{"_id":"5b5f5c714f1c1ba61f8b6024","slug":"101532976241-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाकियू का मंसूरपुर शुगर मिल में नहीं हुआ धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाकियू का मंसूरपुर शुगर मिल में नहीं हुआ धरना
Updated Tue, 31 Jul 2018 12:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाकियू का मंसूरपुर शुगर मिल में नहीं हुआ धरना
मंसूरपुर। भाकियू द्वारा किसानों के गन्ने का भुगतान ब्याज सहित करने की मांग को लेकर पूर्व में प्रस्तावित प्रदेश की चीनी मिलों के गेटों अथवा गन्ना समितियों में सोमवार को धरना प्रदर्शन किया गया, लेकिन मंसूरपुर शुगर मिल और गन्ना समिति में कोई धरना प्रदर्शन नहीं हुआ। भाकियू का एक भी कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन के लिए नहीं पहुंच सका। जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने यूनियन हाईकमान को इस बारे में अवगत करा दिया है। मंसूरपुर क्षेत्र भाकियू का गढ़ माना जाता है। यहां पर समय समय पर किसानों के गन्ने के मुद्दे को लेकर बड़े आंदोलन होते रहे हैं। भाकियू की आवाज पर कभी भी यहां पर रणसिंघा बज उठता था। संगठन के जिलाध्यक्ष राजू अहलावत का कहना है कि भाकियू के गढ़ मंसूरपुर में यूनियन की घोषणा के बावजूद धरना प्रदर्शन न होना चिंता का विषय है। पूरी स्थिति से यूनियन हाईकमान को अवगत करा दिया गया है। हाईकमान इसकी समीक्षा करेगी की घोषणा के बावजूद धरना प्रदर्शन क्यों नहीं हुआ।
विज्ञापन
मंसूरपुर। भाकियू द्वारा किसानों के गन्ने का भुगतान ब्याज सहित करने की मांग को लेकर पूर्व में प्रस्तावित प्रदेश की चीनी मिलों के गेटों अथवा गन्ना समितियों में सोमवार को धरना प्रदर्शन किया गया, लेकिन मंसूरपुर शुगर मिल और गन्ना समिति में कोई धरना प्रदर्शन नहीं हुआ। भाकियू का एक भी कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन के लिए नहीं पहुंच सका। जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने यूनियन हाईकमान को इस बारे में अवगत करा दिया है। मंसूरपुर क्षेत्र भाकियू का गढ़ माना जाता है। यहां पर समय समय पर किसानों के गन्ने के मुद्दे को लेकर बड़े आंदोलन होते रहे हैं। भाकियू की आवाज पर कभी भी यहां पर रणसिंघा बज उठता था। संगठन के जिलाध्यक्ष राजू अहलावत का कहना है कि भाकियू के गढ़ मंसूरपुर में यूनियन की घोषणा के बावजूद धरना प्रदर्शन न होना चिंता का विषय है। पूरी स्थिति से यूनियन हाईकमान को अवगत करा दिया गया है। हाईकमान इसकी समीक्षा करेगी की घोषणा के बावजूद धरना प्रदर्शन क्यों नहीं हुआ।