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कर्मचारियों के समूह बनाकर होगी शहर की सफाई
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कर्मचारियों के समूह बनाकर होगी शहर की सफाई
मुजफ्फरनगर। नगर की सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होते रहते हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण में भी नगर पालिका को कोई स्थान नहीं मिला। सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए जिला प्रशासन और नगर पालिका नए कदम उठाने जा रही है। सफाई कर्मचारियों को पूरे शहर में एक साथ काम पर न लगाकर समूह बनाकर सफाई कराई जाएगी। इसके लिए रोस्टर तैयार किया जा रहा है।
करीब चार लाख की आबादी वाले मुजफ्फरनगर शहर में नगर पालिका के करीब सात सौ सफाई कर्मचारी काम करते हैं। कुछ माह पहले तक एटूजेड कंपनी के कर्मचारी घरों से कूड़ा कलेक्शन करते थे। डलावघरों से कूड़ा उठाकर किदवईनगर के प्लांट में ले जाया जाता था और वहां उसका निस्तारण किया जाता है। एटूजेड के काम बंद कर देने से नगर पालिका को ही अपने संसाधनों से कूड़ा उठाना पड़ रहा है। इससे स्थिति और खराब हो गई है। नगर में सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए डीएम अजय शंकर पांडेय ने सफाई कर्मचारियों का समूह बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। पूरे शहर में एक साथ सफाई करने के बजाय कर्मचारियों के समूह चिह्नित किए गए स्थान पर जाकर सफाई करेंगे। इस तरह अलग-अलग दिन अलग-अलग स्थानों पर काम किया जाएगा। इससे शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
तैयार किया जा रहा रोस्टर
नगर पालिका के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. रविंद्र राठी का कहना है कि सफाई कर्मचारियों का समूह बनाया जा रहा है। इसके अलावा कार्य के लिए रोस्टर भी तैयार हो रहा है। प्रत्येक दिन किसी एक क्षेत्र को चुना जाएगा। मसलन किसी दिन मीनाक्षी चौक से शिव चौक तक का क्षेत्र लिया जाएगा तो किसी दिन रुड़की रोड पर जिला अस्पताल तक का क्षेत्र चिह्नित कर सफाई कार्य किया जाएगा।
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मुजफ्फरनगर। नगर की सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होते रहते हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण में भी नगर पालिका को कोई स्थान नहीं मिला। सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए जिला प्रशासन और नगर पालिका नए कदम उठाने जा रही है। सफाई कर्मचारियों को पूरे शहर में एक साथ काम पर न लगाकर समूह बनाकर सफाई कराई जाएगी। इसके लिए रोस्टर तैयार किया जा रहा है।
करीब चार लाख की आबादी वाले मुजफ्फरनगर शहर में नगर पालिका के करीब सात सौ सफाई कर्मचारी काम करते हैं। कुछ माह पहले तक एटूजेड कंपनी के कर्मचारी घरों से कूड़ा कलेक्शन करते थे। डलावघरों से कूड़ा उठाकर किदवईनगर के प्लांट में ले जाया जाता था और वहां उसका निस्तारण किया जाता है। एटूजेड के काम बंद कर देने से नगर पालिका को ही अपने संसाधनों से कूड़ा उठाना पड़ रहा है। इससे स्थिति और खराब हो गई है। नगर में सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए डीएम अजय शंकर पांडेय ने सफाई कर्मचारियों का समूह बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। पूरे शहर में एक साथ सफाई करने के बजाय कर्मचारियों के समूह चिह्नित किए गए स्थान पर जाकर सफाई करेंगे। इस तरह अलग-अलग दिन अलग-अलग स्थानों पर काम किया जाएगा। इससे शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
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तैयार किया जा रहा रोस्टर
नगर पालिका के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. रविंद्र राठी का कहना है कि सफाई कर्मचारियों का समूह बनाया जा रहा है। इसके अलावा कार्य के लिए रोस्टर भी तैयार हो रहा है। प्रत्येक दिन किसी एक क्षेत्र को चुना जाएगा। मसलन किसी दिन मीनाक्षी चौक से शिव चौक तक का क्षेत्र लिया जाएगा तो किसी दिन रुड़की रोड पर जिला अस्पताल तक का क्षेत्र चिह्नित कर सफाई कार्य किया जाएगा।
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