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ध्वजा पताका आरोहण महोत्सव का शुभारंभ
Updated Sun, 21 Jan 2018 12:40 AM IST
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ध्वजा पताका महोत्सव का शुभारंभ
खतौली। मोहल्ला सराफान में स्थित जैन मंदिर में धार्मिक विधान के साथ तीन दिवसीय अखंड ध्वज पताका स्थापना महोत्सव का विधानाचार्य पंडित नरेश जैन शास्त्र हस्तिनापुर ने शुभारंभ कराया। महोत्सव का शुभारंभ योगेश जैन सराफ ने ध्वज फहराकर किया। इसके पश्चात विधान आमंत्रण का पवित्र कार्य अनिल किराना परिवार ने किया। पवित्र शास्त्र जिनवाणी को सुधा जैन ने विराजमान कराया। सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य अंकित, रीतू को प्राप्त हुआ। कुबेर इंद्र मुकुल, करुणा जैन बने। प्रमोद, राहुल व अभय ने भी इंद्र के रूप में पूजा की। यज्ञनायक अनिल जैन सराफ बने। मुख्य मंगल स्थापना अरुण व सुनीता ने की। धर्मसभा में डॉ. ज्योति जैन व पंडित नरेश शास्त्री ने कहा कि आत्म ज्ञान प्राप्त कर जीवन को प्रकाशमय बनाया जा सकता है। चित्त की निर्मलता ही सच्चा धर्म है। हमें परिणामों में समता लानी है। संस्कारों के द्वारा ही संस्कृति सुरक्षित रहती है। समाज के चतुर्मुखी विकास में मार्गदर्शन जरूरी है। जीवन में अहिंसा के सिद्धांत का पालन करना है। रविवार की सुबह घटयात्रा निकाली जाएगी। शीलचंद, सतेंद्र, नवीनतार, अतुल, विपुल, सुनील सर्राफ, सुशील, हितेष, डीके जैन, देवेंद्र, सुभाष, सचिन, आलोक, राजीव, नरेंद्र, कल्पेंद्र, पंकज, अशोक सर्राफ, निर्दोष, धनेंद्र, पतेंद्र, विनोद प्रवक्ता, रामकुमार, सुदेश, सुनील ठेकेदार, दीपक, जयभगवान, मुकेश एडवोकेट, अनुपम आढ़ती, दीपक, रवि, सिद्धार्थ, हंसकुमार, नीरज जैन प्रवक्ता आदि उपस्थित रहे।
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खतौली। मोहल्ला सराफान में स्थित जैन मंदिर में धार्मिक विधान के साथ तीन दिवसीय अखंड ध्वज पताका स्थापना महोत्सव का विधानाचार्य पंडित नरेश जैन शास्त्र हस्तिनापुर ने शुभारंभ कराया। महोत्सव का शुभारंभ योगेश जैन सराफ ने ध्वज फहराकर किया। इसके पश्चात विधान आमंत्रण का पवित्र कार्य अनिल किराना परिवार ने किया। पवित्र शास्त्र जिनवाणी को सुधा जैन ने विराजमान कराया। सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य अंकित, रीतू को प्राप्त हुआ। कुबेर इंद्र मुकुल, करुणा जैन बने। प्रमोद, राहुल व अभय ने भी इंद्र के रूप में पूजा की। यज्ञनायक अनिल जैन सराफ बने। मुख्य मंगल स्थापना अरुण व सुनीता ने की। धर्मसभा में डॉ. ज्योति जैन व पंडित नरेश शास्त्री ने कहा कि आत्म ज्ञान प्राप्त कर जीवन को प्रकाशमय बनाया जा सकता है। चित्त की निर्मलता ही सच्चा धर्म है। हमें परिणामों में समता लानी है। संस्कारों के द्वारा ही संस्कृति सुरक्षित रहती है। समाज के चतुर्मुखी विकास में मार्गदर्शन जरूरी है। जीवन में अहिंसा के सिद्धांत का पालन करना है। रविवार की सुबह घटयात्रा निकाली जाएगी। शीलचंद, सतेंद्र, नवीनतार, अतुल, विपुल, सुनील सर्राफ, सुशील, हितेष, डीके जैन, देवेंद्र, सुभाष, सचिन, आलोक, राजीव, नरेंद्र, कल्पेंद्र, पंकज, अशोक सर्राफ, निर्दोष, धनेंद्र, पतेंद्र, विनोद प्रवक्ता, रामकुमार, सुदेश, सुनील ठेकेदार, दीपक, जयभगवान, मुकेश एडवोकेट, अनुपम आढ़ती, दीपक, रवि, सिद्धार्थ, हंसकुमार, नीरज जैन प्रवक्ता आदि उपस्थित रहे।