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राग ताल की जुगलबंदी से बांधा समा
Updated Mon, 20 Aug 2018 12:08 AM IST
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बाल कलाकारों ने राग-ताल की जुगलबंदी से रिझाया
मुजफ्फरनगर। संगीत सरिता के निर्देशन में आयोजित ताल-स्वर मंथन कार्यक्रम में बाल कलाकारों ने राग और ताल के साथ अपनी प्रतिभा दिखाई। राग से रोगों का निदान विषय पर संगीतज्ञों ने स्वस्थ जीवन में संगीत का महत्व बताया। इलाहाबाद से आए वरिष्ठ संगीतज्ञ विपिन किशोर श्रीवास्तव एवं सहारनपुर से पंडित ओमकार नाथ मिश्रा का अभिनंदन किया गया।
भोपा रोड स्थित एक बैंक्वेट हाल में हुए कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्षा आंचल ने किया। मुख्य अतिथि एसपी ट्रैफिक बीबी चौरसिया ने कहा कि वैदिक काल से संगीत की विशिष्टता रही है। कला, गीत और संगीत की जीवन में अहम जरूरत है। भारत की संगीत कला ने विश्व को दिशा दी है। संयोजक दलीप कुमार मिश्रा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। प्रणव ने राग पूर्वी में एक छोटा ख्याल और तराना पेश किया। तबले पर तीन ताल में पेशकारा और कायदा प्रस्तुति में निलेश ने वाहवाही पाई। निधि ने वंदेमातरम गाया। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शोधार्थी निर्मल यदुवंशी ने तबला वादन से श्रोताओं को उल्लासित कर दिया। टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एनके अरोरा ने अतिथि संगीतज्ञों के प्रति आभार जताया। इलाहाबाद से आए गुरुदेव विपिन कुमार श्रीवास्तव और पंडित ओमकार नाथ मिश्र की संगीत क्षेत्र में अमूल्य सेवाओं के लिए संगीत सरिता म्यूजिक केंद्र की ओर से उन्हें सम्मानित किया गया। राकेश राठी, डॉ आरके सिंह, अर्जुन तोमर, विरेंद्र सैनी, डॉ शिवानी लाल आदि ने विचार रखे। इस मौके पर अमित शर्मा, संदीप भारद्वाज, आशीष कौशिक, आजाद सिंह, रजत, अनुज गौतम आदि का सहयोग रहा। अध्यक्षता आंचल और संचालन स्वदेश कौशिक ने किया।
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मुजफ्फरनगर। संगीत सरिता के निर्देशन में आयोजित ताल-स्वर मंथन कार्यक्रम में बाल कलाकारों ने राग और ताल के साथ अपनी प्रतिभा दिखाई। राग से रोगों का निदान विषय पर संगीतज्ञों ने स्वस्थ जीवन में संगीत का महत्व बताया। इलाहाबाद से आए वरिष्ठ संगीतज्ञ विपिन किशोर श्रीवास्तव एवं सहारनपुर से पंडित ओमकार नाथ मिश्रा का अभिनंदन किया गया।
भोपा रोड स्थित एक बैंक्वेट हाल में हुए कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्षा आंचल ने किया। मुख्य अतिथि एसपी ट्रैफिक बीबी चौरसिया ने कहा कि वैदिक काल से संगीत की विशिष्टता रही है। कला, गीत और संगीत की जीवन में अहम जरूरत है। भारत की संगीत कला ने विश्व को दिशा दी है। संयोजक दलीप कुमार मिश्रा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। प्रणव ने राग पूर्वी में एक छोटा ख्याल और तराना पेश किया। तबले पर तीन ताल में पेशकारा और कायदा प्रस्तुति में निलेश ने वाहवाही पाई। निधि ने वंदेमातरम गाया। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शोधार्थी निर्मल यदुवंशी ने तबला वादन से श्रोताओं को उल्लासित कर दिया। टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एनके अरोरा ने अतिथि संगीतज्ञों के प्रति आभार जताया। इलाहाबाद से आए गुरुदेव विपिन कुमार श्रीवास्तव और पंडित ओमकार नाथ मिश्र की संगीत क्षेत्र में अमूल्य सेवाओं के लिए संगीत सरिता म्यूजिक केंद्र की ओर से उन्हें सम्मानित किया गया। राकेश राठी, डॉ आरके सिंह, अर्जुन तोमर, विरेंद्र सैनी, डॉ शिवानी लाल आदि ने विचार रखे। इस मौके पर अमित शर्मा, संदीप भारद्वाज, आशीष कौशिक, आजाद सिंह, रजत, अनुज गौतम आदि का सहयोग रहा। अध्यक्षता आंचल और संचालन स्वदेश कौशिक ने किया।
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