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सहकारी बैंक को एक वर्ष में छह करोड़ का लाभ
Updated Sun, 10 Sep 2017 12:47 AM IST
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मुजफ्फरनगर। जिला सहकारी बैंक ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश के अधिकांश सहकारी बैंक जहां घाटे में चल रहे हैं, वहीं जिला सहकारी बैंक ने वित्तीय वर्ष 2016-17 में छह करोड़ छह लाख का शुद्ध लाभ कमाया है। जिला सहकारी बैंक के सभागार में पत्रकारों से वार्ता में चेयरमैन अशोक कुमार ने बताया कि इस समय बैंक की 44 शाखाएं और 97 प्रारंभिक कृषि ऋण सहकारी समितियां कार्यरत हैं। बैंक को पांच नई शाखाओं की स्वीकृति मिल गई है। ये शाखाएं जसोई, भंगेला, तावली, रामपुर तिराहा और एलम में खुलेंगी। सहकारी बैंक जिले के 90 वर्षों से किसानों की सेवा कर रहा है। बैंक ने मोरना, टिकौला, मंसूरपुर, स्योहारा और रजपूरा चीनी मिलों को कन्सोर्टियम व्यवस्था के अंतर्गत 320 करोड़ गन्ना भुगतान के लिए दे रखे हैं। 2003 से बैंक कंप्यूटरीकृत हैं। आरटीजीएस, एनईएफटी, अंतर शाखा लेनदेन, डीबीटीएल सब्सिडी, बैंक ग्राहकों को चिप आधारित एटीएम उपलब्ध कराए जा रहे हैं। नाबार्ड की बेस्ट परफोरमेंस स्कीम में लगातार तीन साल बैंक को देश में पहला स्थान मिल चुका है। हाल ही में प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी सहकारी बैंकों का सर्वे कराया है, जिसमें प्रदेश में जिले के बैंक को पहला स्थान मिला है। दीनदयाल उपाध्याय पुरस्कार योजना के अंतर्गत बैंक को पुरस्कृत किया जाएगा। मौके पर दल सिंह वर्मा, संचालक ठाकुर सोमवीर सिंह, प्रदीप कुमार, वेदपाल सिंह, सोमपाल सिंह, गौतम सिंह, कुलदीपक सिंह आदि मौजूद रहे।
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