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55 करोड़ में आईपीएल ने खरीदी थी रोहाना मिल
Updated Tue, 08 May 2018 12:28 AM IST
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मुजफ्फरनगर। सीबीआई जांच के घेरे में रोहाना चीनी मिल को मायावती सरकार ने 55 करोड़ में आईपीएल को बेच दिया था। रोहाना चीनी मिल की स्थापना 1933 में पंजाब के सरदार श्याम सिंह ने की थी। 1982 में किसानों का भुगतान नहीं करने पर सरकार ने इसे अधिग्रहित कर लिया था।
रोहाना चीनी मिल का शुभारंभ अंग्रेजी शासन काल में पंजाब के सरदार श्याम सिंह ने किया था और इसका नाम जी अमृतसर शूगर मिल्स रोहाना कलां था। लगातार 49 साल तक इसी परिवार ने मिल को चलाया। 1982 में आर्थिक तंगी के कारण मिल किसानों का पैसा नहीं दे पाई। इसके चलते प्रदेश सरकार ने चीनी मिल को अधिग्रहित कर लिया। उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम को मिल के संचालन की जिम्मेदारी दी गई। नौ मई 1990 को मिल के विस्तारीकरण के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने 25 करोड़ जारी किए। सुमैक कंपनी को विस्तारीकरण की जिम्मेदारी दी गई।
चार दीवारी आदि का निर्माण हुआ, मगर मशीनें नहीं लगी थी। 2010 तक प्रदेश सरकार ने ही इस चीनी मिल का संचालन किया। 2010 में मुख्यमंत्री मायावती के शासन काल में इस चीनी मिल को मात्र 55 करोड़ में आईपीएल को बेच दिया गया था। पेराई क्षमता 13 हजार से 17 हजार कुंतल प्रतिदिन की गई। आईपीएल कंपनी में भारत सरकार का शेयर भी है। मामले की सीबीआई जांच शुरु हो जाने से आईपीएल भी जांच के घेरे में आ गई है।
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रोहाना चीनी मिल का शुभारंभ अंग्रेजी शासन काल में पंजाब के सरदार श्याम सिंह ने किया था और इसका नाम जी अमृतसर शूगर मिल्स रोहाना कलां था। लगातार 49 साल तक इसी परिवार ने मिल को चलाया। 1982 में आर्थिक तंगी के कारण मिल किसानों का पैसा नहीं दे पाई। इसके चलते प्रदेश सरकार ने चीनी मिल को अधिग्रहित कर लिया। उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम को मिल के संचालन की जिम्मेदारी दी गई। नौ मई 1990 को मिल के विस्तारीकरण के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने 25 करोड़ जारी किए। सुमैक कंपनी को विस्तारीकरण की जिम्मेदारी दी गई।
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चार दीवारी आदि का निर्माण हुआ, मगर मशीनें नहीं लगी थी। 2010 तक प्रदेश सरकार ने ही इस चीनी मिल का संचालन किया। 2010 में मुख्यमंत्री मायावती के शासन काल में इस चीनी मिल को मात्र 55 करोड़ में आईपीएल को बेच दिया गया था। पेराई क्षमता 13 हजार से 17 हजार कुंतल प्रतिदिन की गई। आईपीएल कंपनी में भारत सरकार का शेयर भी है। मामले की सीबीआई जांच शुरु हो जाने से आईपीएल भी जांच के घेरे में आ गई है।
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