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बसपा को छोड़ सभी दलों में बगावत
Updated Wed, 08 Nov 2017 12:34 AM IST
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बसपा को छोड़ सभी दलों में बगावत
खतौली (मुजफ्फरनगर)।
निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद के टिकट के लिए मारामारी मची हुई है। भाजपा, सपा और कांग्रेस में बगावत हो शुरू गई है। विरोधी खेमों ने इन तीनों दलों से अपने-अपने निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतार दिए हैं। बसपा ही महज ऐसी पार्टी है, जिसके टिकट को लेकर विरोध नहीं हुआ है। विरोधी खेमों ने चुनाव को लेकर कमर कस ली है।
भाजपा ने निवर्तमान चेयरमैन पारस जैन की मां रितु जैन को प्रत्याशी घोषित किया है। इस बार खतौली नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए महिला सीट आरक्षित हुई है। भाजपा से 11-12 कार्यकर्ता टिकट की लाइन में थे। भाजपा से रितु जैन को टिकट देने से पार्टी में बगावत शुरू हो गई। भाजपा से टिकट मांगने वाले सुधीर गोयल, विनीत ठाकुर आदि ने खुलकर मदन छाबड़ा को समर्थन करते हुए उनकी पत्नी अनीता छाबड़ा को निर्दलीय के रूप में नामांकन पत्र भरवा दिया है। मदन छाबड़ा भी भाजपा से टिकट मांगने वालों में प्रबल दावेदारों में रहे। सपा ने भी जमील अहमद की पत्नी बिलकिस को प्रत्याशी बनाया है। टिकट को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में विरोध शुरू हो गया। सपा के नगराध्यक्ष जमशेद मलिक अपनी पत्नी के लिए टिकट मांग रहे थे। जमशेद मलिक ने पार्टी से बगावत करते हुए मंगलवार को कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर अपनी पत्नी इकरा मलिक का नामांकन पत्र दाखिल करवा दिया।
इसके अलावा कांग्रेस से हाईकमान द्वारा इकबाल अहमद की पत्नी मोबीना का टिकट घोषित कर दिया था। बाद में पार्टी ने उनका टिकट काटकर इजहार अहमद की पत्नी अनीस फात्मा को प्रत्याशी घोषित कर दिया। कांग्रेस में भी टिकट के लिए बगावत है। मंगलवार को कांग्रेस के टिकट के विरोध में इकबाल अहमद ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपनी पत्नी मोबीना का नामांकन पत्र जमा करा दिया। इस तरह से भाजपा, सपा और कांग्रेस में टिकट देने को लेकर कार्यकर्ता अलग-अलग खेमों में बंट गए हैं, जबकि बसपा में टिकट को लेकर कोई विरोध नहीं हुआ है। बसपा से जावेद की पत्नी हज्जन इश्मत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रही हैं।
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खतौली (मुजफ्फरनगर)।
निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद के टिकट के लिए मारामारी मची हुई है। भाजपा, सपा और कांग्रेस में बगावत हो शुरू गई है। विरोधी खेमों ने इन तीनों दलों से अपने-अपने निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतार दिए हैं। बसपा ही महज ऐसी पार्टी है, जिसके टिकट को लेकर विरोध नहीं हुआ है। विरोधी खेमों ने चुनाव को लेकर कमर कस ली है।
भाजपा ने निवर्तमान चेयरमैन पारस जैन की मां रितु जैन को प्रत्याशी घोषित किया है। इस बार खतौली नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए महिला सीट आरक्षित हुई है। भाजपा से 11-12 कार्यकर्ता टिकट की लाइन में थे। भाजपा से रितु जैन को टिकट देने से पार्टी में बगावत शुरू हो गई। भाजपा से टिकट मांगने वाले सुधीर गोयल, विनीत ठाकुर आदि ने खुलकर मदन छाबड़ा को समर्थन करते हुए उनकी पत्नी अनीता छाबड़ा को निर्दलीय के रूप में नामांकन पत्र भरवा दिया है। मदन छाबड़ा भी भाजपा से टिकट मांगने वालों में प्रबल दावेदारों में रहे। सपा ने भी जमील अहमद की पत्नी बिलकिस को प्रत्याशी बनाया है। टिकट को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में विरोध शुरू हो गया। सपा के नगराध्यक्ष जमशेद मलिक अपनी पत्नी के लिए टिकट मांग रहे थे। जमशेद मलिक ने पार्टी से बगावत करते हुए मंगलवार को कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर अपनी पत्नी इकरा मलिक का नामांकन पत्र दाखिल करवा दिया।
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इसके अलावा कांग्रेस से हाईकमान द्वारा इकबाल अहमद की पत्नी मोबीना का टिकट घोषित कर दिया था। बाद में पार्टी ने उनका टिकट काटकर इजहार अहमद की पत्नी अनीस फात्मा को प्रत्याशी घोषित कर दिया। कांग्रेस में भी टिकट के लिए बगावत है। मंगलवार को कांग्रेस के टिकट के विरोध में इकबाल अहमद ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपनी पत्नी मोबीना का नामांकन पत्र जमा करा दिया। इस तरह से भाजपा, सपा और कांग्रेस में टिकट देने को लेकर कार्यकर्ता अलग-अलग खेमों में बंट गए हैं, जबकि बसपा में टिकट को लेकर कोई विरोध नहीं हुआ है। बसपा से जावेद की पत्नी हज्जन इश्मत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रही हैं।
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