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बकाएदार, उसके साथियों ने बैंक कर्मियों को पीटा
Updated Sun, 24 Dec 2017 12:14 AM IST
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बकायेदार और उसके समर्थकों ने बैंककर्मियों को पीटा
सिखेड़ा। बकायेदार किसान से ऋण का पैसा वसूलना बैंककर्मियों को महंगा पड़ गया। बकाएदार और उसके साथियों ने बैंक कर्मियों के साथ मारपीट कर दी। बैंककर्मियों ने आरोपियों के चंगुल से भागकर अपनी जान बचाई। बैंक कर्मियों का आरोप है कि आरोपियों ने उनको कमरे में बंधक बनाकर पीटा। आरोपियों के विरुद्ध पुलिस को तहरीर दे दी गई है।
सिखेड़ा के किसान रवि पुत्र रणवीर सिंह ने जानसठ भूमि विकास बैंक से कई वर्ष पूर्व दो लाख रुपये का ऋण लिया था। ऋण चुकता करने की समय अवधि भी समाप्त हो चुकी है। बैंक कर्मचारी किसान को लगातार ऋण जमा करने के लिए नोटिस भी भेज रहे थे। इसके बावजूद बकायेदार किसान ने बैंक का ऋण जमा नहीं किया था। बैंक की ओर से समाचार पत्र में बकाएदार किसानों की सूची प्रकाशित कराई गई थी। उस प्रकाशित सूची में किसान रवि का भी नाम शामिल था। शासनादेश के अनुपालन में शनिवार को दोपहर शाखा प्रबंधक राजेश अर्गन अपने साथ फील्ड ऑफिसर सुहेल जैदी, क्लर्क राशिद व मुकेश को साथ लेकर गांव सिखेड़ा में ऋण की रकम वसूलने के लिए किसान रवि के घर पहुंचे। बैंक कर्मियों ने ऋण के पैसे जमा करने को कहा, तो किसान ने गालीगलौज करनी शुरू कर दी। बकाएदार किसान रवि का कहना था कि समाचार पत्र में उसका नाम छपवाने से उसकी समाज और गांव में उसकी बेइज्जती हुई है। इसलिए वह किसी कीमत पर पैसा जमा नहीं करेगा। रवि ने फोन कर अपने साथियों को बुलवा लिया। रवि और उसके साथियों ने बैंक कर्मियों के साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। बैंककर्मियों ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई। बैंक कर्मी भागकर सीधे थाना सिखेड़ा पहुंचे। शाखा प्रबंधक ने आरोपी किसान रवि व उसके अज्ञात तीन-चार साथियों के विरुद्ध पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर लेकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
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सिखेड़ा। बकायेदार किसान से ऋण का पैसा वसूलना बैंककर्मियों को महंगा पड़ गया। बकाएदार और उसके साथियों ने बैंक कर्मियों के साथ मारपीट कर दी। बैंककर्मियों ने आरोपियों के चंगुल से भागकर अपनी जान बचाई। बैंक कर्मियों का आरोप है कि आरोपियों ने उनको कमरे में बंधक बनाकर पीटा। आरोपियों के विरुद्ध पुलिस को तहरीर दे दी गई है।
सिखेड़ा के किसान रवि पुत्र रणवीर सिंह ने जानसठ भूमि विकास बैंक से कई वर्ष पूर्व दो लाख रुपये का ऋण लिया था। ऋण चुकता करने की समय अवधि भी समाप्त हो चुकी है। बैंक कर्मचारी किसान को लगातार ऋण जमा करने के लिए नोटिस भी भेज रहे थे। इसके बावजूद बकायेदार किसान ने बैंक का ऋण जमा नहीं किया था। बैंक की ओर से समाचार पत्र में बकाएदार किसानों की सूची प्रकाशित कराई गई थी। उस प्रकाशित सूची में किसान रवि का भी नाम शामिल था। शासनादेश के अनुपालन में शनिवार को दोपहर शाखा प्रबंधक राजेश अर्गन अपने साथ फील्ड ऑफिसर सुहेल जैदी, क्लर्क राशिद व मुकेश को साथ लेकर गांव सिखेड़ा में ऋण की रकम वसूलने के लिए किसान रवि के घर पहुंचे। बैंक कर्मियों ने ऋण के पैसे जमा करने को कहा, तो किसान ने गालीगलौज करनी शुरू कर दी। बकाएदार किसान रवि का कहना था कि समाचार पत्र में उसका नाम छपवाने से उसकी समाज और गांव में उसकी बेइज्जती हुई है। इसलिए वह किसी कीमत पर पैसा जमा नहीं करेगा। रवि ने फोन कर अपने साथियों को बुलवा लिया। रवि और उसके साथियों ने बैंक कर्मियों के साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। बैंककर्मियों ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई। बैंक कर्मी भागकर सीधे थाना सिखेड़ा पहुंचे। शाखा प्रबंधक ने आरोपी किसान रवि व उसके अज्ञात तीन-चार साथियों के विरुद्ध पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर लेकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
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