जेलर एके सक्सेना के मुताबिक सचिन के विरुद्ध धारा 302, 420 धोखाधड़ी और 25 आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर में कार्रवाई की गई थी।
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